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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, July 19, 2012

अमेरिका किलै डर्युं च ? --गढवाली -हास्य व्यंग्य साहित्य


गढवाली -हास्य व्यंग्य साहित्य

                                      अमेरिका किलै डर्युं च ?
                                     चबोड्या - भीष्म कुकरेती

                           अच्काल कुछ अजाण इ होणु च , अच्काल एक डौर बि हैंक डौरसे डरणि च.कखि फिकर डरांदी त कखि डौर फिकर लांदि.
             अब द्याखो ना ! सोनिया गांधी यूं.पी.ए भयात तै इकदगड़ी रखणो बान द्वी चार मैना मा जीमण (लंच या डिनर ) दीण चांदि पण वीं तै डौर रौंद बल कखि ममता बनर्जी न्यूत इ नि पकडलि त हाई कमांड की बेज्जती ह्व़े जाली कोंग्रेसी भला छन वो अफु जुत खै ल्याला पण सोनिया मैडम कि बेज्जती नि देखी सकदन. अब जै पार्टी मा चुनाव जितणो एकी कर्णाधार ह्वाओ त ओ सोनिया मैडम कि बेज्जती कनै द्याखाल ! कोंगरेस्यूं तै डौर रौंद बल कखि सोनिया मैडम की बेज्जती से कौंग्रेस हारी गे त उंक क्या हाल होला. बगैर समाज सेवा से जब सोनिया गांधी नाम से चुनाव जीते जाओ त इन कोंगरेस्यूं न डर्ख्वा हूणि च. बगैर छत्र छाया डौर पैदा करदी
 
           जब सोनिया गांधी ममता बनर्जी तै जीमणो न्यूत दीन्दी त ममता बि डौरि जांदि . अब ज्वा वा बगैर ना नुकुर कौरिक सीदा जीमण मा जांदि त ममता को बंगाली गर्व मा गिरावट को भय ह्व़े जांद कि ममता जन नेत्याणि बगैर स्वांग, बगैर नाटक का डिनर या लंच खाणि च. छवि मा गिरावट की डौर त भगवान तै बि होंद .त फिर ममता क्या चीज च. अछा अर जु ममता डिनर मा नि जांदि त ममता तै डौर ह्व़े जांदि बल कखि मुलायम का खाम (सपोर्ट) कोंग्रेस अर यूं पी ए. काम नि ऐ जावन! फिर डरदा डरदा या त अफु जांदि या अपण भुर्त्यों (नुमायन्दो ) तै जीमण मा भेजि दीं दि तबि त बुल्दन बल एक डौर हैंकि डौर पैदा करदी . बेज्जती क डौर हैंकी डौर पैदा करदी
 
                  इना मुलायम सिंग बि डरणा रौंदन. मुलायम सिंग कि डौर च कि कखि ममता अपण भयात धरम निभाण मिसे जावु त फिर कोंगरेस्यूं तैं मुलायम की डौर इ नि रालि. कोंगरेस्यूं तैं मुलायम से तबि तलक डौर च जब तलक ममता बनर्जी कौंग्रेस्यूं तैं डराण बन्द नि करि द्याओ. ममता तै बि डौर च बल जु वा कौंग्रेस्यूं तैं बिंडी डराँदि त कखि बंगाल राज्य तै मनचाहा इमदाद बन्द नि ह्व़े जाउ. इमदाद की चाह मा ममता बनर्जी बि कखि ना कखि कौंग्रेस्यूं से डरीं रौंदि. मुलायम सिंग बि कौंग्रेस्यूं से इलै इ डरदन बल कखि उत्तर प्रदेश तै केन्द्रीय इमदाद कम मीललि त युवराज अखिलेश यादव को नाम माट मा रबड्वे जालु. कौंग्रेस्यूं तै डौर च बल कखि मुलायम सिंग जी ममता बनर्जी क दगड मिलि जाला त यूं.पी ए. को अणभर्वस ह्व़े जालो त याँ से ऊत्तर प्रदेश तै सतावान हजार करोड़ मिलि जान्दन. उना मुलायम सिंग जी तैं एक हैंकि डौर बि च कि कखि लोग ऊं तैं कौंग्रेस की सह-पार्टी नि समजन . कौंग्रेस या ब्वालो यू.पी.ए को बदनामी नाम मुलायम सिंग को दगड जुड़णो डौर से मुलायम सिंग खुलेआम नि दिखान्दन बल मुलायम अर यूं.पी.एकी थाळि क स्वार्थी भट्टा छन. डौर क्या क्या खेल खिलांदि हैं? छवि निर्माण अर छवि बरकरार रखणो बान बि डौर लगदी
 
               उन बंगाल अर उत्तर प्रदेश का कौंग्रेसी बि डर्याँ रौंदन. केन्द्रीय सरकार बचाणो बान पैल नरसिम्हा राव न कोंग्रेस कि हरीं- भरीं डाळी काट अर मुलायम सिंग तै बढ़ावा दे.कौंग्रेस कखि जोग नि राई . अब जरा राहुल गांधिक स्वांग अर मुलायम सिंग तै गाळि दीण से कौंग्रेस उत्तर प्रदेश मा पनपण बिसे छे बि त अब जब केंद्र मा मुलायम सिंग अर कौंग्रेस क एक गौळ पाणि हुयूँ च त मुलायम तै गाळि दे नि सकदन। राज मुलायम सिंग को च त त मुलायम सिंग तैं इ गाळि दीणो बिगरौ छयो. मायावती बैणि तै गाळि दिए नि सक्यांद ना इ मायावती बैणि कुणि घात घळे सक्यांद , मायावती बैणि तै गाळि द्यायो या घात घाळो दुई उलटा लगदन. अब गाळि दीणो कुण बी.जे.पी इ रै ग्याई पण ये भै भूतुं तै बि क्वी गाळि दीन्दो? हाई कमांड की डौर से असली कौंग्रेसी चुप छन अर बकै राहुल गांधिक ऐथर पैथर परिक्रमा करणा छन. केंद्र सरकार पर ख़तरा क डौरन उत्तर प्रदेश मा कौंग्रेस बुस्याणि च . अकर्मण्यता अर अनिर्णय स्तिथि बि डौर लांदी
अब बंगाल का कौंग्रेस्यूं डौर क त क्या बुलण ! केन्द्रीय सरकार तै बचाणो डौर न बंगाल कौंग्रेसी पैलि कौम्युनिस्ट पार्टी का विरोध नि कौर सकदा छया अर अब बंगाल का कौंग्रेसी ना त कौम्युनिस्टो तै गाळि दे सकदन ना ही ममता बैणि कुण कुछ बोल सकदन. कखक डौर कख असर दिखे दीन्दी !
 
                     डौरौ असर की बात आई त द्याखो ना अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा बि ड़र्युं च कि भारत मा खुरदरा उद्योग मा उन्ना देसी (विदेसी) निवेश नि होणु च. ना ओबामा जी भारत कि प्रगति बान फिकरमंद नी छन वूं तै त डौर च कि जु भारत मा उन्ना देसी (विदेसी) निवेश नि होलू त अमेरिकी सेठुं तै कम लागत लगाण से हजारों गुणा नफा कनै होलू? गरीबी क अंदेशा बि डौर पैदा करदो

Copyright@ Bhishma Kukreti 20/7/2012