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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, April 14, 2014

क्या राहुल गांधी का नरेंद्र मोदीक ब्यौ संबंधी बयान हारणै निसाणि त नी च ?

भीष्म कुकरेती        

(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )   
 हमम कुरुक्षेत्र युद्ध कु ब्योरा च।  हमम हौर युद्धुं ब्योरा बि च। 
जरा महाभारत का कुरुक्षेत्र युद्ध तैं याद कारो त आप बि बुल्लि कि कुरुक्षेत्र अर सन 2014 का लोकसभा चुनावी युद्ध मा ज्यादा फरक नी च। असल मा हरेक युद्ध चाहे आदिम काल मा ह्वे ह्वाल या आज ह्वे ह्वाल , सभि युद्ध इकजनि हि हूंदन।  हम मार्केटिंग वाळ त युद्ध  इतिहास पर अधिक भरोसा करदवां। 
अब जरा द्याखो सन 2014 का लोकसभा चुनावी युद्ध अर कुरुक्षेत्र कु युद्ध अर साम्यता अर अंतर पछ्याणो । 
 हरेक युद्ध मा एक कौरव दल हूंद जु अपण राजसिंघासन की रक्षा बान युद्ध करदु।  आक्रमणकर्ता  पांडव हूंद जु सिंघासन छिनण चाँद या लुठँण चाँद। बकै क्षेत्रीय राजा हूंदन जौं तैं कै ना कैक पाळी हूण पड़द।  
कौरव अर पांडवुं मा पाप या पुण्य कु अधिक भेद नि हूंद।  केवल छवि अंतर हूंद। 
आज 2014 का लोकसभा चुनाव मा कॉंग्रेस कौरव च अर भाजपा पांडवुं जगा पर च। 
द्वी पक्ष पाप (इखम भ्रस्टाचार ) का भागी छन अर दुयुंन पुण्य बि कर्याँ छन। 
कॉंग्रेस याने कौरव पक्ष मा पुराणा धुरन्दरुं भरमार च अर हमेशा ही पुराणा धुरंधर युद्ध की नई तकनीक , नया हथियार से परहेज करदन। पुराणा युद्ध सेनापति अपण पुराणि युद्धनीति अर पुराणा हथियारूं पर भरोसा करद।  जरा कुरुक्षेत्र का युद्ध कु मंथन कारो - दुर्योधन का पास कर्ण /अश्वथामा/जयद्रथ  छोड़िक अधिकाँश सेनापति पुराणा छा -भीष्म , द्रोणाचार्य , शकुनि , कृपाचार्य आदि पुरण सेनानायक छा ।  यी सेनापति अपण पुरण हथियारु बल पर युद्ध करणा छा।  
पांडवुं मा अधिकतर युवा सेनापति छा।  धृष्टद्यमनु, भीम , अर्जुन, शिखंडी , हिडंबापुत्र , अर्जुन पुत्र आदि सब कौरवुं सेनापति का मुकाबला युवा छा। अर हरेकान नई तकनीक अर नया अस्त्र -शस्त्र (तपस्या का बदौलत आशीर्वाद या हथियार प्राप्ति ) प्राप्त कौर छा। 
यदि कॉंग्रेस की रणनीति दिखे जाव अर भाजपा की रणनीति दिखे जाव तो पिछ्ला पांच सालुं मा भाजपा इंटरनेट अर इलेक्ट्रॉनिक्स की नई नई तकनीक से काम लीणी छे जन कि सोसल मीडिया आदि।  सन 2012 मा नरेंद्र मोदीन देस मा 3 D तकनीक कु उपयोग चुनाव मा कार अर आबि फिर से वीडिओ कौनफ्रेसिंग अर 3 D टेक्नॉलॉजी कु उपयोग हूणु च। 
दुर्योधन का पास शकुनि जन रणनीतिकार छौ जु कृष्ण से बि नायब रणनीतिकार छौ , किन्तु उमर अर नई तकनीक प्रयोग मा शकुनि पैथर रै गे छौ। कॉंग्रेस का अन्य पैतराकार अधिकतर बुड्या या पुराणा खयालात का छन। दिग्विजय सिंह , कपिल सिब्बल , अरमिंदर सिंग , गहलौत , चिदंबरम , अहमद पटेल आदि सब विशेषज्ञ छन किन्तु नई तकनीक उपयोग अर नई ऊर्जा लाण मा यी पुराणा हथियार उपयोग करदारा छन।  करुक्षेत्र युद्ध मा धृतराष्ट्र बि छौ पर बेबस छौ।  कॉंग्रेसम मनमोहन बि च किन्तु ना का बरोबर। 
दुर्योधन कर्ण, अश्वथामा (युवा ) सेनापतियों का पक्ष मा छौ किन्तु भीष्म अर द्रोणाचार्य जन बुड्या योद्धाओं तैं सेनापति बणाणो मजबूर छौ।  इनि राहुल गांधी का हाल छन कि अहमद पटेल जन पुराना ख़यालात का रणनीतिकार से निजात नि पै सकुणु च । 
इना भाजपा मा बुड्यों तैं कै ना कै रूप मा दूर किनारा पर बिठाळ दिए गे। इख तलक कि पुरातनपंथी सुषमा स्वराज तैं नेपथ्य मा भिजे गे। 
