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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, December 19, 2014

उत्तराखंड विधान सभा मा तोड़फोड़ , विधायक हॉस्पिटल भर्ती

Garhwali Vyangya , Garhwali Hasya,, Best  Harmless Garhwali Humor  , Satire, Wit, Sarcasm on Migration from Hills


                                       त्तराखंड विधान सभा मा  तोड़फोड़ , विधायक हॉस्पिटल भर्ती  
                                              ड्यार बौड़ै  पर  वि. स. मा हंगामा , तोड़फोड़, ल्वैखतरी  
                                         चबोड़्या खबरची ::: भीष्म कुकरेती 

स्थान : विधान सभा 
समय - दिसंबर 2064 , दिनक ग्यारा बजे बाद 
विरोधी दल नेता  - अध्यक्ष जी ! प्वाइंट ऑफ ऑर्डर ! 
वि. स. अध्यक्ष - जोर से ब्वालो , घ्याळ  मा कुछ नि सुण्यानु च। 
विरोधी दल नेता  - अध्यक्ष जी ! प्वाइंट ऑफ ऑर्डर !
अध्यक्ष -लीडर ऑफ ओपोजिसन ! अपण सदस्यौं कुण ब्वालो , जब तुम बुलणा छंवां तब तक त चुप रावन । विरोधी दल नेता  - मै अपण  दलक खूंखार  नेताओं से अपील करदु कि थ्वड़ा देर घ्याळ नि कारन !
अध्यक्ष -हाँ ब्वालो !
विरोधी दल नेता  - प्वाइंट ऑफ ऑर्डर या च कि जब तक मुख्यमंत्री  विधान सभा मा बयान नि दयाला बहस शुरू नि ह्वे सकद।
अध्यक्ष - पर अबि तुमन इ बहस की मांग कार अर अबि तुम बुलणा  छंवां कि जब तक मुख्यमंत्री  विधान सभा मा बयान नि दयाला बहस शुरू नि ह्वे सकद।
विरोधी दल नेता  - जी हम विरोधी दल का लोग छंवां , हमर काम विरोध करण च। हम ड्यार बौड़ै  से बेहद चिंतित छंवां।  ड्यार बौड़ै से पहाड़ का हरेक गांवुं मा अत्यंत तनाव की स्थिति पैदा हूण वाळ च। 
संसदीय कार्य मंत्री  - हम ड्यार बौड़ै अर जु बच्यां छन ऊँ तैं बि उत्तराखंड से भैर कारो द्वी विषयुं पर बहस का वास्ता तैयार छंवां। 
वि. स.अध्यक्ष -हां जी बुजर्ग यादव जी उर्फ़ बिहारी भया जी ! तुम क्या बुलणा छंवां।  क्या बहस की शुरुवात तुम करणा छंवां ?
बुजर्ग यादव जी- जी मि बुलणु छौं कि ड्यार बौड़ै , घर वापसी या प्रवासी घर लौट  आओ जन घटनाओं से प्रदेश मा गृह युद्ध की स्थिति हुईं च अर हम सब विरोधी दल का लोग 'प्रवासी घर लौट  आओ' से चिंतित छंवां। अर मुख्यमंत्री तैं बयान इ नि दीण पोड़ल बल्कण मा सदन तैं मौखिक  अर लिखित आश्वासन बि दीण पड़ल कि घर वापसी रुके जाली। प्रवासी कभी भी घर नही लौटेंगे।
वि. स.अध्यक्ष - पर बुजुर्ग यादव जी ! पर विरोधी दलों मादे क्वी त बहस शुरू कारो। 
अस्मत की खोज मा  - जी मी बि 
वि. स.अध्यक्ष - जी अस्मत की खोज माँ उर्फ़ बंगाली बाबू ! क्या तुम बहस शुरू करण वाळ छंवां ?
अस्मत की खोज मा  - जी म्यार मंतव्य या च प्रदेश  की प्रवासी घर लौट आओ की   आग मा झुलसणु  च अर मुख्यमंत्री आश्वासन बि नि दे सकणु च कि इस प्रदेश में प्रवासियों को उनके गाँव तो छोडो उत्तराखंड में भी नही घुसने दिया जाएगा। 
