उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Wednesday, January 11, 2012

Garhwali Words are Now being Extinct


Garhwali Words are Now being Extinct
Presented by Bhishm Kukreti
Source Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Bejwal , Garhwali Shabdkosh
उनगण = प्रसव होना, स्वील होण
उनगी = प्रसव हो गया
उनाणयण = जम्हाई लेना
उनौणु = ध्यान में लाना
उन्य देसी = परदेसी
उमटाळ = उबटन
उगाळ = उबटन
उराडु = औडळ, झंझावत , आंधी
अलखणि /उलखणि = विचित्र , अनोखा, अजीव
ओंजू = संतानोत्पति हेतु एक तांत्रिक क्रिया
ओगरा = पथ्य हेतु हल्का भोजन
औरु = बैरु, बहरा
औल़ाण = उलाहना
औळयूँ लगण = बच्चे का माता पिता के पीछे लगना या जिद करना
औसर = नाचने गाने का अखाड़ा
कंकाली = झगडालू
कणसुणा=किसी की बात छुपकर सुनना
कटकटकार = अत्यंत कठोर
कड़कड़कार = बहुत प्रेत से बेहोश मनुष्य या अत्यंत सख्त
कमचूस = कंजूस
कमोल़ा = मिटटी की छोटी हांडी
करूड़ /करूड़ो =कठोर
कळखानी = झगडालू / कलह की खान
कळदार = सिक्का
कळपणा = बुरी नजर /किसी के पास अछि चीज देख पाने की कल्पना
कसलो =तकलीफ
कांकर = मकान की पहली/दूसरी मजिल की छत का भीतरी भाग
कांडण =रस्सी बटना
काँण = परेशानी
किरचड़ = बारीक और छोटा खराब दाने
किलबाड़ = खूंटा (कीलु)
कुपस्यौ = बुखार का पसीना
कुकराण = कुत्ते के शारीर की गंध
कुकराण = सभा में खि भद्दी या असंगत बात
कुन्नु = जाळीदार थैला
कुपाण = बुरी प्रवृति
कुमलौण =चापलूसी कर ठगना
कुरजाडु= कुल्हाड़ी का हथा
केंटा = लडका
केंटि = लडकी
कोळसांटु = विवाह की एक प्रथा जिसमे किसी परिवार से बहू लाने के बदले उसी परिवार बेटी ब्याही जाती है
(डा. शिव प्रसाद डबराल का भी मात है की यह प्रथा या शब्द साबित करते हैं की गढ़वाली पहले खस व कोळ
भाषा मिश्रित थी)
क्वाणेणु .= उदास होना
क्वनका = खेत में धान का ढेर
क्वडया = दो दीवारों के मिलाने का स्थान , कोर
Source Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Bejwal , Garhwali Shabdkosh
Garhwali Words are now being extinct Part-3
Presented on Internet by Bhishm Kukreti
Source : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh
खंक = कठोर
खंक = खरोच
खंकताळ = नष्ट भ्रष्ट करना
खंकळ =गैरजिम्मेवार
खंकळयौ = उत्तरदायित्वहीनता
खंकळयौ =उत्तरदायित्वहीनता से होने वाली अव्यवस्था
खंकमाळ = नंगापन , कुछ न रहने की दस
खंजरोळ = अड़चन
खंटु = काटे होंट वाला
खंणकि = व्यर्थ ही
खंतड्या = जिसने पुराने कपड़े पहने हों
खमल़ो = खम्भा
खकलाण =हताश होना, स्तंभित होना
खगड़त्या = उबड़ खाबड़ , खुरदरा
खच्चा = काम अकल वाला, कार्य में बिघ्न डालने वाला
ख्ज्जन = उन्मूलन, विनाश
खड़कील =जो गाय/भैंस कभी कभी दूध ना दे
खडंचा =घास से ढकी झोपडी
खड्वानि = खेतों के आस पास का बंजर क्षेत्र जो घास पनपने के लिए छोड़ा जाता है
खत्वाड़= खेतों के कच्चे पुश्ते
खपरांत = पथरीली, उबड़ खाबड़ जमीन
खबाळ = फटी हुयी दरार युक्त जगह
खरबगनी= चीजों को नष्ट करने वाला
खsल़ू = आँगन, चौक
खाकंद = पाखंड
खाकंडी= पाखंडी
खाती = युधिस्ठिर
खादर= नदी किनारे की भूमि
खिरस्यण =ईर्ष्या करना
खुंगु = खांसी
खुट्कुलू/ ख्वबडल़ू = पानी का छोटा गड्ढा
खड़बिजु =समूल नष्ट करने की दशा
खुलपिता = मा बाप का लाडला
खुवा = गहरी खाई
खुवा =काम बिगाड़ने वाला , खोने वाला
खूसण =बल झड़ना
खेदकट्टो =ईर्ष्यालु
ख्यSरा = खेतों के कंकड़ पत्थर, ( छुट छुट र्याड़ )
ख्वंचि = सिर का पिछ्ला भाग
ख्वमा =खेत का वह भाग जहाँ हल नहीं चलाया जा सकता है .
ख्वल़ा /ख्वाळ=मोहल्ला
*********S = आधी अ
Garhwali Words are now being extinct, to be continued in Part-4
Courtesy : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh
Garhwali Words are now being extinct Part-4
Presented on Internet by Bhishm Kukreti
Source : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh
गंडखाण्या = स्वादहीन
गंडखुलै = कर्ज लेते बक्त शाहूकार को थैली की गांठ खोलने के एवज में दी जाने वाली रकम
गजगूर = दुःख की अभिव्यक्ति
गट्टू = टंग (वस्त्र)
गट्टू= जिसमे पानी की मात्र कम हो
गमटाण =दुविधा में रहना
गरडै =अम्प्लता के करण गले में होने वाली जलन
गलफू = फुले गाल
गळमारा . गळसट्टी =कोरी गप्पें
गाछु = इतिहास, ऐतिहासिक गाथा
गाटु = धनि, समृद्ध
गाबल़ू =भेद का बच्चा
गुंट = सुन्दर, सुडौल
गुजरी -पुन्जरी = परशराम से एकत्रित की थोड़ी सी सम्पति
गुरख्वळ = गुरु गृह , गुरु-मुहल्ला
गुळया = दरवाजे की चिटकनी
गैठवा = पुत्र
गैल = साथ, संगत
गैल्याणी =सहेलियां
गो-गिन्ड़ो, ग्वींडा = ग्वरबट, संकरा पतला गायों के जाने का रास्ता
गौंकारा = किसी काम को करने का साहस
गुनखा = आला
गौंथ्यारी = उषा काल में गौमूत्र एकत्रित करने वाली स्त्री
गौंथ्यारी बगत = उषाकाल
गौडखी= गाय बांधने का कमरा
ग्वस्यार= हरिजनों की बृति के सवर्ण परिवार जिनसे हरिजनों (लोहार, टमटे आदि) को फसल पर अनाज मिलता था.
Garhwali Words are now being extinct, to be continued in Part-5
Courtesy : Shri Ramakant Benjwal and Shrimati Vina Benjwal , Garhwali - Hindi Shabdkosh