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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Wednesday, December 18, 2013

जब भूतपूर्व शिक्षा मंत्री की खाणि -हगणि बंद ह्वे छे !

 चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती 

(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
            
वर्तमान शिक्षा मंत्री घ्याळ दा तैं शिक्षा मंत्रालय का चीफ सेक्रेटरी अर मंत्री जीक प्राइवेट सेक्रेटरी मंत्री कक्ष मा लैन।  उख पूजा पाठ को इंतजाम बि छौ।  तिन्युंन चपड़ासी जीक सहायता से पूजा कार। 
पूजा बाद प्राइवेट सेक्रेटरी माणावाल जीन घ्याळ दा तैं कुर्सी मा बैठणो प्रार्थना कार।  कुर्सी कुर्सी तरां चर्र चर्र ना मूसुं तरां किर्र किर्र करणी छे।  घ्याळ दा क हथ मेजक ड्रावर पर गेन अर ऊन खाली ड्रावर ख्वाल तो उख क्वी कागज फंस्युं छौ।  घ्याळ दान सावधानी से कागज भैर निकाळ। 
माणावाल जीन कागज दिखदि ब्वाल ," यु  त भूतपूर्व मंत्री सिमसाण  जीक डायरी पन्ना दिखेणु च। "
हाँ डायरी को पन्ना ही छौ। आज से पांच साल पैलाकि तिथि छे। 
डायरी इन छे 
फरबरी 23  2007 
पांच साल बाद विधान सभा की  सत्ता फिर अपण पार्टी मा  बौड़ि ऐ गे।  सत्ता का ख्वाळम  विरोधि दीवाल मा बैठणम बड़ो फ्रस्ट्रेशन हूंद, निराशाजनक हूंद जन बुल्यां समोदरौ बीच मा तिसा मनिख ह्वावो। 
रिजल्ट अयां बीस दिन ह्वे गे छा पण चूँकि बहुमत से तीन सीट कम मिलेन त पार्टी तैं जुगाड़ करद करद पांच दिन लगिन।  फिर हमर पार्टी मा सशक्त नेता कार्यकर्ताओं से जादा ह्वे गेन याने मूस कम अर बिरळ बिंडी तो मुख्यमंत्री की दौड़ मा उत्तराखंड ही ना उत्तरप्रदेश , पंजाब , हरियाणा का नेता बि शामिल ह्वे गेन।  एक दिन सुबेर सुबेर तो इन बगत आइ कि  हाई कमांडन म्यार नाम पर बि विचार विमर्श कार अर टीवी चैनेल वाळुन घोषित कर दे कि मि मुख्यमंत्री ह्वे ग्यों पण फिर दुफरा मा कै हैंक तैं मुख्यमंत्री बणनो समाचार आण बिसे गेन अर रात का समाचार मा तिसर नेता मुख्य्मंत्री की दौड़ मा अग्वाड़ी छौ। 
खैर अंत मा उत्तरप्रदेश का एक नेता ही मुख्यमंत्री बौण।  पत्रकार सम्मेलन मा बुले गे कि चूंकि वूंक जमीन जायजाद उत्तराखंड मा याने नैनीताल , भीमताल , मसूरी मा जादा च अर उत्तरप्रदेश  मा कम च तो वो उत्तराखंडी जादा छन , उत्तरप्रदेशी कम छन। डा सोमेश निर्द्वन्द न    मुख्यमंत्री की शपथ अकेला ही ल्याई किलैकि मुंगरी कम छे अर रिक बिंडी छा। मंत्री पद कम छा अर इच्छुक जादा।  
ब्याळि मुख्यमंत्री दिल्ली छा , जख मंत्रीमंडल गठन की बैठक छे। 
आज दिन तलक  राज्यपाल भवन से आधिकारिक तौर से मंत्रियुं तैं औपचारिक तौर पर निमंत्रण दिए जालु। अनाधिकारिक तौर पर डा सोमेश निर्द्वन्द का ख़ास आदिम ही सूचना दे सकद छा कि कु कु मंत्री बणना छन।  पण डा सोमेश निर्द्वन्द का ख़ास आदिम चूँकि लखनऊ का छन तो म्यार लिंक डा सोमेश निर्द्वन्द का ख़ास आदिम्युं दगड़ अबि तलक नि ह्वे साक। 
