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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, August 16, 2015

कवियुं तै एक खास चरित्र गंठ्याण से फैदा इ हूंद - 'पथिक'

( पूरण पंत 'पथिक ' से एक मोबाइल्या मुखाभेंट )

  अस्सी का दसक मा पूरण पंत 'पथिक ' , नेत्र सिंह असवाल, विनोद उनियाल आदि कवियुंन गढ़वळि कविता तै नै लारा , नया गात , नै अन्वार दे।  पत्रिकाओं अर कवि सम्मेलनुं मापूरण पंत पथिक की व्यंग्यात्मक कविताऊँ तै   खूब प्रशंसा मील।  पूरण पंतन अपण कविता मा एक विशेष चरित्र कु निर्माण बि कार अर यु चरित्र छौ - 'म्यार ब्वाडा' । 'म्यार ब्वाडा ' हरेक कवितान्त मा एक कन्क्लूजन दे जांद।  पूरण पंत 'पथिक ' का दगड़ 'म्यार ब्वाडा ' चरित्र बाबत के छुटि सी बातचीत -
भीष्म कुकरेती - पंत जी आपन अपण कवितौं वास्ता एक चरित्र गंठ्याई -म्यार ब्वाडा।  क्या यु चरित्र शुरू से  आपक कवितौं मा छौ ? 
पूरण पंत 'पथिक '- ना भै ना।  भौत सालुं बाद अचाणक चक यु चरित्र पैदा ह्वे अर फिर म्यार ब्वाडा म्यार हरेक कवितौं का हीरो ह्वे गे। 
भीकु म्यार ब्वाडा  चरित्र से सबसे अधिक फैदा क्या ह्वे ?
पूपंप - ये चरित्र से मेरी कवितौं तै एक सुडौल आधार मिलदो छ। 
भीकु -और ?
पूपंप -  म्यार ब्वाडा से सबसे अधिक फैदा यु ह्वे कि अंत मा मि संदेश दे सकदु छौ जु अमूनन व्यंग्य कवितौं मा नि बिराजदो। 
भीकु -हाँ असल मा म्यार ब्वाडा ' अडाण से ज्यादा एक कंक्लूज़िव बात बोल्दो नजर आंद। या म्यार ब्वाडा कटांग लगांदु 
पूपंप -  म्यार ब्वाडा द्वी तीन काव्य कार्य सम्पन कर दींदु। 
भीकु -म्यार ब्वाडा ' चरित्र गढ़नै पैथर क्वी खास कारण ?
पूपंप -  कारण तो क्वी खास नी च शायद मि महान कार्टूनकार आर के लक्ष्मण या प्राण चोपड़ा से प्रभावित छौ तो ह्वे सकद च इन मा म्यार ब्वाडा चरित्र से लगाव ही ह्वे गे हो। 
भीकु -क्या इन चरित्र कवि का वास्ता फाइडामंद होंद च।  
पूपंप -  हाँ अवश्य यदि कविता का विषय चरित्र से संबंधित हो। फिर कवि की पहचान बणाणम  बि तो चरित्र साथ दीन्दो।  पाठक यदि चरित्र से सामंजस्य बिठै द्यावो तो कविता समजण म सरल बि ह्वे जांद। 
भीकु -इन चरित्र का क्या ख़ास ख़ास गुण हूण चयेंद ?
पूपंप -  बस चरित्र आपका पाठकों की भूत , वर्तमान अर कल्पना मा फिट हूण चयेंद अर विशेष हूणि चयेंद -
भीकु - अपन अब म्यार ब्वाडा छोड़ि याल ?
पूपंप - छोड़ी नी च बल्कि जरूरत नी लगणी च कि मि कविताओं मा म्यार ब्वाडा की जरूरत च। 

Copyright @ Bhishma Kukret11 /8/2015