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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, January 22, 2012

मुन्ना भाई क क्षेत्र मा ओपिनियन पोल की पोल

Humour/Satire
चबोड़ इ चबोड़ मा भैरों!
                           मुन्ना भाई क क्षेत्र मा ओपिनियन पोल की पोल
                                          भीष्म कुकरेती
अच्काल चुनौ मौसम नी च असल मा अच्काल त एक्जिट पोल को मौसम च . चुनौ प्रत्यास्युं से बिंडी त एक्जिट पोल का सर्वेयरूं टेंट/तम्बू लग्याँ छन. इनां एक्जिट पोल, उना एक्जिट पोल, इख एक्जिट पोल, उख एक्जिट पोल, तौळ एक्जिट पोल त मैल (मथिन) एक्जिट पोल जख जाओ तख़ एक्जिट पोल. १८२४ हेनिसबर्ग पेनिसिल्वेनीयन ओपिनियन पोल की पवाण लगै छे अर अब या बीमारी आन्द आन्द सरा गढ़वाळ मा लेँटीना खौड जन सौरी गे. जैदिन बिटेन मुन्ना भाई चुनौ मा खड़ो ह्व़े अर मुन्ना भाई न चुनौ पर्चा क्या भौर कि में कुण मुसीबत ह्व़े गे .
अब हर चार घडी मा मेरापहाड़डोट कौम का एम्.एस मेहता जी क फोन आन्दु बल भीसम जी आप मुन्ना भाई क एरिया क छन त मुन्ना भाई क एरिया क एक्जिट पोल मा हर घड़ी हिस्सा ल़ीणा राव अर व्व्युअर्स तैं बतान्दा रावा बल मुन्ना भाई क एरिया बिटेन कु जीतल, मेहता जी फोन नि धरदन कि यंग उत्तराखंड का विपिन पंवार जी को फोन ऐ जांद बल कुकरेती जी यू क्या च ? आप मेरापहाड़ मा एक्जिट पोल मा हिस्सा लीणा छ्न्वां अर यंग उत्तराखंड तैं छ्वारा छपार समजिक तिराणा छ्न्वां, ज़रा हमर यंग उत्तराखंड का एक्जिट पोल या ओपिनियन पोल मा बि जोगध्यान/गहरी रूचि लगैक हिस्सा ल्याओ . उख ड्याराडुण बिटेन दून दर्पण, गढ़वाळ पोस्ट, दैनिक हिंदुस्तान, अमर उजाला, , दैनिक जागरण का दगड्या संवाददातों क फोन त ठीक च पण जब मेरी पट्टी क कथगाई अखब़ारूं संवाददाता नंदा दत्त बड़थ्वाळ जी क फोन आई बल ए भीषम जरा अपण गाँ जसपुर, म्यार गां बडेथ का, न्याड़ ध्वारो सब्बी गाँऊँ अर त्यार रिश्तेदारूं सब्बी गाऊँ मा ओपिनियन पोल या एक्जिट पोल कौर अर रिजल्ट श्याम दें तलक मै तैं बथा . त मी झसके ग्यों
मीन आजौ पत्रकार पण ब्याल़ो रिटायर्ड मास्टरजी तैं पूछ , " मास्टर जी ! कनो ? मी रौंद मुंबई मा अर आप रौंदा बडेथ मा त मीन जि ओपिनियन /एक्जिट पोल करण छौ कि उख रैका तुमन ? "
मास्टर जी उर्फ़ पत्रकार जीन बिंगाई/समजाई, " अरे भीसम ! इख क्या च ! अच्काल लोक क्या अपणि कज्याण बि पत्रकारूं देखिक इन बितकदन जन इकुळया सन्नी /छन्नी /गौसाला क इकुळया गोर उपरि गोरुं देखिक बितकदन. क्वी बि ओपिनियन पोल या एक्जिट पोल मा हिस्सा इ नि ल़ीणो च अर जु बथाणा भी छन ओ सौब झूट बुलणा छन. मीन चार दिन पैल कनै कौरिक बि लोकुं तैं पुल़े पुसेकि ओपिनियन ब्वालो कि एक्जिट पोल कार त पायी कि यमकेश्वर ब्लौक बटें परिवर्तन पार्टी जितणि च अर इख बिटेन परिवर्तन पार्टी क क्वी उम्मेदवार इ नी च . वोटर अब पत्रकारूं से इनी खार खाणा छन जन दिग्विजय सिंग आर एस. एस से खार खांद . भीसम अब त त्यारो इ सार च. जरा मुंबई मा बैठिक म्यार अर दुसर गाँव कि खबर दे भै कि कु जितणु च."
भुर्त्या बौणिक , अपुण बाड़ी पळयो खैक, अपण मोबाइल का बिल बढैक मुंबई मा बैठिक ढाञगु पट्टी क नामी गिरामी पत्रकार जी खुणि ढाञगु पट्टी याने मुन्ना भाई क चुनौ क्षेत्र मा ओइपिनियन पोल कार अर ओपिनियन पोल को रिजल्ट या च
अब जन कि जसपुर ग्राम सभा मा जसपुर गाँ का वोटरूं संख्या हौरू गाँ से भौत जादा च पण जसपुर वाळ अपण गाँ वाळ पर कतै बि विश्वास नि करदन अर जादातर जसपुर ग्राम सभा क प्रधान दुसर गौं को ही चुने जांद. जु जसपुर का लोक सद्यनो तरां
अपण गां वालूं पर विश्वास नि कारल त जसपुर वालूंन ग्वील , बडेथ का ऐजेंटूं कि इ सुणन. जसपुर का कुकरेत्युं न ग्वील का जाती भाई कुकरेती एजेंट कि नि सुणनअर बडेथ का बड़थ्वालूं बात जरुर मानी जाण अर जसपुर का जखमोला अर बहुगुणोन ग्वील वालूं बात त मानी ल़ीण पण बडेथ वालूं क नि सुणनि अर फिर जसपुर का शिल्पकारुं न ना त जसपुर , ना बडेथ अर ना ही ग्वील वलूं क बात मनण (बात बि सै च जब जसपुर का शिल्पकार तिनी गावूं हौळ लगांदन त अच्काल जब हल्योंकमी ह्वाओ त किलै शिल्पकारूं ण कैकी बि सुणन !) . ग्वील वालुं बात बि अजीब छ सरा अडगें मा इखाक कुकरेती कै बि कुकरेती कि इख तलक कि अपनों गां का कुकरेत्युं कि बात नि माणदन अर बडेथ वालूं बात बि ग्वील़ो कुकरेती नि सुणदन. इन मा जसपुर का शिल्पकार इ ग्वील वालूं पर दबाब बणे सकदन कि ग्वील वाळ कै तैं वोट दयावान . पण सबसे बड़ो सवाल च जसपुर का शिल्पकारों तै कु पटालो. जसपुर का शिल्पकार अपणि अडगें (क्षेत्र) का कै बि बामण, राजपूत अर शिल्पकारूं बात नि मणदन . जसपुर का शिल्पकारूं बुलण च बल हम त यीं पट्टी का पुराणा बासिन्दा छंवां जु कुकरेत्युं दगड इ जसपुर मा बसी छ्या, हम जसपुरौ शिल्पकारूं क हुक्का श्रीनगर अर टीरी क माराज बि पसंद करदा था त हमन कैकी बात किलै सुणन. इन मा जसपुर का शिल्पकारूं तैं पटाणो डबरालस्यूं, उदैपुर, अजमेर, लंगूर का ऐजेंटूं तैं लाण पोड़ल . अब जब यीं अडगें /क्षेत्र मा दुसर अडगें का एजेंट ऐ जाला त तबी पता चौलल कि गौल या ऊँट कै हौड़ फरकल.
अर इ हाल म्यार सौब रिश्तेदारूं गाऊँ हाल छन . सबि जगा भैराक एजेंट जाला त पता चौलल बल ऊँट कें हौड़ बैठल .
या त ह्व़े माइक्रो लेवल कि बात अब ज़रा माइक्रो लेवल कि बात बि जणन जरुरी च .
हाँ जु बि आश्वासन का औडळ बीडळ खाली लाला इ ना बल्कण मा लोकुं तैं लगण बि चएंद बल नेता जी आश्वासन पूरा कौरल त सैत च वो नेता जीति जालो जो आश्वासन का औडळ -बीडळऊँ दगड विश्वास का ढांड बि बरखे साकल वैका जितणो असार जादा राला. चुनौ माया ( परसेप्सन ) को खेल जु च . अर जखम जाती गणत कि गोटी फिट करण उखम गोटी फिट करणी पोडल .
अब जब कै तैं जग्गी मा खाणक खलये जाओ अर दक्षिणा नी लगए जावू , पाणि पिठे नी ह्वाऊ त वा जग्गी सुफल नि होंद . जग्य/ यग्य मा जु होम सामग्री नि फुके जाओ त वो यग्य सुफल नि मणे जांद त जु जथगा रूप्या चुनावी यग्य मा
फूकल वैको जितणो असार जादा होला.
अब को जमाना छ्वायों/छोयों क नी च अच्काल त गाड -गदनो क जमानो च . त जु बि गाड- गदनो मा पाणी जगा गाड- गदनो मा शराब , दारु बौगालो वो इ जितलो .
अब सौब कुछ ह्व़े बि जालो अर चुनाऊ दिन बिदू नि रालो , ह्यूं पोड़ी जालो त समजी ल्याओ पकीं पकयीं खीर मा कवा न बीटी द्याई. त जू बि प्रत्यासी वोटरूं तैं रगोंड़ी -रगोंडिक, ल्ह्सोरि- ल्ह्सोरिक , जनकै-जनकैक, खेंचि-खेंचिक पोलिंग बूथ ल्ही जालो वैका जितणों असार बिंडी राला.
मी यू लेख लिखणु इ छयो कि चुनौ प्रत्यासी मुन्ना भाई क फोन आई , " यार भीसम! , ज़रा अपण ओपिनियन पोल कु हिसाब से मी तैं बतादी कि मी जितणु छौं कि ना. इख कुछ पता इ नि चलणु कि मी जितणु छौं कि ना ?"
(Its just a fiction and satire )
Copyright@ Bhishm Kukreti