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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, January 12, 2012

Garhwali Words those are now being extinct Part-5

Garhwali Words those are now being extinct Part-
Internet Presentation by Bhishm Kukreti
 
Source : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh
घणज = पथरीला स्थान
घंमटेण/घंमटयण = गले लगाना, आलिंगन
घगाड़= विशेषग्य , चतुर
घSणकसाल़ा = कष्ट उठाने का साहस
घमतप्पु = बिना काम काज के धूप सेंकने वाला
घरबैसू /भितरपैन्छु =गृह प्रवेश
घांटी= गले की आहार नलिका
घाण =एक बार में ओखली में कूटे/चक्की में पीसने लायक वाला अनाज
घाण = समूह , टोली
घूंग्यसी = घूमी हुई
घूंग्यसू =घुमा हुआ
घुंजबैठण =घुटनों का काम न करना
घुग्गी = सिर ढकने का वस्त्र
घुगेर = पीठ पर बच्चों को ल़े जाने वाला
घुत्तु = पत्थर को काट कर बनायीं हुई बडी ओखली जिसमे औरतें पैर धोती थीं .
घिंता = उत्साहहीन खासकर उद्दंड व्यक्ति जब उद्दंडता चोड़ देता हो
घ्यप्सु= विव्कूफ़,
घ्वस्याट = धीमे शब्दों में की जाने वाली जिद्द , हठ
घ्वीड्योण = खदेड़ना , भगाना
Garhwali Words are now being extinct, to be continued in Part-6
Courtesy : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh