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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, November 6, 2014

गढ़वाळि हास्य -व्यंग्यकोष -भाग -28

Garhwali Humorous and Satirical Dictionary part -28     


                                              संकलन  ::: भीष्म कुकरेती 

अन्याय - जै भार तैं हम दुसरौ पीठमा  मा डाळि  दींदा अर अफु हळका रौंदा 
न्याय - जैक व्याख्या दस तरां से ह्वे सकद 
इन्स्युरेंस एजेंट - जु अमृत/स्वर्ग  जन चीज तैं बि विषैला/नरक  बतांद अर डराणम उस्ताद 
हत्या करण  - वैकेंसी पैदा करण किन्तु वीं वैकेंसी तैं पूरी करणो जुम्मेदारी नि लीण
दयालुता - अनुचित कार्यों भूमिका 
मजदूर - मजबूर जु दुसरों कुण धन जुटान्दु या जु दूसरों कुण प्रॉपर्टी/जायजाद  जुटान्दु 
भूमि - पृथ्वी का भाग जै तैं हम जायजाद बुल्दां 
स्वतंत्रता - एक कल्पित बहुमूल्य अधिकार या कीमती जायजाद 
जिंदगी -एक आध्यात्मिक अचार जु सरैल सड़ण  से रुकद  
ताळी -चाबी - सभ्यता विकास का  विशेष उपाय
लम्बी आयु - मृत्यु डर लम्बो करणो  एक पूजनीय तरीका