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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, February 11, 2018

झिंकड़ कटणै , झिंकड़ घटणै , लगुल चड़ाणै लगाणै संस्कृति

Best  of  Garhwali  Humor , Wits Jokes , गढ़वाली हास्य , व्यंग्य )
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झिंकड़ कटणै  , झिंकड़ घटणै  , लगुल चड़ाणै  लगाणै  संस्कृति  
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 चबोड़ , चखन्यौ , भचकताळ    :::   भीष्म कुकरेती   
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            झिंकड़ बगैर आज बि कृषि सुचे नि सकेंदी।  पाख -पख्यड़ ह्वेन या सफाचट सैण धरती मतलब  मैदान झिंकड़ आवश्यक हूंदन।  हां जन हमन कमीज -पैंट की जगा टी शर्ट अर जीन्स पैरण शुरू कौर दे ऊनि मैदानों मा अब झिंकड़ुं जगा प्लास्टिक का झिंकड़ ऐ गेन।  मैदानों मा हमेशा झिंकुड़ुं कमी रै त उख झिंकड़ुं जगा लगलूं की सहायता लिए जांदी छे . पलातक आण से अब अंगूर , गुदड़ी आदि अब वनस्पतीय झिंकड़म चढ़नम उनि शरमान्दान जन हम भारतीय मर्द धोती -कुर्ता -टुपला पैरणम शर्मांदा।  गढ़वाळम अबि बि सग्वड़बाज वनस्पतीय झिंकड़ पकड़ी बैठ्यां छन।  गढ़वाळम आज बि झिंकड़ उपलब्ध छन उल्टां बांज , तूंग  त रोइ रोइ थकणा छन बल हम तै काटो अर झिंकड़ लीजावो।  समय समय की बात च। झिंकड़ा सपोर्ट गुदड़ी , कखड़ी  अर लमिंडक लगुलुं  कुण आवश्यक हूंद। झिंकड़ माने सामयिक सपोर्ट , टेक , ठंगरु।  
             गुदड़ी, लमिंड , कखड़ी कुण झिंकड़ जरूरी हूंदन।  उन करेला कुण बि झिंकड़ जरूरी हूंदन किन्तु कम खाण त कनि बि काम चल जांद।  
         झिंकड़ुं कुण बांज या तूंग ही बढ़िया डाळ माने जांदन।  बुरांस , जमिण जन पेड़ुं झिंकड़ अच्छ नि मने जांद।  बुरांश -जमिणा झिंकड़ ममता बनर्जी जन कच्च हूंदन कबि कबि बि मिली जुली सरकार तैं धोका दे दींद। मंदार या खिन्न जन पेड़ुं झिंकड़ कांटेदार हूंदन जन कम्युनिस्टुं द्वारा यूपीए सरकार  तैं सपोर्ट। कम्युनिष्ट बड़ा बड़ा शिक्षण संस्थाऊं  मा चेयरमैनशिप बि मांग लीन्दन  अर रोज सरकार तैं डंसणा बि रौंदन। 
       उन भौत सा झिंकड़ुं मा लगल चढ़दी नीन जन कॉंग्रेस शिव सेना अर अकाली दाल से सपोर्ट नि मंगदी उनी कथगा पेड़ छन जामा गुदड़ी -कखड़ी लगुल नि चढ़दन। 
        कुछ पेड़ुं झिंकड़ गुदड़ी -कखड़ी लगलूं तै सपोर्ट करण बर्दास्त नि कौर सकदन। जन भाजपा कम्युनिष्टों सपोर्ट बर्दास्त नि कौर सकद या कम्युनिस्टुं तैं भाजपा का सपोर्ट हजम ह्वे इ नि सकद।  फिर अशोक या कुंळैं झिंकड़ बि ठीक नि हूंदन।  जौंक फौंटा अळग झुकणो जगा तौळ झुक्यां ह्वावन वूं पेड़ुं झिंकड़ बि नि लगाए जांदन।  जन समाजवादी पार्टी अर बसपा का सपोर्ट कॉंग्रेस तैं अळग लिजाणो जगा तौळ लिजान्द उनी अशोक या चीड़ वृक्ष का झिंकड़ बि हूंदन।  झूट बुलणु हों तो भाजपा का उत्तर प्रदेश मा कुहाल इतिहास  बाँची ल्यावो जब जब भाजपा न बसपा याने मायवती बैणि  से सपोर्ट ले भाजपा का सपोर्ट बेस खतम इ ह्वे। अशोक या कुंळै का झिंकड़ अच्छा नि हूंदन। 
