उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Sunday, April 14, 2013

गां मा फेसबुक्याण अर ट्वीटर्याण

ढ़वाली हास्य -व्यंग्य 
सौज सौज मा मजाक मसखरी 
हौंस,चबोड़,चखन्यौ 
सौज सौज मा गंभीर छ्वीं
                             
                            गां मा फेसबुक्याण अर ट्वीटर्याण    
                             चबोड़्या - चखन्यौर्या: भीष्म कुकरेतीइन 
(s = आधी अ )
  दिल्ली , मुम्बै , भैर देसुं गढ़वळि  समजदन जन बुल्याँ नै  टेक्नौलौजि उपयोग यी बिंडि जाणदन अर गाँव  वाळ इनि गंवार छन।
इन नी च। म्योर गां मा फेस बुक या ट्वीटर को बडो प्रचलन बढ़ गे अर खूब  फेस्बुक्याण अर ट्वीटर्याण सौरीं (फैलीं ) च।
अब सि मधुलि बौ तैं इ देखि ल्यावदि। नणद तें बिजाळणो टैबलेट मा एक वेकिंग रिंग टोन  लगै छौ जु नणदो ब्यौ बाद बि उनि च अर  अर ठीक सात बजि टेबलेट से रिंग टोन बजद," हे नरभागण सि धारमा घाम ऐ गे। कन निंदाड़ ब्वे की बेटी छे जु अबि बि फकोरिक सिंयीं छे।उठ हे असुण्या।" अब नणद त अपण ससुराल च पण रिंग टोन मधुलि बौ तैं बिजाळणो काम आंद।
मधुलि बौ सुबेर सुबेर बिजिक मुख नि धोंदी बलकणम टैबलेट पर अयां रैबार पढ़दि। जु दिल्ली बिटेन भैजिक  फेस बुक मेसैज नि रावो  तो मधुलि बौ  जोर जोर से बरडान्द कि बगल  का  कमरा मा  सासु बि सुणि ल्याओ , रात तुमन अपण ब्वै रन्ड़ोळो दगड फेस बुक पर चैट  करि होलु अर वीनं पाठ पढै होलु त अबि तलक सुबेरो रैबार नि भेजि।" अर इनि रैबार फेसबुक से भैजि कुणि भेजि दींद।