एक विरोधी नेता - मुख्यमंत्री कैसे ब्यान देंगे ! ऊंक सरकार तो द्वी गढ़वाली अर द्वी कुम्मयौं की बैशाखी पर जि चलणि च। 
संसदीय कार्यमंत्री - ठीक है गृह मंत्री बयान देने को तयार हैं। 
गृह मंत्री - अध्यक्ष महोदय , प्रदेश की कानून व्यवस्था मेरे विभाग के जिम्मे है।  त मि सदन तैं आश्वाशन दींदु कि ड्यार बौड़ै अभियान का वास्ता कै बि प्रवासी गढ़वाली या कुम्म्या तैं उत्तराखंड मा नि घुषण दिए जाल। 
बमशाह नेपाली - गृह मंत्री झूट बुलणा छन।  सब तैं पता च कि जब गढ़वाली अर कुमाउनी उत्तराखंड का पहाड़ छोड़िक चलि गे छा तो हम नेपाली , गुरख्या , बंगलादेशी , बिहारी , झारखंड्युंन गढ़वाल अर कुमाऊं की धरती संभाळ।  यीं धरती तैं फिर से आबाद कार।  अर अब यदि इथगा सालों बाद  गढ़वळि , कुमाउनी  प्रवासी लोग  पहाड़ वापस आणो तयारी   करणा छन तो हम नेपाली , गुरख्या , बंगलादेशी , बिहारी , झारखंड्युं का अधिकार हनन नि होलु ? हमर मौलिक अधिकार तैं छिने जाल तो हम तैं गुस्सा नि आल ? चिंता का विषय च कि एक घटना ह्वे कि द्वी गढ़वाली प्रवासी अपण ड्यार ऐन अर ऊँ दुयुंन नागराजा पूजा कार।   गढ़वाली अर कुमाउनी प्रवासियों को अपने गाँव वापस आने से एकदम रोका जाय। 
संसदीय कार्य मंत्री - जी वा घटना ह्वाइ नी च।  हमर राज मा आज तक क्वी बि गढ़वाली या कुमाउनी प्रवासी उत्तराखंड नि आई अर कैन बि अपण पैतृक गाँव मा नागराजा की पूजा नि कार। 
विरोधी दल नेता - झूट ! सरासर झूट ! हमम खुपिया विभाग की रिपोर्ट च कि प्रवास्युं ड्यार बौड़नै एक घटना गढ़वाळ अर एक घटना कुमाऊं मा ह्वे च। 
सरकारी दल  का सबि सदस्य -झूट ! एक बि प्रवासी पहाड़ वापस नि आयि।
विरोधी दल नेता- हम बहस तब इ शुरू करला जब मुख्यमंत्री बयान   द्याल कि क्वी बि गढ़वाली या कुमाउनी प्रवासी उत्तराखंड मा नि घुसल !
संसदीय कार्य मंत्री - अध्यक्ष महोदय ! विरोधी दल का नेता तैं पता च कि हमर मुख्यमंत्री अपण   बूड  ददा का वार्षिक श्राद्ध का वास्ता बिहार जयां छन।  हमर गृह मंत्री जबाब दीणा त छन। 
विरोधी दल नेता - तो उपमुख्यमंत्री से बयान दिलवावो। 
संसदीय कार्य मंत्री - उप मुख्यमंत्री बि अपण रिस्तेदारी क काम से नेपाल जयां छन। 
विरोधी दल नेता -तो अपण पार्टी अध्यक्ष से बयान दिलवाओ कि 
संसदीय कार्यन्त्री - हमर पार्टी अध्यक्ष अपण पैतृक जमीन का कुछ काम बाबत झारखंड जयां छन। 
विरोधी सदस्य - हम कभी भी गढ़वाली -कुमाउनी प्रवास्युं की घर वापसी बर्दास्त नही करेंगे और ड्यार बौड़ाई नही होने देंगे।  हम ईंट से ईंट बजा देंगे पर किसी गढ़वाली -कुमाउनी प्रवासी को उत्तराखंड में नही घुसने देंगे। 
नेपथ्य से आवाज  - अरे टीवी कैमरा बंद कारो।  टेबल -कुर्सी -माइक चलणा छन।  विधयकों का सर फुटणा छन , विधयकों शरीर से खून बगणु च, खून ही खून दिखेणु च अर टीवी अबि तक लाइव दिखाणु च।  
-----------जी टीवी क्रू बि घायल ह्वेक भाजि गेन तो टीवी लाइव इ चलणु च। ल्या अछु  ह्वे कि ऐम्ब्युलेंस बि ऐ गेन। 




