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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, August 16, 2012

शिक्षा मंत्रालयs सग्वड़--गढ़वाली हास्य व्यंग्य साहित्य


 गढ़वाली हास्य व्यंग्य साहित्य
 
 
                                शिक्षा मंत्रालयs सग्वड़
                                         चबोड्या - भीष्म कुकरेती
शिक्षा पर व्यंग्य; शिक्षा पर गढ़वाली व्यंग्य; शिक्षा पर उत्तराखंडी भाषाई व्यंग्य;शिक्षा पर मध्य हिमालयी भाषाई व्यंग्य;शिक्षा पर हिमालयी भाषाई व्यंग्य;शिक्षा पर उत्तर भारतीय भाषाई व्यंग्य;शिक्षा पर भारतीय भाषाई व्यंग्य;शिक्षा पर दक्षिण एशियाई भाषाई व्यंग्य;शिक्षा पर एशियाई भाषाई व्यंग्य]
अब जब मुन्ना भाई शिक्षा मंत्री बौणि गेन त वूंन प्रण ले कि ये शिक्षा मंत्रालय कु कुछ ना कुछ करण च . पैलाक शिक्षा मंत्र्युं तरां मुन्ना भाई उर्फ़ आजौ शिक्षा मंत्री तै बि नि पता कि शिक्षा मंत्रालय मा करण क्या च?. पैलाक शिक्षा मंत्री बि राजनीति क गोटि फिट करणो बान शिक्षा मंत्री बणये गे छया अर मुन्ना भाई तै बि शिक्षा मंत्री बणये गे कि बड़ा बड़ा नेता शिक्षा मंत्रालय तै achhu tun कूड़ -पंद्यर समजदन अर मुन्ना भाई तै शिक्षा मंत्रालय बि मीलि ग्याई त चलो भागदो भूतौ लंगोट इ सै. .ना त पैलाक शिक्षा मंत्र्युं न शिक्षा मा विकासौ सुपिन देखी छौ ना इ मुन्ना भाई न गैर राजनैतिक जिन्दगी मा शिक्षा क बारा मा एक झपांग बि सोचि छौ कि जिन्दगी मा शिक्षा क बि क्वी महत्व हूंद.हमर देस अर प्रदेश मा शिक्षा विभाग से जादा महत्व हौर चीजुं हूंद . ब्व़े बाब बि शिक्षा क महत्व उथगा इ समजदन जथगा मा उनक नौन्याळो क नौकरी इंतज़ाम ह्वे जाओ।
अब जब अब जब मुन्ना भाई शिक्षा मंत्री छन त वूं तै शिक्षा क्या हूंद अर शिक्षा विभाग क्या हूँद कि फिकर हूण जरूरी छयो. त पैल पैल वो शिक्षा विभाग कु सग्वड़ दिखणो गेन .
' यि सिक्षा सग्वड़ मा सी यीं तर्फौ साग कनफणि सि छन , यूँ पौधों पर क्वी चलकैस नी च, यि सौब खरसण्या अर पौधा पीला सुक्याँ छन. अर हैंकि तर्फांका पौधों क चलचला पात छन. खूब हौर छन
' मंत्री जी ! जु खर्सण्या पौधा छन अर जौंक पात पीला छन ऊं पौधौंक क माटू गांवक च अर जु पौधा हरा अर चलचला छन ऊं पौधों कुण माटू शहर बिटेन आंदो. "
" त इकसनी माटो क इंतजाम कारो ."
' जी वान्खुणि बजट का वास्ता आप तै पैल योजना आयोग अर फिर वित्त विभाग म जाण पोडल ."
' अरे सि इं क्यारी क फूल भौत ई आकर्षक छन अर हैंकि क्यारिक फूल सड्या या सूखा सि छन. इन किले ?"
" जी शिक्षा मंत्री ! जु फूल आकर्षक छन ऊं फूलूं माली प्राइवेट लोग छन अर जु फूल सड्या या सूखा छन ऊं फूलूं माली सरकारी छन. "
