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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, April 23, 2015

अभी भनाई सौ कु नोट अभी होये ग्याई सूट-२

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अभी भनाई सौ कु नोट अभी होये ग्याई सूट-२ 
यें लोला बाज़ार मा दया न धर्म लुट मची छा लुट 
चूड़ी न बिंदी न फुन्दी मुल्याई क्यान होये ग्याई सूट-२ 
ठठा न करा रूप्या यख धरा मैमा नी खपदी झूट 
अभी भनाई सौ कु नोट अभी होये ग्याई सूट-२ 
कख छ नोना का लता कपड़ा कख छ कॉपी किताब 
बडा सोदर बणी केग्याँ छा ल्यवा दिखावा हिसाब 
राशन न पाणी न धोती न साडी त क्यान होये ग्याई सूट 
खायी न प्याई बात क्या वायी कन कपाली फुट 
गे छो दुकानी मा राशन पाणी लता कपड़ा मूल्याणु 
मौल भो सुणी ते शर्मेके की गोळी गे नोट बिचारु पुराणु-२ 
भोत खोज्याई पर नोट नी पाई लाल खिजाई चल फुट 
यें लोला बाज़ार मा दया न धर्म लुट मची छा लुट 
चूड़ी न बिंदी न फुन्दी मुल्याई क्यान होये ग्याई सूट 
झुमेलु लागोंदा आणा छे घर खाली थैलू लटकेकी 
उन्डू त आवा गिछु सुंघवा एगी होला घटकेकी 
रोज सौखाणु भर्पाणु हमारू ले घुटा घुट 
तुम दगाडी सदानी से झगड़ा कन खोपरी फुट 
दारु पेणु कु इरादु नी छाई छंद ही कुछ यनु आई 
मट्टी तेलु कुई भांडू नी मिली त दारू की बोतल खल्याई 
देखी जु मेन मट्टी तेल की लेन त बोतल ग्याई फुट 
यें लोला बाज़ार मा दया न धर्म लुट मची छा लुट 
चूड़ी न बिंदी न फुन्दी मुल्याई क्यान होये ग्याई सूट-२
अभी भनाई सौ कु नोट अभी होये ग्याई सूट-२ 
यें लोला बाज़ार मा दया न धर्म लुट मची छा लुट 
चूड़ी न बिंदी न फुन्दी मुल्याई क्यान होये ग्याई सूट-२ 
ठठा न करा रूप्या यख धरा मैमा नी खपदी झूट