    19/12/14  
Copyright Bhishma Kukreti , Mumbai India 

   *लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।

Best of Garhwali Humor in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  Uttarakhandi Wit in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  North Indian Spoof in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  Regional Language Lampoon in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  Ridicule in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  Mockery in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  Send-up in Garhwali Language on migration from Hills ; Best of  Disdain in Garhwali Language on migration from Hills; Best of  Hilarity in Garhwali Language  on migration from Hills; Best of  Cheerfulness in Garhwali Language  on migration from Hills;  Best of Garhwali Humor in Garhwali Language from Pauri Garhwal on migration from Hills ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language from Rudraprayag Garhwal on migration from Hills ; Best of Uttarakhandi Wit in Garhwali Language from Chamoli Garhwal  on migration from Hills; Best of North Indian Spoof in Garhwali Language from Tehri Garhwal on migration from Hills ; Best of Regional Language Lampoon in Garhwali Language from Uttarkashi Garhwal on migration from Hills ; Best of Ridicule in Garhwali Language from Bhabhar Garhwal on migration from Hills ; Best of Mockery  in Garhwali Language from Lansdowne Garhwal on migration from Hills ; Best of Hilarity in Garhwali Language from Kotdwara Garhwal on migration from Hills ; Best of Cheerfulness in Garhwali Language from Haridwar on migration from Hills ;

Garhwali Hasya,  Garhwali Vyangya ,

आतिथ्य प्रबंधन में विनियम , लेन -देन और संबंधो का महत्व

Exchanges, Transactions and Relationship in Hospitality Management
                                        आतिथ्य प्रबंधन में विनियम , लेन -देन और संबंधो का महत्व 
                                           Hospitality Management  -16 
 
                                                  आतिथ्य प्रबंधन -16

                                     ( Hospitality and Tourism  Marketing Management for Garhwal, Kumaon and Hardwar series--134   
      
                                         उत्तराखंड में पर्यटन  आतिथ्य विपणनप्रबंधन -भाग 134   

                                                                    लेखक ::: भीष्म कुकरेती  (विपणन  विक्रीप्रबंधन विशेषज्ञ )


                                          विनियम 

              विनियम में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति/संस्था  से अपनी आवश्यकता पूरी कर संतुष्टि प्राप्त कर ऐवज में कीमत रूप में पदार्थ/धन /सेवा देता है या यूँ कहा  जा सकता है कि कीमत के ऐवज में आवश्यकता पूर्ति व संतुष्टि प्रदान करने को विनियम कहते हैं। 
विनियम द्वारा व्यक्ति /समूह /संस्था अपनी ऐच्छिक आवश्यकता पूर्ति करता है। 

                                                                    लेन-देन या सौदा 
         दो व्यक्तियों या संस्थाओं; व्यक्ति व संस्था या संस्था से संस्था के मध्य व्यापारिक क्रिया को लेन -देन या सौदा कहते हैं। 

