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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, October 10, 2014

कांड ब्वेका अल्लु -प्याज की आशा ?

चबोड़ , चखन्यौ ::: भीष्म कुकरेती 

भारत मा हरेक खौड़ -कत्यार-घास  याने चारा भ्रष्टाचार का नाम सूणी पीलू पड़ जांद। 
हिन्दुस्तान मा प्रत्येक कॉमन वेल्थौ खेल मैदान    घूसखोरी नाम सुणीक गस खैक सुकि  जांद। 
इंडिया मा करप्सन का आखर देखिक हरेक मोबाइल फोन का कनेक्सन गुस्सा मा टूटी जांद।
हरेक राज्य की कोयला खदान /खाण्डि भ्रस्टाचार , स्कैम का समाचार सुणी लाल पीला ह्वे जांद। 
शहीदों को कफन भ्रस्ट अधिकार्युं , नेताओं देखिक क्रोध मा जळ जांद , भुने जांद। 
प्रत्येक भारतीय रोजमर्रा का भ्रष्टाचार से रूबरू हूंद अर एक हैंक से बुलद  बल ये  भ्रष्टाचार -घोटाला -स्कैम तैं देखिक ही ना अपितु पुलिस -पटवारी -परधान द्वारा घूस लीण पर हमर अंदड़ -पिन्दड़ म्वाट ह्वे जांदन , नस फ़टण लग जांदन अर गुस्सा , रोष , निराशा असह्य ह्वे जांद। 
कण कण मा भगवान कैन नि देखि किंतु कुण्या -कुण्या मा भ्रस्टाचार सब्युं तैं दिखेंद। 
कश्मीर से कन्याकुमारी तक , सोमनाथ से जग्गनाथ तक प्रत्येक भारतीय इख तलक कि सोनिया गांधी , राहुल गांधी अर नरेंद्र मोदी बि चाँदन  बल भ्रष्टाचार खतम ह्वे जाव , घूसखोरी निमिड़ि जाव , भ्रष्टाचारियों मुर्दा मोरि जाव.
किन्तु जब कोर्ट से सिद्ध भ्रष्टाचारणी जयललिता जन  तैं जेल हूंद तो  वींक स्पोर्ट मा मंत्री लोग शपथ ग्रहण मा शपथ लींद दें इन रुंदन  जन अम्मा तैं जेल नि ह्वे हो बल्कि यूँ मंत्र्युं लौड़ -गौड़ ही मरि गे ह्वावन।  लोग अम्मा का स्पोर्ट मा सड़क जाम करदां , न्यायालय की आलोचना करदां अर मुंड मुण्डेंण शुरू कर दींदन।  क्या इन माँ लोगुं द्वारा भारत से भ्रस्टाचार खतम करणै इच्छा करण सही च ?
जब कोर्ट से सजा पायुं लालू यादव बेल /पैरोल से छुटिक पटना पौंछ्दु तो हजारों की संख्या मा लोग सिद्ध भ्रष्ट लालू यादव का स्वागत इन करदन जन बुलया यु उल्लू का पट्ठा लालू पाकिस्तान तैं जीतिक ऐ गे हो धौं ! इन मा प्रश्न पैदा हूंद क्या वास्तव मा जनमानस भ्रष्टाचार समाप्त करण चाणा छन या जनता बि नेताओं , अधिकार्युं तरां भ्रस्टाचार खतम, अनाचार उन्मूलन करणो नाटक करणी च ?
यदुरप्पा जब लोकसभा का चुनाव जितदु तो साफ़ संकेत मिलद कि जनता ही भरस्टाचार मिटाण नि चांदी। 
कारगिल शहीदों का कफन चोर अशोक चह्वाण जब लोकसभा का चुनाव जितद तो यांक साफ़ अर्थ च कि भारतीय ही चांदन कि भारत मा भ्रस्टाचार जम्युं रावु , भारत मा भ्रष्टाचार फले फूले अर भ्रष्टाचारी नेता लोकसभा , विधानसभा , म्युनिस्पलिटी , ग्राम सभाओं मा भ्रष्टाचार तैं हौर जोरों से बढाँदा जावन। 
हम ही नि चांदा कि भ्रष्टाचार समाप्त हो !
जनता ही नि चांदी कि घूसखोरी बंद हो! 
भारतीय ही नि चाँद कि बदचलनी की सफाई हो !
यदि भारतीय भ्रष्टाचार का विरोधी हि जि हुँदा तो अनैतिक , अनाचारी जय ललिता को जेल हूण पर लोग कोर्ट जजमेंट का विरोध करदा ?
यदि वास्तव माँ हिन्दुस्तानी भ्रष्ट मुक्त हिन्दुस्तान चाँद तो जेल से भैर आण पर करप्ट , आर्थिक लम्पट लालू यादव का जेल से भैर आण पर जोरों से स्वागत हूंद ?




Copyright@  Bhishma Kukreti  8/10 /2014       
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लेख में  घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख  की कथाएँ चरित्र व्यंग्य रचने  हेतु सर्वथा काल्पनिक है



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