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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, April 5, 2013

क्रिक्यट्याण

ढ़वाली हास्य -व्यंग्य 
सौज सौज मा मजाक मसखरी 
हौंस,चबोड़,चखन्यौ
सौज सौज मा गंभीर छ्वीं 
                                                            क्रिक्यट्याण  
                                                  
                                               चबोड़्या - चखन्यौर्याभीष्म कुकरेती
(s = आधी अ )
 
 घौरम गां मा कूड़ौ  मरम्मतौ  बान  मुंडळ उफराण छौ अर चिणन छौ। कुछ पट्टी बौळि  बि सौड़ि गे छा तो हम तै अपण पुंगड़ौ  तूण, स्याळ   अर  गींठी डाळ कटवाण छौ जांकुणि प्रधान -पटवरिम  अर्जी दियीं छे। मीन घड़ी द्याख अर समजी ग्यों कि उख गां मा काकिन गौड़ बि पिजै ह्वाल अर अब दुफरा  तलक फ्री ह्वेलि। मीन इख मुंबई बिटेन काकि कुणि फोन कार।
"  समनन काकि मि भीषम बुलणु छौं।"
काकिन फोन पर इ भूकि पे आशीर्वाद दे अर ब्वाल," अछा जल्दी बोल। क्या काम च ?"
मीन ब्वाल," वो तुणी, स्याळो डाळु   क्या ह्वे। अर्जी स्वीकृति ऐ च कि ना?"
 
काकिन ब्वाल," कख आयि मीन प्रधानौ मुग्दान मा  घीयक डब्बा बि चढै  आल अर पटवरि तिरैं खुणी अग्रिम दक्षिणा बि दि याल। इन कौर तू  ही जौं जौं तैं ठेका दियां छन अर परधान पटवरि कुण फोन कौर। में कुण प्रवचन मा जाणों देर ह्वे गे।"
मीन पूछ," क्यांक प्रवचन?"
काकिन जबाब दे," अरे  वो विर्तिवान  पन्डि जी नी छा ! कृपाराम पन्डि जी! अब वून  भागवतौ प्रवचन दीण  बंद करी आयि। बस अब तो वो अपण ड्यारम रोज इथरां क्रिकेट भजनावली अर क्रिक्यट कथावली सुणान्दन। हम सौब जनानी  रोज उख जैक क्रिक्यटावली सुणदां। सरा आस पास का जनान्यु पिपड़कारो लग्युं रौंद। पन्डित्याणि बुलण से लगद बल दक्षिणा खूब मिलणि च अर वूंन ड्याराडूणम जगा बि लि आल। अच्छा मि फोन बंद करणु छौं बकै रात बात करी।"
मीन ब्वाल," तो मि 
क्रिक्यटावली खतम हूणो  बाद फोन करदो।"
काकिक जबाब छौ," ना ना घाम अछल्याण तलक मीम टैम नी च।"
  मीन पूछ," पण काकि हमन त्यार काम  करणो  बान एक बिहारी धर्युं च फिर केको काम?"
काकिन उत्तरम ब्वाल," भै वू क्या च अगिल मैना   पट्टी  वीमेन 
क्रिक्यट प्रीमियर लीग च तो मि तैं श्याम दें क्रिकेट प्रैक्टिस मा जाण पोड़द। मी टीम को फ़ास्ट बौलर छौं।"
काकिन फोन काटि दे।
मीन अपण बाल सहपाठी प्रधान दादा कुण फोन मिलायि," गऴथि दा नमस्कार।मी मुंबई बिटेन भीषम बुलणु छौं।"
प्रधान दादान ब्वाल," अबे कथगा दै बोलि याल कि अब मि प्रधान ह्वे ग्यों तो म्यार स्कूलों नाम गजा नन्द से भटाया कौर।"
मीन बोल," बचपन की आदत नि जांदी दादा। अछा सूण वो डाळ कटवाणो स्वीकृति को क्या ह्वाइ?"
प्रधान दान  जबाब दे," हां तेरि काकिक घी बि पौंछि गे अर मास्टर जी त्यार  तरफान चार बोतळ व्हिस्की बि दे गे छा पण अचकाल मीम क्या क्षेत्र का कै बि  प्रधानम टैम नि च"
मीन पूछ," क्या सरा अडगैं वळा (क्षेत्र वाले ) सहकारी बागवानी वास्ता तैयार ह्वे  गेन अर अपण क्षेत्र का सबि गावूं  मा बगीचा लगणा छन? जो सबि गांवक प्रधान व्यस्त ह्वे गेन!"

