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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, July 29, 2012

नै कार तै ददि ननि कु अड़ाण

गढवाली हास्य व्यंग्य साहित्य
                                 नै कार तै ददि ननि कु अड़ाण
                                         चबोड्या - भीष्म कुकरेती
                           कारुं जीवन मा बि कारो बुबा अपण जवैं या कारूं मालिक से रूप्या खान्दन. जब कारो भावी जवैं न पूरा रूप्या गणि देन त कारों बुबा अपण बेटिक पलाबंद कुणि तयार ह्व़े. अब वैन नवाड़ी कार तै बान दीणो या हल्दीहाथ बान गैरेज मा भ्याज. उख कार तै नवाणो इंतजाम छौ अर हल्दी जगा पर साबुणो फ्यूण छौ. कैसेट मा मांगळ लगणा छया - आज मेरे यार की शादी है. न जाओ सयां छुड़ा के बंयाँ.
जखम नै कार तै बान दिएणा छया उखमि बगल मा द्वी पुराणि कार उदासीन, बेदम ह्वेक पड्या छया. कि वो चड़म खड़ा ह्व़े गेन . वूं मादे एक नै कारै ददि छे अर हैंकि ननि छे.
ददि- ये मेरि हुणत्याळि ! जा बुबा जा अपण मालिक म जा, सदा स्वाग्वंति रै.
ननि-जा त्वे पर कैकी नजर नि लगि . मेरो आशीर्वाद च बल कबि बि त्वे पर कवी ढसका- चिरोड़ा नि लग.
[इना कसेट मा मांगळ का बोल छया- बाबुल कि दुवांये ल़े जा .जा तुझको सुखी संसार मिले .]
ददि- ये , मेरि हिंवळि ! देख जनि तू भैर जैलि त पैल सीदा मन्दिर जै. उख नर्युळ चढ़े अर भगवान से बगैरअपघात कि जिन्दगी क मनौति मांगि ले. अर जान्दो जांद क्वी दिबता क मूर्ति अपण कमरा मा समण्या विंडो मा अगनै धौरी दे. यां से दाग नि लगुद .
ननि- उख मंदिर मा मंगत्यों तै बि कुछ दे दे.
[मांगळ -तू एक रूप्या देगा वो तुझको दस लाख देगा ....]
ददि- अर सूण हम पर जनम जाति डेप्रीसियेसन कु रोग हूंद. जनि हमर खुट रोड की जमीन मा पोड़ ना कि हमर महत्व कम हूंद जान्दो त ये मेरी घुघती ! अपण स्वास्थ्य अर मेंटेंनेन्स कु खयाल दिन रात करणि रै.
ननि- अर सूण इख हमारी जाति मा इन नि होंद क्वी हैंको मरद त्यार दगड ब्यौ कारल त पुराणों पति तै उथगा इ रूप्या द्याओ जथगा मा पुराणों पति न ल्याई . दुघर्या कार क बडी बेज्जती होंद.
ददि - अर याद रख ! सुबेर सुबेर रोज अपण कमरा क खौड़ सुरण , डिसाण झड़ण, नयाण-धुयाण नि बिसरी. ह्व़े सौक त वैक्यूम क्लीनर ले लेई. अर जरा धूप बत्ती करणि रै , निथर क्वी परफ्यूम भितर धौरी दे. अपण बैठक को पूरो ध्यान रखणि रै हाँ !लिम्बु मर्च रोज अपण गौळउन्द लटकाणि रै .बुरी नजर नि लगद.अर हाँ अबि जैक पैल त इन्सुएरेन्स जरूर क रै दे. अच्काल औटो डाक्टरूं फीस भौत ह्व़े ग्याई.
ननि- अर ईं दुन्या मा जवैं कथगा इ किस्मौ मिल्दन. क्थ्गौं मा हमर आराम अर सीणो बान अलग कमरा हूंद. इन कारों तै महा भाग्यवान कार बुले जांद. फिर कुछुं मा अलग कमरा त नी हूंद पण बिल्डिंगौ चौक मा जगा हूंद. इन कारो तै हम भाग्यशाली कार बुलदवां . अर जु रोड मा कखि बि गुजर बसर करदन वूं तै हम निर्भागी कार बुलदवां. यूँ बिचार्युं खुटों मा कुकुर क्या मनिख बि मुतणा रौंदन अर बिरळ हगणा रौंदन. अर फिर मनिख बि चलदा चलदा छेड़ी दीन्दन. कथगा धुर्या त इन कारों तै भगैक ली जान्दन अर कै तै बि बेचीं दीन्दन. इन मा क्वी कार एक दै बदनाम ह्व़े ग्याई त फिर जिन्दगी भर इन कार बदनामी झेलणि रौंद. चोर जारो से हर समौ सावधान रौण इ चयेंद
[मांगळ को डायलौग- किसी स्त्री के पैर एक बार वैश्या बजार में पड़े तो फिर वह जिन्दगी भर ..]
