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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, October 21, 2014

संबंध-समाप्ति करणो तरीका

चबोड़ , चखन्यौ , घपरोळ ::: भीष्म कुकरेती 
 जनि मनिख बुड्या हूंद , जनि मनिख पैसा वाळ हूंद , जनि भाजपा जन राजनीतिक  पार्टी ज्यादा तागतवार हूंद तनि यी सबि पुरण संबंध ख़तम करण पर लग जांदन। अतः मनिख तैं पता हूण चयेंद कि संबंध कनै तोड़े जांदन। 

                                                  शुरुवात मा ही संबंध तोड़णो तयारी  

 संबंध बणाण से पैली संबंध खतम करणो तयारी से मनिख जल्दी संबंध तोड़ सकद।  तो यदि आप संबंध तोड़न पसंद करदां तो संबंध बणान दै इ संबंध तोड़णो इरादा करि ल्यावो।  जरा हरियाणा मा भाजपा अर हरियाणा जन परिषद पार्टीक गठजोड़ द्याखो तो गठजोड़ से पैली द्वी पार्टयूं का इरादा ही एक दुसर  फायदा लेक अलग हूण छौ।  मायावती -मुलायम गठजोड़, मायावती -भाजपा गठजोड़ या तेलंगाना नरेश चंदशेखर रावक कॉंग्रेस गठजोड़ की जड़ मा  शुरुवात से ही गठजोड़ तोड़णो बीज बुए गे छा।   जोड़ीदार का प्रति प्रतिबद्धहीनता ही सबंध खतम करणो कारण हूंद।  यदि तुम सबंध खतम करण चांदा तो शुरवात से ही जोड़ीदार का प्रति प्रतिबद्धहीन , बचनबद्धहीन अर पीठ पर छुर्रा घुस्याणो तयारी कर ल्यावो। संबंध तोडू मनिख या पॉलिटिकल पार्टी शर्तहीन प्रतिबद्धता की बात कबि बि नि सुचदन। 
चालाक , धूर्त, खुट्या  स्याळ हमेशा संबंध स्थापित करद ही वूं विन्दुओं तैं पछ्याण जांद जु संबंध खतम करणो माध्यम छन अर इन धुर्या , धूर्त अर स्वार्थी मनिख  समूह यूँ संबंध बिगाड़ो बिन्दुवो की हर समय पूजा करणु रौंद।
                                                      संबंध बिगाड़न तैं अचाणचक   गति दीण 

                    जै जोड़ीदारन संबंध बणन से पैलि संबंध बिगाड़णो संधिस्थल को ध्यान करी हो वो अचानक संबंध बिगाड़नो बान तेजी लांद अर फिर संबंध बिगाड़नो बान तर्क , कुतर्क या खनु खरपट को सहारा लेक संबंध खतम करद।  राजनीति मा जयललिता , ममता या अरविन्द केजरीवाल यामा प्रसिद्द छन।
                                                   कुछ भि भगार , लांछना लगाण 

     संबंध तोडू जब संबंध तुड़द , रिश्ता -नाता  पर आग लगांद ,  अलग ढपली से अलग राग बजांद   तो अपण कुछ भि गलती नि माणद   बल्कण मा दुसर पर इन भगार लगांद  , लांछन लगांद दुसरो इन कमर तोड़दु कि हौरुं तैं  वो आधारहीन लांछन , भगार , आक्रमण  हजम नि हूंद। अबि कुछ महीना पैल बिहार का नीतेश कुमारन जब भाजपा से अठारा साल पुराणो गठजोड़ -गठबंधन-रिस्ता  त्वाड़ अर भाजपा की तौहीन कार कि भाजपा एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी नी च तो आज बि नितीश कुमारो दगड्या शरद यादव बि पुटक पकड़िक  जोर जोर से हंसणु रौंद।  लोग अर लालू यादव बि खत -खत  ही -ही -हा- हा -खू -खू करिक हंसणा रौंदन।  
 इनि अबि जब भाजपा -शिवसेना अर कॉंग्रेस -एनसीपी गठजोड़ टूटेन त चारि पार्ट्यून गठबंधन -गठजोड़ -अलाइंस टुटणो कारण बतैन तो यु चर्री पार्ट्युंक कार्यकर्ता धड़म से बेहोस ह्वे गेन अर आज बि चर्री पार्टयुं कार्यकर्ता संसय मा छन , सशंकित छन अर भयभीत छन। 
                                          संबंध बिगाड़न एक कला च , एक कौंळ च , एक विज्ञान अर वास्तव मा एक क्लासिकल खेल च। ये खेल तैं सीखो। 
                                          रिस्ता खतम करण एक स्वार्थ  पूर्ति च , अवसरवादी  प्रक्रिया च अर अविश्वास  परिकाष्ठा च। यदि आप संबंध खतम करण चांदवां तो स्वार्थी बणो।  
                                          नाता समाप्ति याने एक दुसर पर आरोप की झड़ी लगाण , अनावश्यक प्रत्यारोपुं  बरखा करण , गैरजरूरी कारणों का बमगोळा फुड़ण।  बस अनावश्यक , गैर जरूरी कारणु पर ध्यान द्यावो तो सबि नाता -रिस्ता अफिक खतम ह्वे जाला। 
                                           एक दूसर पर विश्वास नि कारो तो अवश्यमेव आपको रिस्ता समाप्ति -स्वर्ग फल प्राप्त होलु। जोड़ीदार की कमजोरी पर ध्यान द्यावो अर संबंध समाप्ति का पुण्य भोगो।
                                           एक हैंक  पर शक कारो अर रिस्तेदारी दुस्मनै मा बदलो 
                                                                                    ।  इति संबंध समाप्ति कारणम् अध्यायम ।

Copyright@  Bhishma Kukreti  21/10 /2014       
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लेख में  घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख  की कथाएँ चरित्र व्यंग्य रचने  हेतु सर्वथा काल्पनिक है



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