प्रधान दादान उत्तर दे," ना रै ना ! बगीचा क्या हमन गूणी बांदरों कुण लगाण?"
मीन पूछ," तो क्या सरा  
अडगैं वळा छ्वट़ा छ्वटा डाम बणाना छन जो सबि प्रधान व्यस्त ह्वे गेन?"
प्रधान भैजि क जबाब छौ," मै जणि त्यार दिमाग खराब ह्वे   ग्यायि धौं ! अबै जख कूड़ ऐथरा  सग्वड़म   साग भुजि जगा सरा साल  भर मळसु (खर पतवार ) फुळणु ह्वावो उख डाम -कूल को क्या काम?"
फिर मीन पूछ," तो क्या क्वी कॉलेज या बडो सरकारी अस्पताल खुलणो बान सबि ग्राम प्रधान व्यस्त छन?"
 
प्रधानन चिरड़ेक ब्वाल," अबै भीषम ! अब सामाजिक हित का काम सरकार करदी। समाजन अब सामाजिक काम करण बंद करी आल।"
मीन पूछ," तो फिर तुम प्रधान लोक व्यस्त किलै छंवा?"
प्रधान दा को खुलासा छौ," वो क्या च अगलि मैना हमर पट्टी  मा तीस दिनों तीन तीन क्रिक्यट  प्रीमियर लीग टूर्नामेंट हूणा छन। सुबेर प्रौढ़ क्रिक्यट प्रीमियर लीग, दिन मा यूथ 
क्रिक्यट प्रीमियर लीग अर श्याम दें वीमन क्रिक्यट प्रीमियर लीग  टूर्नामेंट छन। अर हम सौब पंच प्रधान  पट्टी क्रिक्यट प्रीमियर लीग को प्रशासन मा व्यस्त छंवां  "
मीन 
 ब्वाल," तो  एक मैना बाद फोन कौरुं कि डाळ कटणो स्वीकृति क्या ह्वाइ?"
प्रधानन बोलि," ना ना फिर  दुसर मैना परगना (पट्टियों मिलैक एक यूनिट )स्तर पर तीन तीन  
क्रिक्यट प्रीमियर लीग टूर्नामेंट उरायाँ छन तो हम सौब पंच , सरपंच अर प्रधान लोग तीन मैना तलक व्यस्त छंवां।"
प्रधान दान फोन काटि दे।
हमन गुन्दरू तै  पत्थर, माटु आदि ठेका दियुं छौ मीन स्वाच वै तैं फोन करे जावो। मीन फोन मिलायि अर ब्वाल," यो गुन्दरू ! मि 
मुंबई बिटेन भीषम बुलणु छौं।"गुन्दरूक जबाब छौं," ओ काका नमस्कार। जल्दी बोल मीमा एक सेकंड को बी टैम नी च ."
मीन ब्वाल," क्या ह्वाइ ?"
वैको जबाब छौ," इन च इना द्वी मैना मा छै छै 
 
क्रिक्यट प्रीमियर लीग टूर्नामेंट हूणा छन अर मी तैं पिच बणाण से लेकि खिलाड्यु  ड्रेस जूतों ठेका मिल्युं च तो चार मैना तलक मीमा क्या कै बि कारीगरम टैम नी च। त्यार कूड़ ये साल तो ना दुसर साल हि चिणे जालो।'
गुन्दरून फोन काटि दे
मीन स्वाच चलो पटवरी से डाळ कटणो स्वीकृति बात करे जावो। मीन फोन लगाई 
पटवरी तै परिचय द्यायि।
 
पटवरीन ब्वाल," वो मास्टर जी से व्हिस्की बोतल मिलि गे छा। पण इना छै छै क्रिक्यट प्रीमियर लीग टूर्नामेंट हूणा छन तो लॉ एंड ऑर्डर संभाळणो  बान हम पटवरी -कानूनगो सौब  व्यस्त छंवां। तुमर  काम अब अगला सीजन मा ही होलु" पटवरीन बि फोन काटि दे।
मि  समजि ग्यों सरा क्षेत्र मा क्रिक्यटाण  सौरीं (फैली  ) च तो इ साल हमर कूड़ो मरम्मत हूण  
मुस्किल इ च।     
    
    

      
  
      
                   


Copyright @ Bhishma Kukreti  5 /4/2013