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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, November 18, 2013

विजय बहुगुणा अर रीता जोशी मध्य छ्वीं :राजकुमारौ सभाउं मा भीड़ कम किलै च


                                         चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती 

     
(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
ब्याळि दिन दुफराम मीन सुपिनमा विजय बहुगुणा अर रीता बहुगुणा जोशी छ्वीं लगांद देखिन।  

विजय बहुगुणा -भुलि ! क्या हाल छन ?
रीता जोशी - भैजि ! क्या बतौँ भौत बुरा हाल छन । ये नरेंद्र मोदी अर केजरीवालन निंद हराम करीं च। 
विजय बहुगुणा- बहना ! हम तोरे हाल पूछत हैं राजकुमार जी का नाहीं 
रीता जोशी -वो ही तो राजकुमार जी को नींद ना आवत हो तो हम कॉंग्रेसी प्रवक्ताओं का कइसा नींद आवे भइया ?
विजय बहुगुणा-हां तौन बात तो सही होइ।  पण अजकाल राजकुमार जी तैं जादा क्या परेशानी च ?
रीता जोशी - भैजि !  एक औसंद (परेशानी ) ह्वावो तो बतौँ !
विजय बहुगुणा-पण फिर बि ?
रीता जोशी -अब शब्दों खिलाड़ी नरेंद्र मोदी तैं पटकनी दीणौ चक्कर मा भाषण लिखण वाळ कुछ लिखदन त राजकुमार जी जोश मा कुछ हौरि बोल जांदन। 
विजय बहुगुणा-हां वु परसि -नितरसि मध्य प्रदेश मा भाजपा वाळो तैं पुछिक  ऐ गेन कि हम जु पैसा भिजदां वांक क्या ह्वाइ ?
रीता जोशी -अर जोश जोश मा छतीस गढ़ मा बोलिक ऐ गेन कि भजापा वाळ चोर छन। 
विजय बहुगुणा-हां मीन टीवी मा देख। 
रीता जोशी -भैजि ये त आफत च , हरेक टीवी चैनेल वाळ पुछणा रैन कि पैसा त केंद्रीय सरकार या जनता को च ; राहुल गांधी को थुका च। 
विजय बहुगुणा-हां बड़बोला नरेंद्र मोदी त मध्य प्रदेश मा बोलिक ऐ गए बल शहजादा जी पैसा आपके मामा का है क्या ?
रीता जोशी -भाषण राजकुमार जी दींदन अर हम प्रवक्ताओं तैं एक्सप्लेन करण पोड़द। अब ब्याळि बिटेन एक नई मुसीबत खड़ी हुईं च। 
विजय बहुगुणा-क्या ? बहिना कौनो नई मुसीबत ?
रीता जोशी -अरे वही पुरानी मुसीबत ! राजकुमार जीक जन सभाओं मा जनता क भीड़ कम दुनाळि बंदूक वाळ जादा ! 
विजय बहुगुणा-पण इ हाल त तब बि छा जब तु उत्तर प्रदेश कॉंगेसौ  अध्यक्ष छे । राजकुमार की सभा मा गौण -गाणिक चार हजार लोग बि नि आंद छा।  
रीता जोशी -भैजि तब लाल कृष्ण अडवाणी या सुषमा सुराज की सभाओं मा बि त भीड़ नि आंद छे।  अब पता नि कि क्या ह्वे धौं ! नरेंद्र मोदी क बात त जाणि द्यावो ! क्वी बि भाजपा कार्यकर्ता रस्ता मा खड़ु ह्वे जांद त हजार चार हजार लोग सुदि खड़ ह्वे जांदन
विजय बहुगुणा-वी त हाल इक बि छन।  मि तैं टीरी मा साकेत की जन सभाओं मां भीड़ दिखाणो  बान इख बिटेन लोग भिजण पड़दन।  
