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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, January 20, 2014

राहुल बाबा ! मार्केटिंग कु यु मतबल नि होंद कि अपण कमजोरी दिखाये जावो !

भीष्म कुकरेती   


                   ब्याळि सरा दिन भर टीवी चैनेलुं मा सुबेर बिटेन चार बजी तलक यू इ घ्याळ राइ बल राहुल बाबा तैं कॉंग्रेस प्रधान मंत्री पदौ उमेदवार बणान्दि च कि ना।  अर जब राहुल बाबान संविधान की दुहाई दे बल प्रधान मंत्री को या मुख्यमंत्री को चुनाव त सांसद या विधायक करदन।  संविधान की बात करिक साबित ह्वे गे बल राहुल बाबा तैं भारतीयों दगड़ मजाक -मसखरी आंद च। अब जब विजय बहुगुणा उत्तराखंड कु मुख्यमंत्री बण जावन या सन 2004 मा मनमोहन सिंह जी भारत कु प्रधानमंत्री बणि जांदन तो हमर समझ मा ऐइ जांद कि राहुल बाबा कै संविधान की बात करणा छन।  
           राहुल बाबान एक बात हौर ब्वाल बल विरोधी दल मार्केटिंग मा अब्ब्ल छन अर कॉंग्रेस मार्केटिंग करणमा पैथर च। 
असल मा अजकाल भौत सा राजनीतिज्ञों तैं गलतफहमी च कि मार्केटिंग क्वी भैर दुनिया बिटेन अईं क्वी नई विचारधारा च अर मार्केटिंग क्वी बैदराज की पुड़िया च कि खावो या खलावो अर काम ह्वे जाल।  
जी नही मार्केटिंग क्वी नयो हथियार नी  च।  मार्केटिंग करण मनुष्य को जन्मजात गुण च।  अपण छवि बणाण ही मार्केटिंग च अर मार्केटिंग विज्ञापन नी च।  हाँ विज्ञापन मार्केटिंग कु एक भाग च। 
मार्केटिंग का उदाहरण अशोक का कार्यों मा दिख्यांद च।  
मार्केटिंग ईशा मशीहन बि कार , मुहमद पैगम्बर साबन बी मार्केटिंग कार।  आदि गुरु शंकराचार्य , अकबर , औरंगजेब , गुरु गोबिंद सिंह जीन बि मार्केटिंग कार। 
आधुनिक राजनीति क्षेत्र मा गांधी जी तैं मि सबसे बड़ो सफल मार्केटिंग विद्वान माणदु। 
आधुनिक भारत मा इंदिरा गांधी सबसे बड़ी तिकड़मी मार्केटर छे।  भारतीय राजनीती मा 'गरीबी हटावो' आज तक को सबसे ताकतवर अर दिल मा भिजण वाळ स्लोगन , ब्रैंड टैग या विपणन लाइन च।  आज बि 'गरीबी हटावो ' नारा की अहमियत उथगा ही च जथगा इंदिरा गांधी क टैम पर छौ। 
 सकारात्मक स्लोगन या मार्केटिंग मामला मा प्रधान मंत्री रौंद राजीव गांधी  कु मार्केटिंग उमदा मार्केटिंग  छौ किन्तु बोफोर्स कु कारण राजीव गांधी की सकारात्मक मार्केटिंग असफल ह्वे। हाँ राजीव गांधी टैम पर कॉंग्रेस द्वारा  विरोध्युं तैं कीड़ मक़व्ड दिखाण वाळ विज्ञापन सबसे सड्यूं गळयूं   विज्ञापन छौ।  यु विज्ञापन नकारात्मक बि छौ, स्तरहीन  का अलावा यु विज्ञापन आम लोगुं समज बि नि आइ छौ। . 
आधुनिक भारत मा सबसे नकारात्मक  मार्केटिंग स्लोगन 'गरीबी हटावो ' छे तो सबसे बड़ो सकारत्मक मार्केटिंग स्लोगन भारतीय जनता पार्टी कु 'इंडिया शाइनिंग ' छौ।  ये से अधिक सकारात्मक विज्ञापन आज तक भारतीय राजनैतिक पटल मा नि आयि।  किन्तु फिर बि भारतीय जनता पार्टी 2004 मा चुनाव हार तो वांक कारण 'इंडिया शाइनिंग ' विज्ञापन नि छौ या लोगुं तैं यु विज्ञापन पसंद नि आयु यु नि छौ अपितु चुनाव मा भाजापा सही  गठजोड़ नि करि साक जबकि वै बगत कॉंग्रेस अपण गठजोड़ मा कामयाब ह्वे गे  छे। जन मार्केटिंग मा विज्ञापन का दगड़ दगड़ माल बिचण वाळ दुकानदार बि चएंदन ऊनि अजकाल विज्ञापन का साथ साथ राजनैतिक गठजोड़ बि चयेंद। 
सबसे बड़ो झुटो अर बड़बोला विज्ञापन कबीर मूलचंदानी की मालकियत वाळ (1987  -2000 ) अकाई ब्रैंड करदो छौ।  इनी एक बड़ो झूठो राजनैतिक विज्ञापन मुलायम सिंग यादव का मुख्यमंत्री काल मा ऐ छौ।  अमिताभ बच्चन  उत्तर प्रदेश कु विज्ञापन मा बुल्दो छौ कि उत्तर प्रदेस मा अपराध कम ह्वे गेन।  धुए धुएक ग्वार अर घुसे घुसेक स्वार नि बणे जांद।   जै प्रदेस मा अपराध रोज  बढणा ह्वावन उख इन विज्ञापन से लोग चिढ़ जांदन। 
माल बिचणो बान डिस्काउंट दीण या एक पर एक फ्री जन स्कीम एक साधारण मार्केटिंग माने जांद अर तामिलनाडु मा कुछ ना कुछ मुफ्त दीणै राजनीति चलणी ही रौंद।  अजकाल तामिलनाडु मा जयललिता द्वारा चुनाव टैम पर कर्युं प्रोमिस-वायदा  का तहत मिक्सी आदि बंट्याणा छन। पैल करूणानिधिन सैत सिलाई मसीन फ्री बांटी छौ।  उत्तरप्रदेश मा अखिलेशन लैपटॉप कु वायदा   कौर छौ अर लैपटॉप बंटे गेन। 

