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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, December 24, 2013

जब शिक्षा मंत्री घ्याळ दान पैलो निर्णय ले !

 चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती 

(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
 माणावाल जीक पैथर पांच चतुर्थ  श्रेणी का कर्मचारी दस दस फ़ाइल लेक खड़ा छा। 
माणावाल - मंत्री जी  ! यी कुछ फ़ाइल छन भौत महत्वपूर्ण छन अर यूंक निपटारा अर्जेंट बेसिस पर हूण जरूरी च। 
घ्याळ दा - ठीक च।  इक तौळ धौर द्यावा। 
माणावाल -अर मंत्री जी सैत च चार हजार फ़ाइल यूं से बि बिंडी अर्जेंट मोस्ट अर्जेंट फ़ाइल अबि तौळ फ़ाइल रूम मा छन ऊं तैं बि मंगै दिउँ ?
घ्याळ दा - हैं ! आप पैल अर्जेंट फ़ाइल लैन अर मोस्ट अर्जेंट फ़ाइल पैथर धौरिक ऐ गेवां ? 
माणावाल -जी यी फ़ाइल अर्जेंट बि छन अर महत्वपूर्ण बि छन। 
घ्याळ दा -अर जु फ़ाइल मोस्ट अर्जेंट छन वो क्या छन ?
माणावाल -वो मोस्ट अर्जेंट छन पण वो महत्वपूर्ण नि छन। 
घ्याळ दा -यदि वु फ़ाइल महत्वपूर्ण नि छन तो मोस्ट अर्जेंट कनकैक ह्वै गेन ? 
माणावाल -असल मा वू  फाइल दस साल से निर्णय की प्रतीक्षा करणी छन।  जब तक शिक्षा मंत्री जी वूं फाइलुँ पर दस्तखत नि कारल या निर्णय नि द्याला त वो फ़ाइल बंद नि ह्वे सकदन अर प्रशासनिक तौर से हम तैं  एक साल मा निर्णय लीण आवश्यक च। 
घ्याळ दा -त फिर दस साल तलक कनकै वु फ़ाइल अनिर्णीत छन। 
माणावाल -नै नै ! हमर क्लर्क हर साल इन फाइलुं माँ  दिन बार, समय  अर दिनांक सहित नोट लेखी दीन्दन कि 'आवश्यक कार्यवाही के लिए  विभागों से उत्तर की प्रतीक्षा है " ।
घ्याळ दा -एकाद उदाहरण बतावदी जु फ़ाइल अर्जेंट च पण कम महत्वपूर्ण च 
माणावाल -जन कि फ़ाइल संख्या ABCD 2030 , 27 दिसंबर ,सन 2001 कम महत्वपूर्ण ह्वेक बि अर्जेंट च।
घ्याळ दा -आप तैं फ़ाइल संख्या याद च ?
माणावाल - ब्याळि ही अभ्यार्थी याने अप्प्लिकेन्ट की उन्तीसवाँ स्मरण पत्र याने रिमाइंडर आयि।
घ्याळ दा -क्या विषय च वीं फाइल मा। 
माणावाल -जी या फ़ाइल मल्ला ढांगू, पौड़ी गढ़वाल जनपद मा मित्रग्राम स्कूल की च। 
घ्याळ दा -क्या व्ह्वे छौ मित्रग्राम स्कूलम ?
माणावाल -जी छात्र विहीन हूण से शिक्षा मंत्रालयन मित्रग्राम  विद्यालय  बंद करि दे छौ।
घ्याळ दा -फिर ?
माणावाल -फिर सन 2001 मा आशीस जखमोला पुत्र श्री चंद्रमोहन जखमोलाक प्रार्थना पत्र आयी कि चूंकि मेरी बेटी अब पांच साल की ह्वे ग्याई तो स्कूल खोले जाव.
घ्याळ दा - सही च स्कूल खुलण चयाणु छौ। 
माणावाल -जी प्रशासनिक अर दुसर छानबीन मा एक साल की देरी ह्वे गे।  सन 2002 मा शिक्षा विभागन  ग्राम प्रधान , ग्रामसभा बन्नी कुण पत्र भ्याज कि तुरंत बतावो कि स्थिति क्या च। 
घ्याळ दा -फिर ?
माणावाल -फिर क्या।  ग्राम प्रधान बन्नी ग्राम सभा कु उत्तर आयि कि श्री आशीष जखमोला की पुत्री अपने मामाकोट गडमोला , बिछला ढांगू में अध्ययनरत है।