रीता जोशी -अर यि निरदयी पत्रकार खुलेआम बोलि दिंदन बल राहुल गांधी की लोकप्रियता कम होणि च त जनता राहुल जीक सभा मा नि आंदन , बड़ी मुश्किल ह्वे जांद लाइव टीवी प्रोग्राम मा पत्रकारों तै समझाणो कि भारत मा एकी लोकप्रिय नेता छन अर वो छन श्री राहुल जी। 
विजय बहुगुणा-पण यी पत्रकार मानद कख छन।  उलटां विश्लेषण करण मिसे जांदन। 
रीता जोशी -हाँ भैजि ! पता च  एक समाज शास्त्री त वै दिन क्या छौ बुलणु? 
विजय बहुगुणा-क्या ?
रीता जोशी -बल राजनीति मा चूंकि वंशवाद ऐ गे तो भूतपूर्व या वर्तमान नेताओं का बेटी -बेटा नेताउं की  फ़ौज अवश्य  खड़ी ह्वे ग्याइ पण अब भीड़ जुटाण वाळ भक्त कार्यकर्ताउं हरचंत ह्वे ग्याइ।  अब वंशवाद का कारण पार्ट्यु मा पार्टी प्रेमी  कार्यकर्ता जनम ही नि लीणा छन। 
विजय बहुगुणा-भूलि यि विश्लेषक सही बुलणा छन।  पता च म्यार पैथर टिहरी का कॉंग्रेसी नेता क्या बुलणा रौंदन ? 
रीता जोशी -क्या भैजि ?
विजय बहुगुणा-बुलणा रौंदन बल जब विधान सभा अर लोक सभा का टिकेट भूतपूर्व नेताओंक बेटी -बेटाउं तैं इ मिलण त पार्टी बान मेहनत किलै करण ?
रीता जोशी -निरदयी कार्यकर्ता ! असुण्या कार्यकर्ता ! अरे हमर बुबाउंन खेती लगाइ त खेती हमि काटला कि ना ? इन थुका हूंद कि मुर्गी अंडा द्यावो  अर फकीर ऑमलेट खावो !
विजय बहुगुणा-हां पण इ कार्यकर्ता समझदा इ नि छन कि इं  जागीर पर सिरफ अर सिरफ नेता पुत्रों को ही हक च। 
रीता जोशी -पता नी  यूं कार्यकर्ताओं आत्मा कब जागलि धौं ! कि पार्टी भक्ति बि क्वी चीज च ! पार्टी प्रेम बि कुछ हूंद।
विजय बहुगुणा-एक मिनट बहना।  म्यार प्राइवेट सेक्रेटरीक फोन च।  हाँ ब्वालो सक्रेटरी ! क्या हड़क सिंह जी हरीश रावत जी से मिलणो दिल्ली जाणा छन ? तो सेक्रेटरी ! तुम मेरि मीटिंग हाई कमांड से करवाओ। बहना मि स्याम दै दिल्ली आणु छौं 
रीता जोशी -पण अबि त सुबेर तुम दिल्ली से देहरादून अवाँ अर फिर स्याम दैं दिल्ली ?
विजय बहुगुणा-क्या बताउं ! परसि रात उत्तराखंड कॉंग्रेस का चार विधायक हाई कमांड का बड़ा नेता से मिलेन त पता लगाणो दिल्ली आण पोड़ कि कखि म्यार पत्ता साफ़ त नी होणु च ? 
रीता जोशी -एक मिनट ! एक मिनट ! SMS अयूं च कि राहुल जीन एक हैंक आपत्तिजनक भाषण दे दे।  मि पत्रकार समेलन मा पत्रकारुं तैं बौगाणो जाणु छौं।   
विजय बहुगुणा - अच्छा ! म्यार प्रिय भणजु मयंक का क्या हाल छन ?
रीता बहुगुणा जोशी - फिकर करणै बात नी  च।   द्वीएक सालम मयंक मेरि गद्दी समाळि ल्याल ! 


Copyright@ Bhishma Kukreti  19/11/2013
यह लेख सर्वथा काल्पनिक है। 

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