उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Tuesday, June 21, 2016

ज्यूँद मा भूकन मारी -तिरैं बरखिम जीमण भारी (फादर्स डे स्पेसियल )

Best  Harmless Garhwali Literature Humor , Jokes Father's day  ;  Garhwali Literature Comedy Skits  , Jokes Father's day ; Garhwali Literature  Satire , Jokes ;  Garhwali Wit Literature  , Jokes Father's day ;  Garhwali Sarcasm Literature , Jokes Father's day ;  Garhwali Skits Literature  , Jokes Father's day ;  Garhwali Vyangya   , Jokes  Father's day ;  Garhwali Hasya , Jokes Father's day  ; गढ़वाली हास्य , व्यंग्य,  गढ़वाली जोक्स


                                 ज्यूँद मा भूकन मारी -तिरैं बरखिम  जीमण भारी (फादर्स डे स्पेसियल ) 
                                                         चबोड़ , चखन्यौ , चचराट :::   भीष्म कुकरेती   

                  स्वतंत्रता से पैलाक भारतमा श्राद्ध समय याने फादर्स -मदर्स डेज।  अब भारत मा अलग से फादर्स -मदर्स डे मनाणो प्रचलन ,, संस्कृति माने फैशन  अति प्रसिद्ध ह्वे गे।  ब्वे -बाबुकुण त ना पर भारतवास्युं कुण कुछ बि बहाना से पार्टी -सार्टी करणो , लेख लिखणो या भाषण भीषण करणो मौका  अवश्य ऐगेन। 
          अचकाल फेसबुक,  व्हट्सअप , लिंकदिन  सरीखा सोसल मीडिआ मा तो फादर्स -मदर्स डेज का दिन ब्वे -बाबुं की इन पूजा हूंद कि भौत सा स्वर्गवासी ब्वै -बाब भगवान से प्रार्थना करदन कि हम तै वापस भ्याजो - हमर नौन्याळ हमारी कथगा रिस्पेक्ट करणा छन अर हम इख स्वर्ग मा उदासीनता की रुटि खाणा छंवां जब कि बच्चा हम तै केक पेस्ट्री खलाणो तयार बैठ्याँ छन। 
      जी हाँ  स्वर्गवासी माता -पिता  फादर्स -मदर्स डेज का दिनों पृथ्वीलोक का ब्वै -बाबुँ से ईर्ष्या करणा रौंदन अर बुल्दन - काश हमर टैम पर बि  फादर्स -मदर्स डेज हुँदा तो हम बि अपण बच्चों की अंग्रेजी ढंगै  पूजा पांदा। सोरग हो , नरक हो या पृथ्वीलोक हो ईर्ष्या , जलन अर आत्मा कबि नि मरदी। 
  खैर मी बि पोलिटिकल पार्ट्यूं प्रवक्ता ह्वे ग्यों।  पूछे जांद कि भारतमा  इथगा ग्युं ह्वे गे त क्या करण तो प्रवक्ता को जबाब हूंद हम पाकिस्तान को छटी का दूध याद दिला देंगे।  छ्वीं छे "ज्यूँद मा भूकन मारी -तिरैं बरखिम  जीमण भारी (फादर्स डे स्पेसियल )" अर मि ईर्ष्या पर लिखण लग ग्यों।  जादा टीवी समाचार दिखणो यू इ नुकसान हूंद। 
         तो पर्सी फादर्स डे छौ अर मि एक हफ्ता से पैल अर एक हफ्ता पैंथर तक फार्ड्स डे का वजै से व्यस्त ह्वे जांद ।   हरेक मित्र अपण फादर त ना किन्तु म्यार दगुड़ पसंद जि करदो। 
          फादर्स डे से पैलाकि राति कुण म्यार पांच दगड्योंन एक फादर्स डे की बड़ी ग्रैंड पार्टी एक बड़ो थ्री स्टार  होटलम धरीं छे।  सब्युंक फादर्स स्टेज मा बैठाळे गेन अर फिर डीजे , भयंकर म्यूजिक का बीच फादरुं सम्मान मा केक काटे गे। दारु -सारु तो आम बात छे तो दारु का गदन बि बौंगेन।  फिर कुछ देर बाद  याने द्वी घंटा बाद फादरुं तैं ऊंक ओल्ड एज हॉउस भिजे गे अर पार्टी सुबेर तीन बजे तक चलणि राइ।  फादर्स बि हैप्पी छया  कि फादर्स डे का बहाना से ही सही नाती -पूतों की सकल तो द्याख अर पूत बि हैप्पी छ्या कि फादर तै सम्मान देक अपण स्वर्ग का रस्ता तो साफ ह्वे इ गे होलु।  
   पर्सी मीन  एक मित्र  का  फेसबुक पर  फादर्स डे संबंधित  चालीस पोस्ट देखिन  अर हरेक पोस्ट तैं Like करण लाजमी छौ।  फेसबुक का सदस्य समजणा छया कि गढ़वाल मा यू ही एक मात्र श्रवण कुमार च।   पर असलियत या च कि ब्वे बाब श्रवण कुमारौ  दगड़ नि रौंदन बलकणम अपण बेटीक इख रौंदन। अब ऑफ लाइन ही नहीं ऑन लाइन बि ढकोसला बाजिका माध्यम बण गे।   
            जन कि फादर्स डे का चार  दिन पैंथर  एक मित्रन संडे कुण इ फादर्स डे की पार्टी दीण ।  फादर्स डे का दिन मित्रकी मदर इन लौ का बर्थ डे छौ तो मित्र तै फादर तै पैंथर ढकेलण इ पड़णु च बिचारो मित्र ! 
   अच्काल फादर्स डे -मदर्स डे मा इनी ढकोसला चलणु च जन पैल जिंदा मा ब्वै बाबु तैं भरपेट खाणो नि दीण किन्तु तिरैं -बरखी कुण सरा अडगैं (क्षेत्र ) तै भोज खलांद छा । कति त ब्वे तै पीटदा बि छन अर बरखी ही ना अपितु दैलु -फैलु से सप्ताह उर्यांदन ।  
           एक आधुनिक श्रवण कुमार च जब तक ब्यौ नि ह्वे छौ तब तलक वेको झगड़ा अपण भाई -भौजुं दगड़ ई राइ कि तुम माता -पिता की सेवा नि करणा छंवां , सेवा नि करणा छंवां।  पर जनि ब्यौ ह्वाइ ब्वे बाब त छवाड़ा मन्योडर  तैं मारो गोली , वै आधुनिक श्रवण कुमारन गांव आण इ बंद कर दे। अर  अब श्राद्ध करणो गया तो क्या नाशिक त्र्यंबकेश्वर बि गे।  

