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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, April 24, 2014

ट्रैवल एजेंसी हेतु कार्यालय व अन्य योजनाओं का प्रारूप

Land and Planning Issues of Travel Agency
                                                         ट्रैवल एजेंसी व्यापार कैसे शुरू किया जाता है - भाग -3 


                               How to Start Travel Agency in context Uttarakhand Tourism and Hospitality Development Part -3  



                         (Tourism and Hospitality Marketing Management for Garhwal, Kumaon and Hardwar series--56  
                                                      
उत्तराखंड में पर्यटन  आतिथ्यविपणन प्रबंधन -भाग 56    
  कार्यालय में समुचुत जगह होनी चाहिए जहां ग्राहक  साथ सार्थक सुचना आदान प्रदान हो सके। 
स्टेसन के समीप ट्रैवल एजेंसियां एक टेबल से भी काम चला लेती हैं किन्तु स्टेसन से दूर  एजेंसियों के पास ग्राहकों के लिए प्रतीक्षा स्थान व वार्तालाप हेतु उचित स्थान होना चाहिए। 
स्टाफ  संख्या व रिकॉर्ड रखने के लिए समुचित प्रबंध होना चाहिए। 
 प्वाइंट ऑफ पब्लिसिटी याने लगाने का इंतजाम आवश्यक है। 
कम्प्यूटर , इंटरनेट , प्रिंटिंग आदि का प्रबंध भी आवश्यक है। 
ट्रैवल एजेंसी के आकर व ग्राहकों के अनुसार कार्यालय की प्रीमियम नेस होनी चाहिए और उसी के हिसाब से फर्नीचर आदि होना चाहिए। 
कार या अन्य वेहिकल पार्किंग की जगह का भी प्रबंध आवश्यक है। 
कार्यालय का वातावरण ग्राहक अनुसार ही होना चाहिए। 
इसी तरह कार्यालय से बाहर का वातावरण भी ग्राहकानुसार होना चाहिए। 
ट्रैवल एजेंसी कार्यालय  मेन रोड से निकट ही होना चाहिए। 

Copyright @ Bhishma Kukreti  25/4/2014 

Contact ID bckukreti@gmail.com
Tourism and Hospitality Marketing Management for Garhwal, Kumaon and Hardwar series to be continued ...

उत्तराखंड में पर्यटन  आतिथ्य विपणन प्रबंधन श्रृंखला जारी 

                                   
 References

1 -
भीष्म कुकरेती, 2006  -2007  , उत्तरांचल में  पर्यटन विपणन परिकल्पना ,शैलवाणी (150  अंकों में ) कोटद्वार गढ़वाल