                                                                        संबंध प्रबंधन 
सौदा वास्तव में संबंध प्रबंधन का ही हिस्सा है। 
आतिथ्य प्रबंधन में सौदा का महत्व महत्वपूर्ण है और भविष्य में संबंध प्रबंधन की और भी महत्व बढ़ता जाएगा। 

संबंध प्रबंधन का महत्व निम्न क्षेत्रों में महत्व है -
१- आतिथ्य संस्थान व ग्राहकों के मध्य संबंध 
२- आतिथ्य संस्थान व उसके कर्मचारियों के मध्य संबंध 
३- आतिथ्य प्रबंधन में प्रतियोगियों के मध्य संबंध 
४- पर्यटन रिटेलर /खुरदरा व्यापारियों का और पर्यटन -आतिथ्य सेवा दायकों के मध्य संबंधजैसे होटल का एयरलाइन , टूर गाइड , परिहवन सेवा  मध्य संबंध 
५-पर्यटन रिटेलर या खुरदरा व्यापारियों का बड़े ग्राहकों /संस्थानों या सरकारी संस्थाओं के मध्य संबंध 
६- भोजन सेवा दाताओं का विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ संबंध 
७-फ़ूड चेन वालों का परिहवन या अन्य सेवा दाताओं के साथ संबंध 
८- पर्यटन व्यापारियों /होटल वालों का सप्लायरों के मध्य संबंध 
९- पर्यटन व्यापारियों /होटल वालों का अन्य सहभागी सहयोगी संस्थाओं के साथ सबंध जैसे होटल वालों का विज्ञापन कम्पनियों , इंटरनेट सेवा दाताओं के साथ संबंध 
१०- पर्यटन या आतिथ्य व्यापारियों का सप्लाई व ग्राहक के तरफ वाले वितरकों के साथ संबंध 
 ११-पर्यटन  व्यापारियों का स्थानीय समाज से संबंध 



Copyright @ Bhishma Kukreti 18/12//2014  
  
Contact ID bckukreti@gmail.com
Tourism and Hospitality Marketing Management for Garhwal, Kumaon and Hardwar series to be continued ...

उत्तराखंड में पर्यटन  आतिथ्य विपणन प्रबंधन श्रृंखला जारी 
                                   
 References

1 -भीष्म कुकरेती, 2006  -2007  , उत्तरांचल में  पर्यटन विपणन परिकल्पना शैलवाणी (150  अंकोंमें ) कोटद्वार गढ़वाल


Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and  Hospitality Industry Development  in Uttarakhand; Role ofExchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Haridwar Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development in Pauri Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Dehradun Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship inMarketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Uttarkashi Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Tehri Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Rudraprayag Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Chamoli Garhwal, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Udham Singh Nagar Kumaon, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Nainital Kumaon, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Almora Kumaon, Uttarakhand; Role ofExchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Champawat Kumaon, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development  in Bageshwar Kumaon, Uttarakhand; Role of Exchanges, Transactions and Relationship in Marketing of Travel, Tourism and Hospitality Industry Development in Pithoragarh Kumaon, Uttarakhand;
उत्तराखंड पर्यटन विकास गढ़वाल उत्तराखंड पर्यटन विकास उत्तराखंड पर्यटन विकास कुमाऊं  उत्तराखंड पर्यटन विकास हरिद्वार उत्तराखंड पर्यटन विकास 

Pilgrim Places, Shrines of Garhwal in Pal /Shah Period and of Later Period;

Administration, Social and Cultural Characteristics History of Garhwal in Shah Dynasty -78 

   History of Garhwal including Haridwar (1223- 1804 AD) –part -268     
   History of Uttarakhand (Garhwal, Kumaon and Haridwar) -515

                        By: Bhishma Kukreti (A History Research Student)