क्या अमित शाह अभिमन्यु अर घटोत्कच्छ की भूमिका अदा नी करणु च ?  कौरबुँ का पास द्वी इन हथियार छा जो पांडवुं पर सबसे भारी छा , यूं द्वी हथियारूं तोड़ पांडवुं मा नि छौ। एक हथियार छौ -चक्रव्यूह अर हैंक हथियार छौ कर्ण कु अमोध शस्त्र !
द्रोणाचार्य कु चक्रव्यूह तैं तुड़न अर्जुन का बस की भी बात नि छे।  यदि अर्जुन चक्रव्यूह भितर जाण अर भैर आण जाणदो बि छौ त गारंटी नि छे कि अर्जुन बचिक आलु।  याने की चक्रव्यूह तैं डिफ्यूज करण आवश्यक छौ तो कृष्णन  (रणनीतिकार )  टुटब्याग कार कि अभिमन्यु तैं चक्रव्यूह की लड़ाई लड़ण पोड़ अर मरण पोड़।  मोरद मोरद अभिमन्यु इन स्थिति पैदा करिक चलि गे कि सात महारथियों तैं युद्ध का नियम तुड़ण पोड़िन अर वास्तव मा यूँ सात महारथियोंन अफु तैं अग्वाड़ी वास्ता कमजोर करि दे। 
फिर घटोत्कच्छन इन युद्ध कार कि कर्ण तैं बेबसी मा अपण अमोध अस्त्र या शस्त्र घटोत्कच्छ पर चलाण पोड़। 
इनि अमित शाह भाजपा का अभुमन्यु च अर घटोत्कच्छ बि च।  
कॉंग्रेस अर अन्य तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टयुं पास उत्तरी भारत खासकर उत्तर परदेस मा एकमुश्त मुस्लिम मतदाता इन चक्रव्यूह च जैक तोड़ भाजपा का पास नी च अर ऐ बि नि सकुद। अमित शाहन उत्तर प्रदेश जैक हिंदूवादी ताकतुं तैं एकजुट कार जू काम पैल  उमा भारती , साध्वी ऋतंबरा , डा तगोडिया , बजरंग दल का अन्य नेता करदा छा अर फिर अमित शाहन शामली मा इन बयान दे कि सेक्युलर पार्टीक जयद्रथ याने आजम खान तैं बि ऊनि बयान दीण पोड़।  अर चुनाव आयुक्तन अमित शाह आर आजम खान दुयुं तैं चुनावी रैली , मीटिंग आदि मा शामिल हूण पर बैन लगै दे।  अमित शाह का निष्क्रिय हूण से भाजपा तैं नुक्सान उथगा नि हूण जथगा आजम खान कु निष्क्रिय हूण से समाजवादी पार्टी तैं हूण।  अमित शाह उत्तर परदेस कु हिन्दू चेहरा नी च जबकि समाजवादी पार्टी कु असली मुस्लिम चेहरा आजम खान ही च। अमित शाह की बलि से भाजपा कु फायदा होलु किन्तु आजम खान की बलि से समाजवादी पार्टी तैं ज्यादा नुक्सान हूणो अनुमान च।
कुरुक्षेत्र की लड़ाई मा दसवां दिन बिटेन युद्ध का नियम तुड़दा गेन।  अर मजबूरी मा कौरव पक्ष तैं ही जादा नियम तुड़ण पोड़िन।  आज जब लोकसभा चुनाव का चौथु  चरण चलणु च तब  राहुल गांधी तैं नरेंद्र मोदी पर इन बाण चलाण पड़नु च जै तैं व्यक्तिगत आक्षेप बुले जांद।  दिखे जाव तो राहुल गांधी द्वारा नरेंद्र मोदीक ब्यावक या घरवळी बात करण एक मजबूरी च।  जब कुछ हथियार नि चलन त व्यक्तिपरक हथियार चलाण पड़दन।  नरेंद्र मोदीन बि इनि हथियार शासी थरूर पर बि चलै छौ।  अर सदा ही इन हथियार हार का कगार पर बैठ्युं  लाचार , बेबस , मृत्यु से डर्युं योद्धा ही चलांदु। 
अश्वथामान जब द्याख कि अब सब कुछ खतम ह्वे गे, दुर्योधन मरि गे तो वैन इन हथियार चलाइ कि जो युद्ध मा सर्वथा वर्जित  छौ याने सियां शत्रु पर न्यूक्लियर बम जन हथियार से पांडव शिविर पर आक्रमण कार। अर कुरुक्षेत्र युद्ध मा यु अंतिम युद्ध छौ। 
राहुल गांधी का नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत आरोप क्या अश्वथामा कु फ्रस्ट्रेसन, निराशा , भग्नाशा , विफलता , असफलता जन ही च क्या ? या आबि कॉंग्रेसम नरेंद्र मोदी पर आक्रमण का अन्य हथियार बि बच्यां छन ? या अब बयानबाजी का स्तर और तौळ आण वाळ च ?
कुरुक्षेत्र की लड़ाई मा सब्युंन घोषणा करी छे , डिक्लियर करी छौ कि कुरुक्षेत्र युद्ध कु हीरो भीम रालो अर दुर्योधन तैं बि भीम से ही डौर छे।  किन्तु कुरुक्षेत्र युद्ध मा  असली हीरो अंत मा अर्जुन ही राय। 
याने की युद्ध से पैल रिजल्ट का गणत करण लगभग बेवकूफी ही च।  पर राहुल गांधी का थक्यां बयान कुछ कुछ अंथाज त दीणा छन  कि हवा कना बगणी च।   



Copyright@  Bhishma Kukreti  12 /4/2014