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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, January 5, 2012

Internet jamane ki Bwari/Bahu


कुछ चबोड़ इ सै
           इंटरनेटी जमाना मां सासूं की छ्वीं
                  (Garhwali Satire, Garhwali Humour, Garhwali wits)
                      भीष्म कुकरेती
आज न भोळ त हूणि चा अर जादातर अरेंज्ड शादी ब्यौ इन्टरनेट का मार्फ़त ही होला .
दुन्या मां बदलाव कथगा बी आला पण काट करण या एक हैंका मां अपनी खैरी लगान बंद नि होला .
इनी इन्टरनेट का जमाना मां सासू अपनी खैरी कन सुणाली सुनाली या काट कनें कारली :
 
एक सासू: क्या बुन्न मेरी त मौ घाम इ लगी ही ग्याई जन बुल्या !
हैंकि: क्या बुन. मेरी ब्वारी अमेरिकन मैरिज़ डॉट वाली च. दस साल ब्यौ कर्याँ होई गेन मूसो बी नि जनम !!
दूसरी : कनो नौनो मां खोट च या ब्वारी ही बांज च ?
सासू: तन हुन्दो त भगवान् का नाम फर रुंदा हम . अमेरिकन स्टाइल वाली जी च ब्वारी . बोलणि च बल मां बणणो कु
दुःख, पीडा कैन सैणे ?. बुलणी  रौंद बल बच्चा पैदा करण मा डौ होंद बल ! द बथावा इं अमेरिकन शादी डॉट कॉम वाळी तैं मां बणनै पीडा नि सयाणी च ,
दरद नि चयाणो च . अपण त मवासी क्या सरा साखी इ बांज पोडी ग्याई
हैंकी : ए भूली ! अरे ब्वारी त छें च .कै दिन त कुछ त होलू . एक मेरी भूलि का नौनू अमेरिकन  शादी डॉट वाली ल्हायी.
ब्वारी क्या लायी बिथ्या /रोग  लाइ . सारा गाँव एरिया मां मेरी भुली मुख दिखाण लैकि नी रईं च.
पैली: कनो क्या व्हाई ? क्या चुल्लो तैं टोइलेट समजीक चुल्लू मा हग्दी क्या ?
वैइ : हूँ क्या छो मेरी भुली का नौनु अमेरिकन डॉट कॉम बिटेन मोछ वळी ब्वारी खुजेक ल्हेई ग्याई . ब्वारी बोलवां या ब्वारा ब्वालवां ?
क्वी कवी त बुल्दो भीली का मजाक कौरिक बुल्दन बल ' तेरो नौनु ब्वारी ह्व़े गे'
उख मवासी त घाम अलग लग अर जग मा बदनामी अलग हूणी च
एक हैंकि : ए भुली !! ओ द्याख च जमुना कि नौली नयी नयी ब्वारी . गौड़ी ,भैंसूं , बखरूं त छ्वाड़ो मूसों दगड बी अंगरेजी मां बचल्यांद ..
दूसरी : अब टाईम्स शादी डॉट कॉम वळी होली त डाळ बूटों दगड बी अंगरेजी मां ही छ्वीं कारली कि ना ?
एक; हाँ भारत डॉट कॉम वाली होंद ता वा ड़ोटर दौत्र इन लौ की जगा बहु ह्व़े जांद . त फिर , वहु त हिन्दी मां ही बच्ल्याली, बात करली की ना?
तीसरी: क्वी कुछ बि ब्वालो , ब्वारी ल़ाण होऊ त उत्तराखंड डॉट कोम बिटेन ल़ाण चयांद भै .
पैली: हाँ उन त उत्तराखंड डॉट कोम की ब्वारी ठीकि होंदी . घर कु काम बी कॉरी लीन्दी पण राज्य का ओफिसरुं तरां जादा तर देहरादून ही पड़ीं रौंदी .
दूसरी : सबसे बढिया त अपन गढ़वाली ब्यौ डॉट कौम वळी होंद , बल घर का कम बी करदन अर हम सासुं का खुट बी पटके लीन्दन
चौथी : हाँ ! गढवाळी ब्यौ ड़ोट कौम वळी ठीकि रौंद , पण गढ़वाली शादी डॉट कोम वाळीम सवोर , सगोर, एटीकेट कुछ बी नि होंदी , वी घर्या हिसाब किताब ...
फाणु बाड़ी त पकै लीन्दन पण कबि जब फोई ग्रास विद मस्टर्ड , पाएला डिश , या सुशी रौल्स बणाण हो त गढवाळी ब्यौ ड़ोट कौम वळी ब्वार्युं ब्व़े मोरी जांद .
सबी: हाँ हमारो जमानो ही ठीक छायो जब ........हाँ ! पण जु
 
 
Garhwali satire , Garhwali Humour, Garhwali wits to be continued in next.....
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