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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, December 13, 2013

शिक्षा बिचारी त लँडेर कुत्ति जन च

चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती 

     
(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
 सबि चांदन बल भारत मा शिक्षा स्तर बढ़ण चयेंद।  पण मंहगाई , भ्रस्टाचार , बलात्कार का स्तर मा दिनोदिन बढ़ोतरी हूणी च यि सौब एवरेस्ट  तरफ जाणा छन।  अर एक हमारी शिक्षा च  घड़ी खड्डा जिना खसकणि च। 
नेताओं का  हाल छन कि बिचारा शक्षा स्तर बढ़ाणो बान चिंतित छन पणबिचारा कुछ नि करि सकदन। 
सि परसि नेता जी क पीए न बोलि बल ,"नेता जी ! द्वी जगा बिटेन आमंत्रण च ?"
नेता जीन पूछि ," कख कख बिटेन ?"
पीएन उत्तर देइ ," एक आमंत्रण च शिक्षा का स्तर कैसे बढ़ाया जाय वाळुक अर हैंक आमंत्रण च फिल्मों का स्तर कैसे बढ़ाया जाय वाळुक। द्वी एकी समय पर छन। "
नेता जीन पूछ , " भीड़ कख जादा होली ?"
पीए - भीड़ त फिल्मों का स्तर  बैठक माँ होली। 
नेता -टीवी कवरेज कख मीललि ?
पीए - शिक्षा स्तर की रिपोरटिंग  त अखबार वाळुन बि नि करण।  पण फिल्मों स्तर की रिपोर्टइंग  त नेसनल टीवी चैनेल वाळुन बि  करण 
नेता - त ठीक च।  फिल्मो का स्तर कैसे बढ़ाया जाय की बैठक का आमंत्रण स्वीकार करो। 
फ़िल्मुं बहस मा आकर्षण च।   शिक्षा बहस आकर्षणहीन च। 
एक  अधिकारी अत्यंत परेशान छौ । सुबेर बिटेन समस्या हल करणै कोशिस मा लग्युं छौ पर समस्या निदान मा असफल राय।  वो अपण बॉस से पुछणो गयाइ। 
एक अधिकारी - सर द्वी लाख कु बजेट आयुं च।  समज मा नि आणु कि मनोरंजन गृह की बिल्डिंग रिपेयर करे जावो कि स्कूल कि बिल्डिंग रिपेयर करे जावु ?
बॉसन जबाब दे ," अबे  इकमा दिमाग लगाणै जरूरत क्या च ? मनोरंजन गृह की बिल्डिंग रिपेयर करा और क्या। लोगुन स्कूल  टुटणै शिकैत  दस साल तक नि करण ।  पण मनोरंजन गृह की  बिगड़ीं हालात  की शिकायत रोज आणि रौण "
बॉस सही बुलणु च।  हमकुण  स्कूल त  एक सर्टिफिकेट पाणै धरमशाला च बस । 
बहुसंख्यक ह्वावन या अल्पसंख्यक सबि किराणा रौंदन मंदिर यहीं बनेगा , मस्जिद यहीं बनेगा।  क्वी माई का लाल इन मांग नि करदो बल अंतररास्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक विश्व विद्यालय वहीं खड़ा करेंगे ! वहीं खड़ा करेंगे। 
विद्यास्थल की औकात देवस्थल का समिण कुछ छैं ई नी च। 
गांऊं मा ह्वेन या शहरूं मा ह्वेन।  झणि क्यांक क्यांक बान रोज हड़ताल -खड़ताल होणि रौंदन पण मीन नि सूण कि शिक्षा स्तर बढ़ाणो बान क्वी मनिख या समाज सड़क पर ऐ ह्वावु।  
वैदिन टीवी मा सुबेर बिटेन श्याम तलक संजय दत्त को पैरोल पर छुट्टी मिलणै समाचार इन आणा रैन  बुल्यां सन्जय दत्त क्वी क्रांतिकारी ह्वावो धौं ! एक अभियुक्त या जेल का कैदी का बारा मा अख़बारबीस अर टीवी वाळ इथगा कागज अर समय बर्बाद करदन पण रति भर कागज अर समय सही शिक्षा पर नि दीन्दन। 
फेसबुक मा बि इ हाल छन , सोनाक्षी सिन्हा का समाचारों या फोटो पर लाखों कमेंट्स ऐ जान्दन पण शिक्षा  सवालो मेल तैं क्वी दिखद या ओपन बि नि करद। 
सही शिक्षा का बारा मा हम सब संवेदनहीन छंवां।  शिक्षा की स्तिथि का बारा मा पूरो हिंदुस्तान ही सियुं च , बौं हौड़ पड्युं  च। 



Copyright@ Bhishma Kukreti  8 /12/2013 


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