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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, June 8, 2017

तुम तै अछेकि पता चल्द बल बरसात ऐ गे

(Best of  Garhwali Humor , Wits , Jokes  )
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  चबोड़ , चखन्यौ , ककड़ाट  :::   भीष्म कुकरेती    
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तुम तैं तब पता चल्द बल बरसात ऐ गे जब ज्वी  बि मिल्द वी बुल्द बल ये साल बरसात जल्दी ऐ गे। 
जब मुंबई मा या दिल्ली मा तुमर बुजुर्ग बुलण बिस्यावन बल बरखा त हमर गढ़वाळम हूंदी छै , इख बि क्वी बरखा हूंद। 
जब मुंबई या दिल्लीम तुमर बुजुर्ग बुलण मिसे जावन बल हमर बगत त बरखा अपण टैम पर आदि छे अर बिजोग पड़िन यी बम्बै -डिल्ली पर , जब तलक हवामान विभाग नि बथांद बरखा इ नि आंद। 
तुम तैं तब पता चल्द बल बरसात ऐ गे जब सब जगा झुग्गी  झुपड्यूं छपरोँ मा नीलु -पीलु तिरपाल दिखदां अर मातबरों बिल्डिंगों मा शेड। 
जब तुमकुण हलवाई फोन बार बार आंद बल बरखा लगणी च तो गरम गरम पकोड़ा भेजी द्यूं ?
जब तुमर दोस्त फोन करदन यार रेनी सीजन नि मनाई चलो आज फलण बार मा जये जावो। 
तुम तैं तब पता चल्द बल बरसात ऐ गे जब तुम रोज एक छतरी हरचैक आंदवा अर अपण कज्याणिक  विषैली झिड़की सुणदा। 
जब तुमरि काम वळि बाई बुलण लग जावो कीच साफ़ करणो ज्यादा पगार द्यावो। 
जब भितर पुण सब जगा तुमर गीला ही गीला झुल्ला दिखेंदन इख  तलक कि गैस स्टोव मा बि कपड़ा सुखणा रौंदन। 
तुम तैं तब पता चल्द बल बरसात ऐ गे जब दुकानदारुं  स्पेशल 50 % समर  डिस्काउंट का बोर्ड बदलेकी  स्पेशल 50 % रेनी सीजन डिस्काउंट ह्वे जांदन। 
जब टीवी न्यूज वळा सूरज तै छोड़िक इंद्र दिबता तै गाळी दीण मिसे जावन। 
जब टीवी न्यूज या अखबार वळ पानी की कमी कॉलम बंद करिक बाढ़ का कॉलम् शुरू कौरी द्यावान। 
तुम तैं तब पता चल्द बल बरसात ऐ गे जब नेताओं का सूखा ग्रस्त क्षेत्र यात्रा बाढ़ क्षेत्र पिकनिक मा बदल जांद। 
जब वाशिंग मशीन , वाटर प्यूरीफायर अर मॉस्क्वीटो रिपेलेंट का विज्ञापन ज्यादा ही आण लग जावन। 
जब सरकार विज्ञापन करण  लग जावो मलेरिया से सावधान। 
जब उत्तराखंड से लैंड स्लाइडिंग का रोज न्यूज आण लग जावन। 
तुम तैं तब पता चल्द बल बरसात ऐ गे जब डाक्टरों बिक्री बढ़ जावो। 
जब हर एक मिंट मा व्हाट्सएप्प मा लोग बरखा की सेल्फी भिजण लग जावन। 
जब में सरीखा लिख्वार तै लिखणो नै विषय मिल जावो तो समझो सीजन बदल गे। 



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Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India ,  9 /6/ 2017 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल हौंस , हौंसारथ , खिकताट , व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।

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