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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, July 21, 2015

सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि,

गीत सुनने के लिये इस साइट पर जाएँ :
हैंसल्ये स्य हैंसि तेरि
हैंसल्ये स्य हैंसि तेरि, सदानि नि रैंण (कोरस)
आंख्यूं मां हमरि भी
आंख्यूं मां हमरि भी, सदानि नि रैंण (कोरस) – असाधरी
सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि, सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि (कोरस)
रे झ्यूंतु तेरि जमादारि….

एकहत्या राज तेरो – एकहत्या राज तेरो, सदानि नि रैंण, मुण्डमां ताज दिदा सदानि नि रैंण
सदानि नि रैंण दिदा सदानि नि रैंण (कोरस)
पालै सि सेक्की तेरी घाम आणै तक, पालै सि सेक्की तेरी घाम आणै तक
अर घाम ऐगे अब धराधरि- अब धराधरि
सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि, सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि (कोरस)
रे झ्यूंतु तेरि जमादारि….

जुलम का अंधेरा- जुलम का अंधेरा, कब तक राला, हम कुल्लि कबाड़्युंका दिन भी आला
दिन भी आला भयुं दिन भी आला (कोरस)
हमभि बटोरला कभि द्वी हातुन, हमभि बटोरला कभि द्वी हातुन
हमरि भी पोड़लि येनि घतासरि- येनि घतासरि
सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि, सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि (कोरस)
रे झ्यूंतु तेरि जमादारि….

अंगोठु घिसे ठप्पा- अंगोठु घिसे ठप्पा, मारीमारी, पूरी नि मिलि कभि मजुरी ध्याड़ी
मजुरी ध्याड़ी भयुं मजुरी ध्याड़ी (कोरस)
ढुंगा बणिग्यां हम माटअम मिलिग्याँ, ढुंगा बणिग्यां हम माटअम मिलिग्याँ
जुग- जुग बटि ढुंगु माटु सरसरी- माटु सरसरी
सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि ,सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि (कोरस)
रे झ्यूंतु तेरि जमादारि….

धौंस पट्टी तेरि- धौंस पट्टी तेरि, कब तक सौंण, मोरि मोरिकी चुचा कब तक ज्यूण 
कब तक ज्यूण दिदा कब तक ज्यूण (कोरस)
पोट्ट्ग्यूंकि आग बणलि बणाग पोट्ट्ग्यूंकि आग बणलि बणाग
सुलगिगै चिनगारी जरा -जरा करि, जरा-जरा करि
सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि,सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि (कोरस)
रे झ्यूंतु तेरि जमादारि….

हैंसल्ये स्य हैंसि तेरि,
हैंसल्ये स्य हैंसि तेरि, सदानि नि रैंण (कोरस)
आंख्यूं मां हमरि भी
आंख्यूं मां हमरि भी, सदनि नि रैंण (कोरस)- असाधरी
सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि,सदानि नि रैंण रे झ्यूंतु तेरि जमादारि (कोरस)
रे झ्यूंतु तेरि जमादारि…