उना जमली बोडि अपण ब्वारिक सुबेरों कुटबाग  सुणदि अर बोडि बि जोर जोर से  हथनी जन चिंघाडि बुलण मिसे जान्दि," कन बदमाश रांडै बेटी च। जनों तन  ह्वावन कन। मी तो 'कन च आज की ब्वारी' सीरियल देखि से गे छौ। अर अबि तलक मीन कम्प्यूटर औन बि नि कार। मीन जु चैट करी हो तो त्यार बुबाक  गौड़ मोरी जैन।" अर बोडी बि बगैर मुख धुयां कम्प्यूटर औन करदी अर भैजि कुण ब्वारि काट करण वाळ मेसेज भेजि देंदी। उना बौ बि सासु तै गाळी की मैसेज भैजि कुण भेजि दींद। पैल खाली कम्प्यूटर छौ तो द्वी- सास ब्वारि कम्प्यूटर प्रयोग का बान  झगड़दा छा। जब बिटेन भैजिन बौ बान टैबलेट भ्याज तो अब बोल बचन मा झगड़ा कम ह्वे गे, किलैकि अब द्वी या तो अपण अपण कमरा मा  टीवी सीरियल दिखण या फेस बुक मा चैटिंग मा व्यस्त रौंदन। अब भैजि मन्योडर नि करदन बस इलेक्ट्रोनिक मैसेज से बौक बैंकम रुपया ट्रांसफर कर  दीन्दन। अर बोडी कुण कै हैंकाक अकौन्ट्स से रुपया ट्रांसफर करदन कि बौ तैं पता नी चौल कि भैजि अपण ब्वे कुण रूप्या भिजणु च।   
   अब सि धनु बोडि तैं इ देखि ल्यावदि। धनु बोडी चार लड़िक छन पण द्वी साल ह्वे गेन अबि तलक वूंन निस्तार नि कार साक कि धनु बोडि कुण टैबलेट कु भै भ्याजल।उन त जब तलक बडा  बच्युं छौ बोडिन नि जाण कि पतिव्रता नार क्या हूंद पण इना बड़ा सोरग होइ अर गां मा टैबलेट को प्रचलन ह्वाइ तो धनु बोडी  जैक बि ड्यारम जावो वैमांगन टैबलेट मांगदि अर सीता की कहानी इना उना फेस बुक मा पोस्ट करणी  रौंद। पैल जैक लैंदो नि होंद छौ वु छांच मांगिक पऴयो   खांदो छौ अब जैम टैबलेट नी च वो दुसर मांगन मांगिक फेस बुक माँ चैट करदो या मैसेज पोस्ट करदो। गां मा सहयोग की भावना अबि बि बचीं च।
बच्चा लोग अब गुल्लि डंडा , क्रिकेट कुछ नि खिल्दन अब तो बस टैबलेट पर कम्प्यूटर गेम मा ब्यस्त छन।
बुड्या अब चौक या कैक डिंड्यळम बैठिक छ्वीं नि लगौंदन अब तो बस  फेस बुक ही ऊंकुण  चौक , डिंड्यळ हवे गे.    
अब तुम तै इन सुणनो रोजि मीलल। "ये भुलि बारा बजि गेन तीन खाणा बणै याल?" तो भुलि जबाब आंदो,' ना हे  दीदी! आज एक बजे फेस बुक मा संजीव कपूर लाइव चैट पर आणु च बस जो बि वो खाणक बणालु मीन आज वो इ खाणक बणान, अर तीन खाणक बणै आल?"
 जबाब आंदो," कख ! अचकाल टैम हि कख मिलणु च। आज सुबेर बिटेन अमिताभ बचन , शाहरुख खान को ट्वीटर मा ही व्यस्त रै ग्यों। बस जरा अमीर खान को   ट्वीट ऐ जावो तो लंच मा खिचडी चढौल. दुफरा  बाद आज  फेस बुक अर ट्वीटर पर सलमान खान अर कटरीना कैफ  लाइव आणा छन।"     
   सुन्दरी अर गुन्दरी बौ छन त काका बाडो बेटि पण द्यूराण -जिठाण हूण से वु द्वी अब सांप - नेवला का  खेल का खिलाड़ी ह्व़े गेन। पैल  फेस बुक को प्रचलन नि छौ तो गां वाळ परेशान छा . एक भाजपा तैं जोर जोर से गाळी देंदी छे तो हैंकि कौंग्रेस तै ऐडेक गाळी दींदी छे, या जू बि  मील वैक समणि अपण पार्टी बड़ाई अर विरोधी पार्टी काट। लोग यूं मादे कै तै बि दिखदा छा त रस्ता इ बदल दींदा छा। पण जब बिटेन फेस बुक अर ट्वीटर को प्रचलन बढ़ सरा गां का लोग चैन मा छन। अब सुन्दरी महाफेन्कू का नाम से दिन भर-रात भर नरेंद्र मोदी तै गाऴयूं मैसेज या ट्वीट भिजणम व्यस्त रौन्दि अर गुन्दरी पप्पू छ्वारा नाम से दिन -रात राहुल गांधी तै गाळिक मेल , मैसेज, ट्वीट भिजणि रौंदी, अब दुयुं तैं पता बि नी च कि ऊंक  क्वी गां च , समाज च बस ऊं दुयुंक समाज फेस बुक अर ट्वीटर तक ही सीमित ह्वे गे।
हां रघुकुल रीति सदा चलि आयि कि नई टैकलौजीक  पैलो  फैदा उच्च या इलीट लोगुं तैं   ही मिलदो। अब हमर परिवारों ल्वार भाना काका  तै  देखि ल्यावदि। जब लोग फेस बुक अर ट्वीटर को फैदा उठाणा छन भाना काका रोज लोगुंम जांदो अर मिन्नत करदो ," हे ठाकुर जी ! जैदिन तुमर मोबाइल फिंकण लैक ह्वे जावो मि तै अपण मोबाइल दे दिंयां हां।" आज पांच साल ह्वे गेन आज बि भाना काका उम्मीद मा च कि कै ना कै दिन वैको बि मोबाईल होलु         
                      



Copyright @ Bhishma Kukreti  13 /4/2013