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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, May 19, 2014

पर्यटन विकास दृष्टि से सोनिया गांधी और राहुल गांधी फिस्सडी एवं मायावती सफल

 (Tourism and Hospitality Marketing Management for Garhwal, Kumaon and Hardwar series--65   
                                                      
उत्तराखंड में पर्यटन  आतिथ्यविपणन प्रबंधन -भाग 65     
  
                              
                                                              लेखक : भीष्म कुकरेती  (विपणन  विक्रीप्रबंधन विशेषज्ञ )   

               उत्तर प्रदेश में रायबरेली व अमेठी नेहरू -गांधी परिवार की राजनैतिक विरासत माने जाते हैं।  सोनिया गांधी और राहुल गांधी पिछले दशक से यहां के क्रमशः सांसद हैं एवं यह किसी से छुपा नही है कि सोनिया गांधी विरोधी दल में हों या राजकीय दल में हो वे शक्ति केंद्र रहते ही हैं। 
               यदि रायबरेली और अमेठी को विकास की दृष्टि से नापा जाय तो दोनों शहर उत्तरप्रदेश के आम शहरों या क्षेत्र जैसे हैं।  कुछ सरकारी संस्थानों को छोड़ दें तो रायबरेली और अमेठी किसी को भी प्रभावित नही कर पाते हैं। इसका मुख्य कारण है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पर्यटन विकास की कतई समझ नही है ना ही प्रिंयका गांधी को पर्यटन विकास  फायदे की समझ है। 
सोनिया गांधी व राहुल गांधी में पर्यटन लाभ की रती भर भी समझ होती तो आज रायबरेली या अमेठी अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ना सही राष्ट्रीय स्तर के शहर बन जाने चाहिए थे। 
कॉंग्रेसियों के लिए रायबरेली या अमेठी मक्का मदीना हो सकते हैं किन्तु कोई भी कॉंग्रेसी रायबरेली या अमेठी जाने के लिए तत्पर नही होगा।  कारण साफ़ है सोनिया गांधी या राहुल गांधी ने इस क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने के बारे में सोचा ही नही और कोई ऐसी योजना लागू नही की जो भारतवासियों को रायबरेली या अमेठी भ्रमण के लिए बाध्य करे।  इसका कारण है कि सोनिया व   राहुल की उद्यम विकास की कोई दृष्टि है ही नही।  दोनों सांसद केवल राजनैतिक लाभ हेतु इन दोनों स्थानो से चुनाव लड़ते है और सांसद कर्तव्य भी नही निभा पाते।
                               मुलायम सिंग ऐंड कम्पनी का योगदान 
  पत्रकारिता की एक कमजोरी है कि सेंसलाइजेसन पाने हेतु पत्रकार कभी कभी प्रशंसनीय कार्य को नकारात्मक कार्य सिद्ध कर देते हैं। समाजवादी पार्टी के यादव परिवार हर साल दिसंबर में  अपने गाँव सैफई में सैफई महोत्सव मनाते हैं। 
पर्यटन उद्यम की दृष्टि से मुलायम सिंह  ka यह कार्य प्रशंशा योग्य है।

                   मायावती का प्रशंसनीय कार्य 
मायावती द्वारा बनाया गया डा भीमराव आंबेडकर सामजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल लखनऊ , उत्तरप्रदेश एक  अभिनव प्रयोग है जो दलितों के आत्म गौरव बढ़ाने में कारगर सिद्ध हुया है साथ ही साथ इस प्रतीक स्थल ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन उद्यम को एक नई ऊंचाई दी है। 
मायावती के इस कार्य की प्रशंसा होनी ही चाहिए।


Copyright @ Bhishma Kukreti  19 /5/2014  

Contact ID bckukreti@gmail.com
Tourism and Hospitality Marketing Management for Garhwal, Kumaon and Hardwar series to be continued ...

उत्तराखंड में पर्यटन  आतिथ्य विपणन प्रबंधन श्रृंखला जारी 

                                   
 References

1 -
भीष्म कुकरेती, 2006  -2007  , उत्तरांचल में  पर्यटन विपणन परिकल्पना ,शैलवाणी (150  अंकों में ) कोटद्वार गढ़वाल

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