आम आदमी पार्टी मार्केटिंग मा उस्तादुँ उस्ताद च।  यीं पार्टिन अपण युद्ध का मैदान तयार कार अर भाजापा व कॉंग्रेस तैं अपण बणायुं युद्ध मैदान मा युद्ध करणो वाध्य कार।  भीड़तंत्र आम आदमी पार्टी क एक हथियार च।  
मार्केटिंग असल मा छवि बणाणो युद्ध च ना कि विज्ञापन।   पिछ्ला पांच सालुं मा कॉंग्रेस पार्टी या सहयोगी नेता भ्रस्टाचार मा पकड़े गेन अर कथगा ही स्कैमुं मा फंस अर अब कॉंग्रेस एक पोस्टर लेक आयी जैमा लिख्युं च राहुल गांधी जी के नौ हथियार जो दूर करेंगे भ्रस्टाचार। 
ये से बेवकूफी भर्युं विज्ञापन मीन आज तक राजनैतिक मार्केटिंग मा नि द्याख।  कॉंग्रेस कु यु विज्ञापन मुलायम सिंह को विज्ञापन कि उत्तरप्रदेस मा अपराध कम ह्वेन से बी बड़ो वेवकूफिको  विज्ञापन च।
मार्केटिंग असल मा विकल्प दीणो कला , विज्ञान अर दर्शन शास्त्र च।  कॉंग्रेस कु 'राहुल गांधी जी के नौ हथियार जो दूर करेंगे भ्रस्टाचार' पोस्टर वास्तव मा विकल्प नि दींदो बलकण मा लोगुं तैं और बि याद दिलांदु कि कॉंग्रेसन क्या क्या पाप कौरिन। 
आज कॉंग्रेस की कोसिस हूण चयेंद कि चौबट , सोसल मीडिया , टीवी चैनेलों , अखबारों मा बहस भ्रस्टाचार अर मंहगाइ पर कतै नि ह्वावो अर कॉंग्रेस भ्रस्टाचार अर मंहगाइ पर बहस कु न्यूत दीणि च। 
मार्केटिंग रणनीति तो सिखांदी कि आज तो कॉंग्रेस तैं इकीसवीं सदी को नयो भारत की बात करण चयाणि छे जखमा भ्रस्टाचार अर मंहगाइ की छ्वीं ही नि लगन।  एक पत्रकार अभय दुबेन सही ब्वाल कि कॉंग्रेस तैं वीं विज्ञापन एजेंसी तैं बर्खास्त करी दीण चयेंद जैन यु पोस्टर बणाइ।  मार्केटिंग सिद्धांत च कि विकल्प द्यावो।  यु ठीक च कि आज जनता भ्रस्टाचार अर मंहगाइ से परेशान च पण यी क्या मार्केटिंग च भै ? कि तुम अपणी ही कमजोरी लोगुं तैं बताणा छंवां ? 
राहुल जी ! आज तो गंजों तैं कंगल बिचणो काम तुमर च।  हे इंदिरा जीक नाती ! आज कॉंग्रेस इन मुसीबत मा च कि तुम तै ही गँजौं तैं हेयर कट बिचणो काम करण छौ अर तुम अपण ही कमजोरी लोगुं तैं दिखाणा छंवां ? यु त क्वी बेवकूफ , मूर्ख नेता बि नि कारल।  जब तुम लालू यादव , करूणानिधि का सहयोगी बणिल  , वीर भद्र सिंग तैं मुख्यमंत्री बणैल तो ये पोस्टर से तुमारी ही पोल खुली जालि।  
आप तैं त भ्रस्टाचार -मंहगाई की तो बात करण ही नि चयेंद अपितु बुलण चयेंद कि -
राहुल गांधी अगले दस साल में -
हरेक जिले में एक इन्डियन इंस्टीच्यूट और मेडिकल साइंस खोलेंगे। 
हरेक जिला मा एक हावर्ड कॉलेज जन कॉलेज होलु। 
दुसरी हरित क्रान्ति लौंला जैमा अगला दस सालों मा पैदावार दुगणी ह्वे जालि। 
Bharat ma उद्योग क्रान्ति लौंला अर अगला दस सालुं मा उत्पादन दुगण ह्वे जालु । आदि आदि
पण राहुल बाबा ! चूंकि आप तो चमचों से घिर्यां छंवां तो इन बेवकूफी वाळ पोस्टर छपाणा छंवां। 

Copyright@ Bhishma Kukreti  18 /1/2014