उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Wednesday, May 10, 2017

ज्यूंदाल

Garhwali Poem by Devesh 

                        ज्यूंदाल   
-
 कृति ---देवेश 'आदमी' 
-

              भाग-०३
प्र-०३।   *दिनांक १०/०५/२०१७
----------------------------------------
कन रैंदा छा हम कभि डांडयों म बुग्याल म,,
फुंगड़यों म धाण करदा दिन भर शियाँ गुठयार म,,
संजेत खिलाण म छपटो कि थांतु लगाणा,,
जेठ कौथिग म ज्वान माया कु उल्यार म,,

घसेरि डांडयों म टोखणि दैणा रेंदा छाई,,
ग्वेर छवारा मालू छतुल लेकि गोर चरांडा छाई,,
पर आज बिजोग पोड़ि ग्या औलाद तरफ बैठ,,
ऊन हमर धरकटों फर एक छिटगु आँशु नि भुगाई,,

झेड पुड़ी रैद छाई असंक आई रैंद घास बिठुग मुङ पर बिठुग नि छोड़,,
कीशा म एक लालपाई न पर अपुड़ा ब्वै बाबु नि छोड़,,
आज कुन्ना भुरयां छन पर पित्रों कु मिसरा नि निकुल्द,,
पर दान दिया धर्म लाटो कभि कैकु मुंड म नि पोड,,

कभि ख्वाल म थड्या चोंफलो मु मेल छा,,
लोग बाल सभि गरीब गुरबा पर प्यार कु ब्यापार छा,,
सुनपट त अब ह्वै अपुडों कु पछैणी हुई च,,
छैन सारि सगोड़ों कु साग भुज्जी कु निखणि हुई च,,

कभि ह्युन्द का दिनों म छ्ज्जा म घाम तपदा छाई,,
ऐक आँखिल सर्या कुटुंमदरी का दुनिया दयखदा छाई,,
खट्टू लिम्बुव् म कंकरया लूण रालिक खांदा छाई,,
अब लिम्बुव् त मिठा छन पर अपुडों का जिकुड़ी म खटास ह्वै ग्याई,,

कभि धाण म चूना जौ कु रूटी म प्याज थिंची खांदा छाई,,
जु कभि ओ होलु मैमान त तभि चोंलों कु भात खाई,,
प्याज कु आलण झुंगरा  कु भात म दिन कटिंग,,
भुकि तिसि जनि रेंदा पर मेल मिलाप भलु छाई,,
----------------------------------------
कुटम दरी का तितर बितर...

देवेश


Garhwali Poems, Folk Songs , verses from Garhwal, Uttarakhand; Garhwali Poems, Folk Songs , verses from Pauri Garhwal, UttarakhandGarhwali Poems, Folk Songs , verses from Chamoli Garhwal, UttarakhandGarhwali Poems, Folk Songs , verses from Rudraprayag Garhwal, UttarakhandGarhwali Poems, Folk Songs , verses from Tehri Garhwal, UttarakhandGarhwali Poems, Folk Songs , verses from Uttarkashi Garhwal, UttarakhandGarhwali Poems, Folk Songs , verses from Dehradun Garhwal, UttarakhandGarhwali Poems, Folk Songs , verses from Haridwar Garhwal, Uttarakhand; Himalayan Poetries, North Indian Poetries , Indian Poems, SAARC countries poems, Asian Poems 
 गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; पौड़ी  गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; चमोली  गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; रुद्रप्रयाग  गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ;  टिहरी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; उत्तरकाशी गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ; देहरादून   गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ;  हरिद्वार गढ़वाल , उत्तराखंड ,हिमालय से गढ़वाली कविताएं , गीत ;