चुंकि मि एक ख़ास जाति अर ख़ास क्षेत्र कु छौं त मि तैं विश्वास च कि मी तैं मंत्रीपद अवश्य मीलल।  पण दुनिया मा राजनीति से जादा अविश्वसनीय क्वी चीज नि ह्वे सकद तो मि तैं रात भर नींद नि आयि।  बरबस एकी ख़याल आणु कि कखि म्यार पत्ता साफ़ नि ह्वे जावो अर छौंद कज्याणि -घरवळि मि रंड्वा (विधुर ) जन नि ह्वे जौं। याने मंत्री मंडल मा  शामिल होणै चिंता मी तैं हूणि छे ।
मीन  रात बिटेन अब सुबेर तलक बीस बंडल बीड़ी फूकी ऐन पण मेरि रोंका -धौंकी खतम इ  नि होणि छे। 
अचाणचक तीस लगद छे अर जनि पाणि गिलास गिच तलक जावो कि तीस खतम ह्वे जावो अर पेशाब कु अंदेसा ह्वे जावु। 
पेशाब जौं त पेशाब नि ह्वावो पण कुल्लि खाण शुरू ह्वे जावो अर बाथरूम से भैर ऐक जनि बाम की शीसी देखुं कि पेट मा मरोड़ शुरू ह्वे जावो।  फिर बाथरूम जौं त मरोड़ बंद अर खुट कमण बिसे जावन। 
घरवळि हर समय चाय , कॉफी कितला लेकि कमरा मा आणि जाणि छे। 
नौ बजि गे  छा कि म्यार अधिकृत फोन की घंटी बज मि लमडद -लमडद फोन तक ग्यों त उना बिटेन एक एक नौनिक आवाज आयि , "सर ! वैवाहिक जीवन से निरास नही होइए अब हमारी कम्पनी ने ऐसी गोली बनायी है जिसे नारायण दत्त तिवारी भी रोज खाते हैं … । "
मीन वीं नौनि तैं जोर से इन बिचकीं भाषा मा  गाळि देन कि मेरी घरवळि बेहोस हूण वाळ छे।  मीन फोन पटकी दे। 
घरवळिन पाणी गिलास पकडांद  ब्वाल -तुम पर ससुर जीक आत्मा घुसि गे।  .  इन बिचकीं गाळि तो वो ही दींद छा। 
फिर फोन की घंटी बज तो वो फोन एक हैंक विधयक कु छौ - सिमसाण जी कुछ पता लग कि कै कैक दिन आणा छन कै कैक मौ घाम लगण वाळ च। 
मीन ब्वाल -कुछ पता इ नी लगणु कि कु कु मंत्री बणना छन। 
साफ़ छौ कि वै विधायक की बि खाणि -हगणि बंद छे। 
मीन इना उना फोन कार पण कैमा बि क्वी ठोस सूचना नि छे।  
ग्यारा बजी गे  छा अर राजभवन से फोन नि आयि ना ही क्वी इन फोन ऐ कि मि मंत्री मंडल मा शामिल ह्वे ग्यों। 
ठीक ग्यारा बजिक तेरा मिनट पर राजभवन से फोन आयि कि क्या मि घौरम छौं। 
मीन जबाब दे कि मि घौरम ही छौं।  ऑपरेटरन सूचना देकि जूनियर सेक्रेटरी थोड़ा देर मा बात कारल। 
राजभवन से जूनियर सेक्रेटरी को फोन को मतबल च कि मि उपमंत्री बणन वाळ छौं पण पार्टी मी तैं उपमंत्री नि बणै सकद किलैकि कि मेरी जात अर क्षेत्र का हिसाबन मि तैं पूर्ण मंत्री पद ही मील सकुद। 
सरा घौरम एक बड़ो तनाव को माहौल छौ। 
आधा घंटा बाद जूनियर सक्रेटरी क फोन आयि अर वैन सूचना दे कि - आप शिक्षा मंत्री बनाये जा रहे हैं। 
मीन जनि सूण कि मी शिक्षा मंत्री बणणु छौं त मै लग कि पार्टीन मेरी बड़ी भारी , भरकम बेइज्जती करणो बान मै तैं शिक्षा मंत्री बणाइ।   सोचिक  मि बेहोश ह्वे ग्यों।
डायरी मा  अगनै बि लिख्युं छौ पर सब कट्टा -कुट्टी करिक मिटाये गे छौ अर कुछ बि पढण मा नि आणु छौ।  



Copyright@ Bhishma Kukreti  18 /12/2013 


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