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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, January 16, 2014

मि घूस नि लींदु, कृपया मुझे घूस देने की कोशिस ना करें

 चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती        


(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
ब्याळि मि दिल्ली मा कै पछ्याणक वाळ तैं मिलणो राज्य पीडब्ल्यूडी दफ्तर  ग्यों।  मोबाइल नंबर नि छौ त फोन पर बात नि ह्वे साक। 
मीन गेट पर पता लगाण चै कि म्यार पछ्याणक वाळो विभाग कु होलु। 
म्यार पुछण से पैलि गेट मा बैठ्या द्वी मनिख एकदगड़ि बुलण बिसेन - साब ! हम तैं घूस दीणै कोशिस नि कारो हाँ।  हम इमानदार कर्मचारी छंवां।
मी - भई मिस्टर आनंदी लाल से मिलण छौ। 
एक - आप भितर पूछो। 
मि भितर ग्यों एक चपड़ासी जन मनिख दिख्यायि त मीन पूछ - भाई  साहेब ! आनंदी लाल जी कखम बैठद ह्वाल। 
वु - श्रीमान जी मी घूस नि लींदु तो आप कृपया मि तैं घूस दीणै कोशिस नि करिन। 
मि - मि ये ऑफिसम घूस दीणो नि आयुं छौं।  मि आनंदी लाल जी से मिलणो आयूं छौं। 
वु - देखो मि फिर से बुलणु छौं कि मी घूस नि लींदु। 
मि - पर साब मी घूस लीणो बात ही नि करणु छौं।  मी त आनंदी लाल जी से मिलण चाणु छौं। 
वु - त आप पूछताछ काउंटर पर जावो।  मि तै किलै पुछणा छा ?
मि - पूछताछ काउंटर कख च ?
वु - देखो मि फिर से बुलणु छौं मि घूस नि लींदु।  आप स्वयम ही ढूंढो कि पूछ ताछ काउंटर कखम च।  मि त यि जाणदु कि मि घूस नि लींदु। 
मि एक काउंटरम ग्यों अर मीन उखम  जनानि तैं पूछ - मैडम ! पूछताछ काउंटर कखम होलु ?
जनानि - प्लीज डोंट ट्राइ टु ब्राइब मि बिकॉज आइ डोंट टेक ब्राइब। 
मि - मैडम मि ब्राइब नि छौं दीणु।  मि पुछणु छौं कि इनक्वारी काउंटर कखम च ?
जनानि - मि दुबर बुलणु छौं कि मि घूस नि लींदु।  आप हैंक काउंटर वाळ से पूछो। 
मि जै बि काउंटरम ग्यों उख एकी जबाब मील कि मि घूस या ब्राइब नि लींदो। 
कै तरह से मि तैं पूछ ताछ काउंटर मील। 
मीन पूछ - साब आनंदी लाल जी कखम बैठदन ?
काउंटर वुमनन जबाब दे - इन्डियन पैनेल कोड xx yy, दिल्ली राज्य उपनियम del अर मुम्बई हाइ ऑर्डर 33333xx  का हिसाब से घूस दीण अर लीण गुनाह च तो कृपया आप मि तैं घूस नि देन।  मि घूस नि लींद। 
मीन बोलि - मैडम मि घूस नि दीणु छौं।  मि पुछणु छौं कि मिस्टर आनंदी लाल कखम बैठदन ?
काउंटर वुमन - म्यार काम खुलासा करण च कि मि घूस नि लींदु।  द्याखो ये ऑफिसम चार आनंदी लाल छन।  तुम कौं आनंदी लाल की बात करणा छा ?
मि - जी वु पैंतालेस -पचास सालुं का होला।
काउंटर वुमन- द्याखो इंडियन पैनेल कोड का हिसाब से घूस दीण अर लीण गुनाह च।  मि घूस नि लींदु।  जी यां से पता नि लग सकद कि तुम कै आनंदी लाल जी से मिलण चाणा छा। 
मि - क्वी त समाधान होलु ?
काउंटर वुमन- द्याखो इंडियन पैनेल कोड का हिसाब से घूस दीण अर लीण गुनाह च। मि आउट गोइंग रजिस्टर दिखुद हां।  एक आनंदी लाल जी अपण बेटीक केजी मा ऐडमिसन का वास्ता शिक्षा मंत्री मनीष शिसोदिया का जनता दरबार मा जयां छन। 
मि -नै म्यार आनंदी लाल इथगा जवान नि ह्वे सकदन।
