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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, April 28, 2013

कास मेरि बि चीट फंड कम्पनी होंदि !

गढ़वाली हास्य -व्यंग्य 
सौज सौज मा मजाक मसखरी 
हौंस,चबोड़,चखन्यौ   
सौज सौज मा गंभीर छ्वीं 
                             कास मेरि बि  चीट फंड कम्पनी होंदि !   
                                 चबोड़्या - चखन्यौर्या: भीष्म कुकरेती (s = आधी अ )
मीन देसी दारु क पवा मेज मा धार अर सूखा चणा लाणों बान  घरवळि तै बोलि 
घरवळिन कुणेक बोलि," बीस साल से तुमकुण बुल्द बुल्द थकि ग्यों कि मुंबई छ्वाड़ो अर कोलकता बसि  जौंदा! उख तुम रोज  विदेशी  ड्रिंक  पींदा अर चखणा मा रोज बनि बनिक  चिकन मटन खांदा। पण तुम छंवां कि आमची मुंबई का फेर मा पड्या।"
मीन बोलि," कनों जब मीन इख इन्डियन कॉमर्सियल कैपिटल मा कुछ नि कार तो उख क्या कौरि लींदो?"
घरवळि- तुम बि ना ! पता नि म्यार हूंद बि तुम पर बणिया बुद्धि नि ऐ 
मीन बोल -अरे पण कोलकत्ता  जैक क्या ह्वे जांद?
घरवळि- इन ब्वालो क्या क्या नि होंद?
मि - जन कि?
घरवळि- जन कि तुम एक चीट फंड कम्पनी खुल्दा  
मि -चीट फंड ना चिट फंड होंद .
घरवळि-ओहो चिट फंड तो सरकारी खसरा -बसरा (रिकौर्ड ) मा दिखाणो होंद  
मि -अर असला मा 
घरवळि-असल मा या कम्पनी चीट  फंड कम्पनी होन्दि जो लोगुं तैं धोखा देकि छ्वट़ा छ्वटा निवेशकों बिटेन खरबों रुप्या कट्ठा करदा अर तुम मजा करदा।  
मि -छ्वटा छ्वटा निवेशकों न किलै मेरि कंपनीम इन्वेस्ट करदा? 
घरवळि-इखमा क्या च  चिट  फंड को मतबल च चीट को फंडा , झूठ को फंदा , कल्पना को फांस। निवेशकों तैं सौ टका ब्याज को झांसा दयावो अर अपण ड्यार दबलों पुटुक रुप्या भारो 
मि -ह्यां पण निवेशकों पास बंगाल म बि त ब्यूंत /तकनीक चयेंद कि ना 
घरवळि-तुम बि ना! पढाइ लिखाइ जाट अर सोळ दुने आट वाळ छंवां   
मि -अरे करोड़ो निवेशकों तलक पौंछण क्वी सरल बात च? 
घरवळि-उखमा क्या च। चिट फंड या चीट फंड का एजेंट होंदन जौं तैं लीडर बुल्दन वूं तैं चालीस टका दलाली द्यायो तो वो गरीब गुरबों तैं झूठा सपना , झुटा आश्वासन देकी अफिक झटकदन  छ्वटा छ्वटा निवेशकों से पैसा    
मि -ह्यां पण लीडर !
घरवळि-लीडरों तैं बड़ी बड़ी आलीशान पार्टी द्यावो। खूब झसका फसका कारो। पार्टी मा   त्रिंण मूल कौंग्रेस या कै बि पार्टी का नुमायंदों जन कि कुणाल घोस तैं संरक्षक बणावो अर लीडरों तैं उत्प्रेरित कारो , दलालों तैं धन से , मौज से उत्साहित कारो अर निवेशकों की जेब पर हमला कारो    
मि -यां से सब ह्वे जालो 
घरवळि-नै नै . जन कि बंगालम कम्युनिस्ट शासन छौ त तुम कम्युनिस्ट पत्रिकाओं  जन की जन शक्ति मा खूब विज्ञापन दीन्द जावो।
मि -औ तबि त मि बुल्दो कि .. केंद्र मा भाजापा या कौंग्रेस को राज छयो अर कम्युनिस्ट सद्यनि फौरेन इन्वेस्टमेंट आदि की बात लोक सभा मा  उठांदा छा पण यूँ आम आदम्युं हितैस्युंन चिट फंड को चीटींग का बारा मा कबि बि जिब्वड़ नि ख्वाल 
