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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, January 2, 2014

सर ! बिचारु बलात्कार केस मा फंस्युं च त जरा हमदर्दी …!

 चुगनेर,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती 

(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
(ब्याळि आपन पौढ़ बल शिक्षा विभाग कु गेस्ट हॉउस मा उ अधिकारी रौंदन जु प्रोबेसन मा छन अर पहाड़ जाणो जगा मैदान मा ट्रांसफर की प्रतीक्षा मा छन।  अब अग्वाड़ी पढ़ा )
शिक्षा मंत्री घ्याळ दा -त माणावाल जी आप जगमोहनौ  कुण फस्ट फलोर पर एक कमराक इंतजाम करि दयावो !
प्राइवेट सेक्रेटरी माणावाल - सर ! कास मि इन कौर सकुद !
घ्याळ दा -कनो ! माखन छींक दे क्या ?
माणावाल -नो सर ! तन क्वी बात नी च बट इट इज नॉट पॉसिबल टु ऑक्युपाइ मिस्टर जगमोहन इन फस्ट फ़्लोर ।
घ्याळ दा -किलै ?
माणावाल -सर शिक्षा विभागौ गेस्ट हॉउस कु फस्ट फ्लोर मा द्वी खंड छन।  एक दक्षिण मुखी च त हैंक उत्तर मुखी च। बड़ा कमरा , अटैच्ड बाथरूम -ट्वाइलेट , सबी सुविधा छन रूमों मा  ....
घ्याळ दा -तो ठीक च दक्षिण मुखी खंड मा  …
माणावाल -सर  दक्षिण मुखी खंड मा उ ऑफिसर छन जौंक प्रमोसन हूणो बाद ट्रांसफर मैदानो से पहाड़ों मा ह्वै गे पण जु पहाड़ो मा जाण नि चांदन।
घ्याळ दा -तो पहाड़ों मा उं तै भ्याजो जु जाण चाणा छन। 
माणावाल -सर क्वी बि अधिकारी पहाड़ों मा काम नि करण चाणा छन । सर जब हम राजधानी गैर सैण नि बणै सकदवां तो ऑफिसर किलै पहाड़ जाण चाला ? इलै इ त प्रोबेसनरी अर प्रोमोसन का बहाना इन अधिकार्युं तैं पहाड़ भिजे जांद।  कुछ त दिन काटणो पहाड़ चलि जांदन पण कुछ इख गेस्ट हाउस मा  .... 
घ्याळ दा -एक बात बतावदी कि यी लोग देहरादून मा गेस्ट हॉउस मा रैक क्या करदन ?
माणावाल -सर वो इना उना  कोशिस करदन कि ऊंक ट्रांसफर मैंदानों मा ह्वे जावो।
घ्याळ दा -माणावाल जी ! इन किलै नि बुलदवां कि यी लोग जुगाड़ भिड़ाणो इख देहरादूनम पड्यां रौंदन ? 
माणावाल -सर ! मि कार्यालय मा असंवैधानिक भाषा इस्तेमाल नि कौर सकुद।
घ्याळ दा -अच्छा त गेस्ट हाउस कु फस्ट फ्लोर कु उत्तरी दिशा का कमरा कन छन?
माणावाल -सर ! वु  कमरा अधिक सुविधाजनक छन।  आप तैं वूं कमराउं मा थ्री स्टार होटल  जन सुविधा मिल जालि। 
घ्याळ दा -त जगमोहन कु इंतजाम उख करि द्यावो। 
माणावाल -इट इज जस्ट इम्पॉसिबल टु  ऑक्युपाइ दियर ऐनि रूम
घ्याळ दा -किलै ?
माणावाल -सर उख उ ऑफिसर्स रौंदन जौंक ट्रांसफर पनिशमेंट का तहत पहाड़ों मा करे गे।
घ्याळ दा -पनिशमेंट ? कन पनिशमेंट या दंड ?
माणावाल -सर जन कि क्वी ऑफिसर घोटाला या  घूस लींद पकड़े गे तो लखनऊ की परम्परानुसार इन ऑफिसरों तैं पनिशमेंट दीणो बान पहाड़ों मा ट्रांसफर करे जांद। 
घ्याळ दा -वाह ! घूसखोर , घोटालाबाज,अपराधी  अधिकार्युं कुण पहाड़ चारागाह बण्या छन।  हैं ?
माणावाल -सर मि इख  पर क्वी आधिकारिक अर व्यकिगत टिप्प्णी नि कौर सकुद।
घ्याळ दा -अच्छा ! एबरी कथगा आरोपी अधिकारी छन गेस्ट हाउस मा ?
माणावाल -सर तीन अधिकारी वु छन जु घूस लींद पकड़े छया , द्वी कड़क अधिकारी ट्रांसफर घोटाला मा फंस्यां अधिकारी छन।   अर  … एक
घ्याळ दा -अर एक ?
माणावाल -बिचारो बलात्कार का केस मा फंस्युं अधिकारी च जैक ट्रांसफर गंगोत्री साइड हुयुं च 
घ्याळ दा -क्या माणावाल जी !  बलात्कारी बिचारो कनकैक ह्वे गे ?
माणावाल -सर वै अधिकारीक वाइफ मय बालबच्चों वै तैं छोड़िक चलि गे ना।  तो इलै मीन बिचारो ब्वाल। अब ! छौंद परिवार का बेपरिवार वाळ से हमदर्दी ह्वैइ जांद !
घ्याळ दा (जोर से हंसद ) -वाह ! बलात्कारी बिचारो ह्वे गे !
माणावाल -नो सर , आइ डिड नॉट मीन दैट।  
घ्याळ दा - ह्यां पण ! जब यी अधिकारी दोषी छन तो यूं तैं बर्खास्त किलै नि करे जाणु च ?
माणावाल - नो सर ! यी आरोपी अधिकारी छन पण दोषी नि छन।  जब तक न्यायालय इन अधिकार्युं तैं दोषी नि ब्वालल तब तलक यूं तैं बर्खास्त नि करे सक्यांद। 
घ्याळ दा -मतबल तब तलक यूं अपराधी , आरोपी अधिकार्युंन  सरकारी चारागाह मा चारा खाणु रौण।?
माणावाल - येस सर ! नो सर ! 

Copyright@ Bhishma Kukreti  3/1/2014 



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