काउंटर वुमन- द्याखो नि आगाह करदु घूस दीण अर लीण गुनाह च। एक आनंदी लाल जी अपण नौनु तैं जल बोर्ड मा परमानेंट करणा गुहार लगाणा मुख्यमंत्री जनता दरबार जयां छन। 
मि - नै म्यार आनंदी लाल जी इथगा बुड्या बि नि ह्वे सकदन।
काउंटर वुमन- देखो मी घूस नि लींदु।  तिसर आनंदी लाल पर्स्याक स्टिंग ऑपरेसन मा फंस्युं अपण स्याळ तैं छुड़ाणो कोर्ट जयां छन। 
मि - जी म्यार आनंदी लाल कु स्याळ दिल्ली मा नि रौंद।
काउंटर वुमन- देखो मी घूस नि लींदु।  तो आपका आनंदी लाल दुसर मजिल कु चौथा खंड मा 36 नंबर की टेबल मा बैठदन। 
मि आनंदी लाल जीक टेबल तक पौंछि ग्यों। 
आनंदी लाल जीक समिण द्वी आदिम बैठ्या छा तो ऊन एक कुर्सी मा बैठणो इसारा कार।  मि बैठ ग्यों। 
आनंदी लाल  - देखो मि घूस नि लींदु। आपन अपण अप्लिकेसन मा अठाणवे सर्टिफिकेट   संलग्न कर्याँ छन जब कि नियम अनुसार सौ सर्टिफिकेट आवश्यक छन।
अभ्यार्थी - पण साब यि द्वी सर्टिफिकेट मीलि नि सकदन। 
आनंदी लाल - मी आप तैं बताइ दींदु कि मि घूस नि लींद।  सर्टिफिकेट पूरा नि हूण से मि आपकी फ़ाइल अग्वाड़ी नि बढ़ाई सकुद।  मि अबि लेखी दींदु कि मीन आपक काम समयनुसार कार अर जब आप पूरा सौ सर्टिफिकेट लै जैलि तो आपको काम ह्वे जालो। 
अभ्यार्थी -पण यि द्वी सर्टिफिकेट  कनकैक लाणन   ? 
आनंदी लाल - सॉरी सर ! मि घूस नि लींदु।  आप हमर हेड ऑफिसम जावो तो उख वो लोग बताइ सकदन कि …। 
पैलो अभ्यार्थी चली जांद। 
दुसर अभ्यार्थी - सर ! आपन  पचास सर्टिफिकेट लाणो बोलि छौ पण एक सर्टिफिकेट कम च।  आपका हेड ऑफिस मा बुलणा छन कि ये सर्टिफिकेट कु  प्रिस्क्राइब्ड फॉर्म आउट ऑफ प्रिंट च। अर तीन मैना बाद ही प्रिस्क्राइब्ड फॉर्म मील सकद।
आनंदी लाल - श्रीमान जी मि घूस नि लींदु।  सर्टिफिकेट तो प्रिस्क्राइब्ड फॉर्म मा ही चयांद। 
दुसर अभ्यार्थी - सर क्वी समाधान ?
आनंदी लाल - कृपया मुझे घूस देने की कोशिस ना करें।  मी घूस नि लींदु।  
दुसर अभ्यार्थी - सर मि घूस नि दीणु छौं।  मि त एक आम आदमी  की हैसयत से आपसे सहायता मांगणु छौं। 
आनंदी लाल - ठीक च।  आम आदमी की सहायता करना हमारा कर्तव्य है। शायद एकाद प्रिस्क्राइब्ड फॉर्म हमर ऑफिस का समिण रद्दी वाळम  मील जाल।  सफाई कर्मचारी जब सफाई करदन तो वु  रद्दी वाळ भौत सा कागज बटोरि लींद।  मि घूस कतै नि लींद। 
दुसर अभ्यार्थी - धन्यवाद। 
दुसर अभ्यार्थी बि चलि जांद। 
रामा रूमी का बाद मीन आनंदी लाल जी पूछ - यी क्या च जी ? हरेक बुलणु च मि घूस नि लीन्दु , कृपया मुझे घूस देने की कोशिस ना करें। 
आनंदी लाल - वु क्या च सबी स्टिंग ऑपरेसन का डौरन बुलणा छन कि मि घूस नि लीन्दु , कृपया मुझे घूस देने की कोशिस ना करें।यदि कखि पकडे जौंला त हमम प्रूफ च कि हमन त बोली छौ कि हमें घूस देने की कोशिस ना करें।  इखमा अब घूस देने वाले की अधिक जुमेवारी हो जायेगी। 
मि - यि रद्दी वाळम प्रिस्क्राइब्ड फॉर्म मिलणै वाळी बात असल मा क्या बात च ? 
आनंदी लाल - हाँ रद्दी वाळ वै फॉर्म तैं तीस हजार मा ब्याचल।  
मि - औ घूस अबि बि बंद नि ह्वे ?
आनंदी लाल - जब चाणक्य का टैम पर घूस बंद नि ह्वे छे तो अब क्या होलि।