घरवळि-हाँ चिट फंड का नुक्सा मा क्या कम्युनिस्ट क्या कौंग्रेस अर क्या समाजवादी पार्टी 
मि -यु समाजवादी पार्टी क बात इक्हम कखन आई 
घरवळि-क्यों सहारा ग्रुप को चीट फंड बिसरी ग्येवां क्या अर इन बुले जांद कि  सहारा ग्रुप को बिजनेस बढ़ोतरी मा समाज वादी पार्टी को बडो लम्बो हाथ च  
मि -ये मेरी ब्वे! 
घरवळि-फिर मजा से तुम छ्वटा छ्वटा निवेशकों से रुपया घटकैक तुमम खरबों रूप्या ह्वे जांदो     
मि -ह्यां मि इथगा रूप्या क्या करदो?
घरवळि-फिर सहारा चिट फंड वाळु तरां कई होटल , कई टी वी चैनेल , कई इयर लाइन्स खरीददा, या लोनावाला को लिवासा सरीखा टाउनशिप बणान्दा   अर मौज करदा   
मि -अरे इथगा आसान थुका च चिट फंड कम्पनी चलाण। चिट फंड रेगुलेट करणों बान सन इकासी को इन्डियन पैनेल कोड च।
घरवळि-हां त क्या ह्वाइ! अरे भारत सरकार का कै बि  मंत्रीक घरवळि जन कि  चिदम्बर जीक जनानी नलनी चिदम्बरम तै अपण लीगल ऐडवाजर अप्वाइंट करी लींदा। या फिर अम्र सिंह सरीखा राजनीतिग्य, हालंकि भौत सा बिगड्या खोपडिक ये तैं  महान राजनैतिक बिचौलिया बुल्दन पण अम्र सिंह सरीखा नेता की छत्र छाया  
मि -अरे नलिनी चिदम्बरम त मद्रासम रौन्दि अर चिट  फंड को बिजिनेस होलु कोलकत्ता मा?
घरवळि- ओहो केन्द्रीय मंत्रीक संबंधी तै कम्पनीक ऐड वाइजर बणाण से क्वी बि उल्टो , गैरकानूनी काम करणम जादा अड़चन नि होंदि     
मि -यां पण हरेक राज्य सरकार को चिट फंड को नियम होंदन  
घरवळि-इखमा मा क्या च! राज्य का ऐम पी , ऐम एल ए आद्युं तै पार्टी देकि , ऐथर पैथर लीगल फैदा या पार्टी समाचार पत्र तैं विज्ञापन देकि देकि केन्द्रीय अर राज्य स्तर का  नेताओं तै पटैक राखो  
मि -ये मेरी ब्वे ! 
घरवळि-फिर सुब्रतो राय जन बडो देश भक्त बणो 
मि -देश भक्त? 
 घरवळि-हाँ स्यु सुब्रतो राय को हाल देखि ल्यावो। सर्वोच न्यायालय तो सहारा ग्रुप पर चिट फंड का नाम पर चीट को  भगार लगाणों च पण सहारा सरा दुनिया तै मिलावट रोकणो विज्ञापन दीणु च। चिट फंड की दुनिया मा  यां से बड़ी वक्रोक्ति क्या ह्वे सकदी।  
मि -ह्यां पण दुनिया मा कै बि फाइनेंसियल ट्रांजिक्सन  मा सौ डेढ़ सौ टका मुनाफ़ा नि होंद 
 घरवळि-तो 
मि - अरे जब निवेशकों तैं चालीस पचास टका ब्याज अर लीडरों तैं बि चालीस पचास टका  दलाली दिए जालि तो कम्पनी कनकै चलली?
घरवळि-ओहो तुम बि ना ! कौन से निवेशको तै ऊंक पैसा वापस बौड़ाण? 
मि -तो 
घरवळि-बस निवेशकों तैं निरंतर धोका दीण ही तो जादातर इन चिट फंड कम्पन्युं काम च  
मि -अर जु न्यायालयक पकड़ मा ऐ जावो तो ?
घरवळि-तो क्या ए राजा,  सुरेश कलमाड़ी या डीमके की  कलमुडी तरां द्वी चार मैना जेल मा चहल कदमी कौरिक आइ  जावो। एक दै केस कोर्ट मा ग्याइ ना फिर तो   हजारों साल तलक केस कोर्ट माँ ही रालो।
मि -ना मि देसि दारु अर सूखा चणा   से इ काम चलै ल्योलु। लाखों करोड़ो  लोगु कामना से खिलवाड़ से बढिया देसी दारु अर सूखा चणा इ ठीक च 
  

Copyright @ Bhishma Kukreti  27/4/2013           
(लेख में नाम व घटनायें सर्वथा काल्पनिक  हैं  )