                        आप कथगा ढकोसलाबाज श्रवण कुमारुं तै जाणदा ? 
  



21 /6/2016 ,Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल हौंस , हौंसारथ , खिकताट , व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।

 Best of Garhwali Humor Literature in Garhwal
i Language , Jokes  ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  Uttarakhand Wit in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  North Indian Spoof in Garhwali Language Literature ; Best of  Regional Language Lampoon in Garhwali Language  Literature , Jokes  ; Best of  Ridicule in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  Mockery in Garhwali Language Literature  , Jokes    ; Best of  Send-up in Garhwali Language Literature  ; Best of  Disdain in Garhwali Language Literature  , Jokes  ; Best of  Hilarity in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  Cheerfulness in Garhwali Language  Literature   ;  Best of Garhwali Humor in Garhwali Language Literature  from Pauri Garhwal , Jokes  ; Best of Himalayan Satire Literature in Garhwali Language from Rudraprayag Garhwal  ; Best of Uttarakhand Wit in Garhwali Language from Chamoli Garhwal  ; Best of North Indian Spoof in Garhwali Language from Tehri Garhwal  ; Best of Regional Language Lampoon in Garhwali Language from Uttarkashi Garhwal  ; Best of Ridicule in Garhwali Language from Bhabhar Garhwal   ;  Best of Mockery  in Garhwali Language from Lansdowne Garhwal  ; Best of Hilarity in Garhwali Language from Kotdwara Garhwal   ; Best of Cheerfulness in Garhwali Language from Haridwar    ;
Garhwali Vyangya, Jokes  ; Garhwali Hasya , Jokes ;  Garhwali skits , Jokes  ; Garhwali short Skits, Jokes , Garhwali Comedy Skits , Jokes , Humorous Skits in Garhwali , Jokes, Wit Garhwali Skits , Jokes 
गढ़वाली हास्य , व्यंग्य ; गढ़वाली हास्य , व्यंग्य ; गढ़वाली  हास्य , व्यंग्य,  गढ़वाली जोक्स , उत्तराखंडी जोक्स , गढ़वाली हास्य मुहावरे