            In this chapter, the author would like to offer information about the entire major Pilgrim places of Pal Period and later period too.
                  Pilgrim Places, Shrines of Dehradun
Guru Ram Rai Darbar Sahib
Tapkeshwar Mahadev
Vaishnodevi Gufa Mandir
Lakshman Siddh Peeth
Chandravadani
Tapovan
Sahstradhara
Baudh temples
Temples of Rishikesh
Historical temples in Jaunsar Bhabhar
Asoka Pillars, Kalsi
Jatgram Badwala
Bairatgarh
Chaitrrath
Bindusar
Nagthat
Bhadraj mandir
Devthal
Mahasu Lakhwad
Rudreshwar
Lakhamandal
Beespuriya Gufa
 Kartikey Gufa
Kedar Mandir Bhatad village
Mahasau Temple, Hanol
Mahasu all
          Pilgrim Places, Shrines of Pauri Garhwal  
Mahadev Chatti
Vyaschatti
Godeshwar , Thantholi, Dhangu
Silsu Devta , kadthi, Dhangu
Silsu Devta , Silsu, Banelsyun
Neelkanth
Bhuvneshwari Siddhpeeth
Yamkeshwar
Kanvashram
Tadkeshwar temple
Kalo dand (Lansdowne)
Kaleshwar
Binsar Mahadev
Dudhatoli region
Bridh Bharsar mandir
Paithani
Jwalpa Devi Mandir
Bharav Garhi
Langurgarh
Ekeshwar Mahadev
Dangleshwar Mandir
Bhuvaneshwari Sanguda
Mundaneshwar or Khairling
Jhali Mali Devi
Adeshwar
Danda Nagraja
Kyunkaleshwar
Kandoliya
Nag Devta Mandir
Lakhmi Narayan
Lakshman Dev Temples Deval
Valmiki Ashram
Shrinagar
Kamleshwar , Shrinagar
Kansmardani , Shrinagar
Keshoray Math, Shrinagar
Shankar Math, Shrinagar
Gorakhnath Math, Shrinagar
 Satyanath Math, Devalgarh
Rajrajeshwari, Devalgarh
Gauradevi Mandir, Devalgarh
Lakhmi Narayan ,Devalgarh
Murli Manohar   ,Devalgarh
Som manda  ,Devalgarh
Bhairav Gufa ,Devalgarh
Caves and Samadhis  ,Devalgarh
Ashtawkar Mandir
Gauradevi mandir
Nagarasani Mandir
Indragavan
Taileshwar Mahadev
Dharidevi
Bunkhal Kalika Devi
Deeva Devi
Mata Shyam Sundari
Vaishno Devi
Godeshwar
Manjughosh Mahadev
Bhumyal Devi
          Pilgrim Places, Shrines of Tehri Garhwal  


 Devprayag and temples
Chandravadani
Sarkunda Devi
Kunjapuri
Budha Kedar
Nathpanth Sthal
Kailapir
Balikheshwar Mahadev
Jwalamukhi
Siddhpeeth, hankuti
Nagraja Dev mandir
Neelchameshwar Mandir  
Seemmukh Nagraja
Kilkileshwar
Ghantakarn Region
Surya mandir regions
Bhilleshwar
Koteshwar
            Pilgrim Places, Shrines of Uttarkashi Garhwal      
 Vishwanath Mandir
Temples of Uttarkashi
Gangotri
Yamnotri
Kandar Divta mandir
Pundir Nag
Nagni Mata Mandir
Renuka Mandir
Ghandiyal Divta
Ringali Devi Mandir (Dunda)
Surya Mandir (Manjiyali)
Gomukh
Mukhva Gram
Gharali mandir
Pabsik Mahasu Mandir, Thadiyar Ganv
Karnmandir , Devragaon
Sameshwar mandir
Shilashraya
Pokhu Maharaj
Kamleshwar
Kapil Muni mandir
Ashwamedha Kshetra
Odaru jakhandi Dev
Kaliya Nag mandir
Rudreshwar
Shivgufa Badkot
Bhadrakali Paunti
Raghunath mandir Pujeli
Yamdigna Ashram
Renuka Devi
Hanuman mandir
Kharsaali