"अच्छा . प्राइवेट माली अर सरकारी माल्यूं काम मा इथगा फरक ?"
' जी मंत्री जी."
" अरे एक इ क्यारी मा कुछ पौधा डम डम अर कुछ पौधा पतमर्याँ छन , इन किलै ?"
" जी मंत्री जी ! जौं पौधों तै कोचिंग की कैंची से छिंडारे जांद सि पौधा डम डम छन अर जौं तै कोचिंग क कैंची से नि छिंडारे जांद त सि पौधा पतमोंर्याँ ह्व़े जान्दन. "
" अचर्ज !"
" जी मंत्री जी ."
' अरे जगा जगा लगलुं जाळ बिछ्युं च .एक लुग्ल एक हैंको लगुल से मिल्यां छन अर यूँ लगलुं अजीब सि जाळ बण्यु च, जन बुल्यां एक लगुल हैंक लगुल से गुथम गुथा करणु च .यि क्या च?. इन कबि नि द्याख मीन."
' जी यि शिक्षा विभागक अलग अलग नियम धियंमु से कुलयाँ लगुल छन . जन एक नियम हैंक नियम कु विरोधी च या समान्तर छन त उनि येकी जाति क लगुल एक हैंक लगुल से गुथम गुथा करणा रौंदन."
"बड़ो अजीब च"
"जी मंत्री जी . यि शिक्षा मंत्रालय कु सग्वड़ जि च."
" अछा यि क्या होणु च यि पौधा एक हैंकाक जड़ खुदणा छन, एक साथ कुछ पौधा हौरी पौधों पर जड नाशी दवाई छिड़कणा छन, क्वी कैकी जगा पर अपण जड़ घुसाणा छन ?"
" जी यि पौधा अर पेड़ राजनीति करणा छन. क्वी जातीय राजनीति करणु च, क्वी अपर पदोन्नति क वास्ता लड़ाई करणा छन , क्वी यूनियन चुनाव क पैन्त्राबाजी करणा छन, क्वी अपणी चोरी लुकाणो बान एक हैंको कतल करणु च आदि आदि . यि राजनीति क माहिर पेड़ ,पौधा, लगुल छन ."
" अच्छा शिक्षा क सग्वड़ मा बि राजनीति?"
" जी मंत्री जि ! जब हम अपण परिवार मा राजनीति कैरी सकदवां त शिक्षा मा किलै ना."
' अरे ! यि क्या ? मी तै इन लगणु जन यि ड्रेनेज कैनाल ह्वावन ."
"जी मंत्री जी. अप सै बुलणा छंवां . सी बड़ो पाइप सप्लाई कैनाल च .सरकारी तलाब से पाणि , खाद, मोंळ आदि आंदो. अर यि जि अलग अलग ड्रेनेज कैनाल दिखणा छंवां ना ?
" हाँ "
' त मंत्री जी जु बढिया फल या भुज्जी होंद वो ब्रेन ड्रेनेज कैनाल क रस्ता से विदेस चलि जान्दन. फिर कुछ बढिया प्रशासन विभाग मा चलि जान्दन, कुछ कम बढ़िया फल फूल , साक भाजी भारतीय बिजिनेस संस्थानों मा बौगि जान्दन, फिर कुछ ठीक ठाक सरकारी विभागुं गोडाऊनो मा पौंची जान्दन."
" अर सबसे बेकार भुज्जी या फल फूल कख चलि जान्दन?"
" जु बेकार , सड्या फल , फूल, साक भुज्जी होन्दन उ ए टुट्यु फुट्यु पाइप से शिक्षा गोडाऊन मा पौंची जान्दन "
" अरे !"
"जि मंत्री जी"
" अछा यू एक पुराणो सि पौ दिखयाणु च. यू क्या च? "
" जि मंत्री जि ! यू पौ शिक्षा विभाग कि पौ च. लोर्ड कर्जन न शिक्षा विभागक सग्वड़ो पौ धौरि छौ अर आप तै खौंळयाणै जरूरत त नी च कि अब तलक यू पौ सही सलामत अर मजबूत च."
" अरे! इथगा मजबूत पौ?"
"जी मंत्री जी"

Copyright@ Bhishma Kukreti 17/8/2012
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