           जन भाजपा ओवेसी का सपोर्ट तैं पाप समजदी या कॉंग्रेस हिन्दू महासभा का सपोर्ट तैं पाप समजदि उनि सरा भारत मा आम  मान्यता  च बल आमक झिंकड़ से पाप लगद।  पाप ऊप कुछ नी भै झिंकड़ घटदी आमक झिंकड़ पर ऐलिफेंट ईयर फंगस इ ना छुट छुट छतरी फंगस बि लग जांद अर गुदड़ी -कखड़ी का लगल फलहीन हूण पसंद करदन किंतु ऐलिफेंट इयर फंगस या छतरी कुयड़ बर्दास्त नि कौर सकदन। इलै भाजपा ओवेसी कु सपोर्ट नि मंगद , कॉंग्रेसी हिन्दू महासभा क सपोर्ट नि मंगदी अर किसान आमक झिंकड़ नि घटदन। 
      खिन्न सरीखा पेड़ का झिंकड़ नि लगाणो पैथर एकी कारण नी कि खिन्न का ग्वाळ अर फौंट्युं पर कांड हूंदन बल्कि एक हौर कारण बि च।  जन भाजपा कु सपोर्ट लीण या भाजपा तैं सपोर्ट दीण राजनैतिक पार्ट्युं  कुण कांटेदार सपोर्ट त छैं इ च मुस्लिम वीं पार्टी तैं बोट नि दींदन ज्वा पार्टी भाजपा से सपोर्ट ल्यावो या भाजपा तैं सपोर्ट द्यावो।  भाजपा पर मुस्लिम विरोधी कांड त छैं इ छन बल्कणम एक हैंक बिजोग बि  पड़्युं च भाजपा का सपोर्ट मा।  भाजपा सपोर्ट कम करदी अपितु अपण जड़ जमांद जमांद सपोर्टिव पार्टी क जड़ खुदण लग जांद।  झूठ बुलणु हूं त ओड़ीसा मा बीजेडी क नवीन पटनायक तैं पूछी ल्यावो।  महाराष्ट्र मा शिव सेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे का ऐड़ाट -भुब्याट सूणी ल्यावो अर अब आंध्र प्रदेश मा टीडीपी का चंद्र बाबू का क्वीणाट सूणी ल्यावो।  सब बुलणा छन बल भाजपा कांटेदार झिंकड़ ही ना जड़कट्वा झिंकड़ बि च।  खिन्न बि इनि झिंकड़ च।  लगलों तैं सपोर्ट से अधिक खिन्न अपण जड़ जमै दीन्द इलै खिन्न जन झिंकड़ुं से किसान बि दूर रौंद अर लगल बि दूर रौंदन। 
      उन टेम्परेरी झिंकड़ुं जरूरत क्वाद -झंग्वर या मर्सू बूंद दैं बि पड़द जन नरसिम्हा राव तैं झारखंड मुक्ति मोर्चा कु सपोर्ट की जरूरत पड़ी छे अर अबि एक साल पैल महाराष्ट्र मा भाजपा तैं शरद पंवार की आवश्यकता पोड़। क्वाद -झंग्वर या मर्सू बूंद दैं बि झिंकड़ इन हूण  चयेंदन जु कांटेदार बि नि हो , ना ही सूखा , ना ही झड़ण वळ पत्तीदार हो अर ना ही जैक तिनका खेत मा गिरण वळ हो। पत्तीदार झिंकड़ से पत्ती, तिनका  खेत मा गिरिक झंग्वर , क्वाद अर मरसूं बीज दबै दींदन। चरण सिंह , चंद्रशेखर अर देवी गौड़ा की सरकार तैं कॉंग्रेसौ सपोर्ट कुछ ना पत्तीदार झिंकड़ लगाण ही छौ। 
      झंग्वर , क्वाद बूँद दैं कांटेदार झिंकड़ नि लगाए जांद।    कांटेदार झिंकड़ त पता नी कथगा सालुं तक पीड़ा दींद धौं , क्वी नि जणदु।  नरसिम्हा राव तै  झारखंड मुक्ति मोर्चा का सपोर्ट लीण भौत मैंगा पोड़ छा।  नरसिम्हा राव पर कोर्टम बि कांड पूड़ी छा। महराष्ट्र मा भाजपा तै शरद पंवारक सपोर्ट लीणो बाद  क्या क्या घाल मेल करण पोड़ धौं यी त नहर घोटालाों  की बंद करीं दसियों फ़ाइल ही बताल।   
    झिंकड़ आवश्यक च किंतु झिंकड़ छंट्यांण, झिंकड़ कटण अर झिंकड़ घटणै कौंळ आण  बि अति आवश्यक च जी।  
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31 /1 / 2018, Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India , *लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ , चरित्र , स्थान केवल हौंस , हौंसारथ , खिकताट , व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
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    ----- आप  छन  सम्पन गढ़वाली ----
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