                              Pilgrim Places, Shrines of Chamoli  Garhwal  
Badrinath
Ganesh Gufa
Vyasgufa
Adibadari
Karnaprayag
Uma Devi mandir
Govind Mandir groups Simli
Badhan gadhi mandir
Nagnath , Pokhari
Navdurga Gadhi
Nand Prayag
Nanda jat
Nanda Devi karud
Nanda Devi jat Yatra Marg
Vairaskund
Gopeshwar Temples
Datatrey Janma Sthal
Rudranath
Dhyan Badri
Kalpeshwar
Urgam region temples
Banshinarayan
Panchkedar
Bridhbadari
Painkhanda Temples
Joshimath
Adi Shankarachary Mandir
Narsing Mandir
Auli Gursaun Mandir
Hanuman Mandir
Tapovan
Gauri Shankar Mandir
Bhavishya Badri
Neeti Valley temples
Vishnu Prayag
Hemkund
Lokpal
Kakbhushandi lake
Pandukeshwar temples
Seeta tapsthali
Koteshwar
Gandera mahadev
Girsa Mandir
Jilasu

                  Pilgrim Places, Shrines of Rudraprayag  Garhwal  
 Kedarnath
Rudraprayag
Koteswar
Umanarayan
Agystmuni Mandir
Saneshwar Mandir
Ukhimath
Tungnath
Makkumath
Guptkashi
Narayankoti
Jakhdevta
Kalimath
Kaviltha
Kotimahashwari
Rucch Mahadev
Kalishila
Triyuginarayan Region temples
Gaura mai Mandir
Kartikey Swami
Hariyali Devi
Mathiyana
Nanda Devi mandir , Kameda
Narayan Mandir, Gadmil
Narayan Mandir , Chopda
Temples in Bairangana
Shivalay Marud
Nanda Devi , Ratuda
Lakshmi Narayan mandir , Shivanandi
Vanasur Gadh mandir
Jamu (jamdneshwar ) mandir
SOnprayag temples
Shakmabari Devi
Durga Devi mandir, Fegu
Rajrajeshwari , Taltoli
Lalita Devi mandir, Nala
Ashtbhuja Mandir , Byung
Mahrshimardani Mandir
Kushmanda Devi mandir
Ufrain Devi mandir
Rnajit Rishi Mandir
Bhimsen Mandir
Aniruddh Mandir , Lamgaundi
Ganesh Mandir , Mund Katya
Bhairav mandir Chaibasa
Garud and other temples in Garudchatti buddh temples , nala






Copyright@ Bhishma Kukreti Mumbai, India, bckukreti@gmail.com19/12/2014
History of Garhwal – Kumaon-Haridwar (Uttarakhand, India) to be continued… Part -516
(The History of Garhwal, Kumaon, Haridwar write up is aimed for general readers)
History of Garhwal from 1223-1804 to be continued in next chapter ….
History of Characteristics of Garhwal Kings Shah dynasty, to be continued

XX                     
Notes on Garhwal ka Itihas, Garhwal ka Madhy Yugin Itihas , South Asian Modern Period  History of Garhwal;  South Asian Modern Period   History of Pauri Garhwal; South Asian  Modern Period   History of Chamoli Garhwal;  South Asian Modern Period   History of Rudraprayag Garhwal; South Asian Modern  History of Tehri Garhwal;  South Asian Modern History of Uttarkashi Garhwal;  South Asian Modern Period   History of Dehradun, Garhwal;  Modern  History of Haridwar ;  South Asian Modern Period   History of Manglaur, Haridwar;  South Asian Modern Period  History of Rurkee Haridwar ;  South Asian Modern Period   History of Bahadarpur Haridwar ; South Asian Modern Period  History of Haridwar district, South Asian History of Bijnor old Garhwal
Xx 
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