घ्याळ दा -फिर ?
माणावाल -विभागन श्री  जखमोला कुण पत्र भ्याज कि चूँकि आपकी पुत्री मित्रग्राम में नही रहती है तो स्कूल नही खोला जाएगा।
घ्याळ दा -फिर ?
माणावाल -फिर श्री आशीष जखमोलाक पत्रोत्तर आयि कि जब मित्रग्राम मे स्कूल खुल जायेगी तो वह  अपनी लड़की को ग़डमोला से स्थानंतरित कर लेंगे। 
घ्याळ दा -आशीस जीक सही उत्तर छौ. 
माणावाल -हां पण इथगा मा ग्राम प्रधान ग़डमोला ग्राम सभा अर ग़डमोला स्कूलक  अध्यापक श्री चन्दन सिंह बिष्ट जी क पत्र आइ कि यदि मित्रग्राम स्कूल खुलेगी और श्री आशीष जखमोला की पुत्री मित्रग्राम स्कूल में स्थानांतरित हुयी तो गडमोला स्कूल बंद करना पडेगा।
घ्याळ दा -तो ग़डमोला स्कूल बंद करण मा क्या परेशानी छे ?
माणावाल -एक त क्वी बि स्कूल बंद करण या खुलणम द्वीएक साल लग जांदन फिर चंदन सिंह बिष्ट की अपण परेशानी छे
घ्याळ दा -क्या ?
माणावाल -चन्दन सिंह बिष्ट जी अध्यापक यूनियन का  सदस्य छया क्या सक्रिय सदस्य छन।
घ्याळ दा -तो ?
माणावाल -फिर ऊंमा कांडी , लैंसडाउन , पौड़ी का सरकारी हॉस्पिटल का लिखित सर्टिफिकेट छन कि श्री चंदन सिंह बिष्ट शारीरिक रूप से इन बीमार छन कि श्री बिष्ट का तबादला ग़डमोला स्कूल से भैर नि कर्याँण चयेंद। 
घ्याळ दा -पर या समस्या तो चंदन सिंह जीक छे  ना कि आशीष जीक। 
माणावाल -बस ये ही प्रशासनिक उलझन से गडमोला स्कूल बंद नि करे सक्यांद छे अर मित्रग्राम  स्कूल नि खुल।
घ्याळ दा -अब त आशीष जीक नौनी पांच पास ह्वे गे होलि तो समस्या बि ख़तम ह्वे गे होलि ।
माणावाल -मंत्री जी !वही त मुसीबत च ।
घ्याळ दा -क्या ?
माणावाल -सन 2004 मा श्री आशीष जखमोला का पत्र अयि कि ऊंक नौनु पांच साल कु ह्वे गे तो मित्रग्राम स्कूल खुले जाव
घ्याळ दा -हाँ अब त मित्रग्राम मा स्कूल खुले जाण चयाणु छौ। 
माणावाल -मंत्री जी पर समस्या तो वही छे कि आशीष जीन अपण नौनु ग़डमोला भ्याज अर बिष्ट जीक स्वास्थ्य कु हरेक पहलु पर चिंतन का बाद मित्रग्राम स्कूल नि खुल सकुद छौ। 
घ्याळ दा -अब आशीष जीक उन्तीसवाँ स्मरण पत्र क्यांक च ?
माणावाल -जी अब उंकी दुसरी नौनी पांच साल की ह्वे गे अर चंदन सिंह जीक उमर अट्ठावन साल की ह्वे गे तो मानवीय आधार पर ग़डमोला स्कूल बंद नि ह्वे सकद।
घ्याळ दा -याने कि मित्रग्राम स्कूल अबि बि नि खुले सक्यांद ?
माणावाल -जी यु त आप तैं निर्णय लीण !
घ्याळ दा - म्यार हिसाब से मि नयो नयो मंत्री छौं तो अब्याक अबि निर्णय लीण ठीक नि रालो। हैं ?
माणावाल -एस मिनिस्टर ! दैट इज अबस्युटली हंड्रेड पर्सेंट राइट डिसिजन  !
इथगा मा करम सिंह रावत जी ऐन। 
करम सिंह रावत -गुड मॉर्निंग मिनिस्टर ! मंत्री जी ! आधा घंटा मा आप अर मी तैं कैबिनेट मीटिंग अटेंड करण तो जरा वांकी तयारी करे जावो . माणावाल टेक आल दीज फाइल्स अवे। 
माणावाल - एस बॉस ! 

Copyright@ Bhishma Kukreti  24/12/2013 


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