ददि- अर हाँ रोज अपण पीणो ध्यान दीणि रै . गैस या पेट्रोल जु बि ह्वाओ वै तै ध्यान से पीणि रै .अर फिर तेल तूल बि पीणि रै .तेल से हमारि पाचन शक्ति ठीक रौंदी. अर मैना द्वी मैना मा लुब्रिकेंट को मालिश करण नि बिसरी .टैम टैम पर पाणी पीणि रै.
ननि- अर अपण मालिक तै अपण मैनुअल पढ़णो जरूर दे दे .
ददि- चलद दै ध्यान रखण कि कै पर धसका नि लग .अर साल भर मा जरूर होल सेल मा मेक अप करणि रै. ओवर हौलिंग मेकअप बि बुरु नी च
ननि- अर रस्ता मा ट्रक, बस या दुसर कार त्वे तै छिड़णो अर तेरी भुकि पीणो तैयार राला.. यि कथगा बि लालच दयावान यूंकी भकलौणि मा नि ऐ . एक दै क्वी ट्रक या बस कै कारै भुकि पे ल्याओ त समजी ल्याओ वा कार बदनाम ह्व़े जांदी.
ददि- अर जु कखि त्यार कजै दरोड्या ह्वाऊ त त्वे इ तै ध्यान दीण पोड़ल. जरूरत ह्वाओ त इन दरोड्या क्जेक सिकैत पुलिस मा जरूर करण चएंद. इन दरोड्या कजे अफु त मोर्दु इ च हम सरीखा बिगरैलि कार तै बि मारी दीन्दो.
ननि- अर रस्ता चल्द अपण आंख्युं क ख़याल करण चयेंद . इन सुदि बि आँख नि मरण चयेंद. चाये वा कार सचिन तेंदुलकर जन खिलाडी क क्योक नि ह्वाओ. गलत आँख मारणो मतलब च कि दुसर तेरी भुकी प्यालो अर हमर ज़ात मा भुकी पीण माने
मौत या अपघात . अर पहाड़ी रस्ता या छ्वट रस्तों पर ध्यान देक हिटण चएंद. अर उथगा इ दौड़ण चएंद जथगा हमारि तागत ह्वाओ.
ददि- अर हर मौसम को हिसाब से अपण मेक अप करण चएंद. गर्म्युं मा घाम से बचणो उपाय, बरखा मा जंक लगण स बचण सीखी ले हाँ . अर जड्डू उत्तरी भारत मा पेट्रोलो दगड मा जरा जरा अल्कौहल पीण जरूरी होंद. जन बल्दों खुणि तिलूं तेल पीण जरूरी होंद.
ननि- अर हाँ चलद दै , दौड़द दै, छौम्पा दौड़ करद दै खड्डा, खुब्या, कील वगेरो पर ध्यान जरूर दे अर वूं तै जिठा जी समजिक यूँ से दूर इ रै निथर पंचर, स्लिप डिस्क. ऐक्सिल ब्रेकेज जन असह्य बीमारी ह्व़े जांदी .
ददि- उन त दुघर्या बणण नि चएंद पण जु बौणि ग्यायी त टैम टैम पर ऑटो हॉस्पिटल जरूर जाण चयेंद.
ननि- उन त त्यार बुबा न अर वैको आदिम्यून त्यार कजे तै सब कुछ समजै इ याल होलू पण मी फिर से याद दिलांदु कि वै तै अपण मैनुअल पढ़णो जरूर दे.अर टैम टैम पर हिदायत दीणि रै.
ददि- मी फिर से बुल्दु हमर ज़ात मा भुकि पीण पाप माने जांद . ना त कैकी भुकि पीण ना कै तै अपणि भुकि पीण दीण
न्नि- ले स्यू त्यार मालिक बि ऐ ग्यायी . जा बेटी जा ...
[मांगळ -बड़े नाज से पाली है हमने . संभाल के रखना ..
जा यीं तै क्लियर बाटु मिले
कबि जाम कु नाम न मिले
सद्यनी हौरू सिग्नल मिले
ट्रक बस कि ढसाक न मिले
चोर जार कि नजर न चढ़े
गैस तेल कु दाम न बढ़े
Copyright@ Bhishma Kukreti 28/7/2012