उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Monday, June 9, 2014

टाइम पास राजनीति

घपरोळया , हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती      

(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
 इंदिरा गांधी मृत्यु बाद भारतीय राजनीतिक केंद्र विंदु विरोधी पार्टी रैन।  नरसिम्हा राव सरकार से लेकि मनमोहन सरकार तलक हरेक सरकार अल्पमत की सरकार राइ अर प्रधान मंत्री हमेशा डर्युं रौंद छौ कि कखि क्वी सहयोगी अपण खाम -खंबा नि खींच ल्यावो अर सरकार उंद  भेळ जोग नि ह्वे जाउ।  इनमा नरसिम्हा सरकार से लेकि मनमोहन सरकार तलक विरोधी दल हमेशा ताकतवर राइ अर विरोधी दल का खेल सरकारी नीतियुं अर सरकारी कामकाज पर प्रभाव डाळणि रौंद छे।  फिर सहयोगी दल बि विरोधी दल की भूमिका निभांदा छा जन ममता बनर्जी या टीएमसी  सदस्य रेलमंत्री अवश्य छया किंतु रेलमंत्री ममता बनर्जी का व्यवहार से इन लगद छौ कि वा ही यूपीए गठबंधन सरकार की सबसे बड़ी विरोधी च मुलायम सिंग अर मायावती त अबि तक नि बथै सकणा छन कि वु यूपीए तैं सहयोग किलै दीणा छया। 
खैर राजीव गांधी सरकार का बाद यु पैल बार च कि कैं पार्टी तैं लोकसभा मा पूर्ण बहुमत मील।  अर इनमा पता इ नि चलणु च कि विरोधी पार्टी क्या क्या करणा छन अर कारल तो क्या कारल ?
असल मा अचकाल हरेक विरोधी पार्टी टाइम पॉलिटिक्स खिलणि च । 
अब द्याखो ना आम आदमी पार्टी मा अचकाल कुछ काम नी च तो न्यूज मा रौणो बान एक नेता की हैंक नेता कुण लिखीं गोपनीय चिट्ठी तैं दीणा छन अर बताणा छन कि मीन कन अपण खासम ख़ास सहयोगी तैं नंगी कार।  आम आदमी पार्टी  अपण नंगई खुले आम दिखाणि च तो समझ ल्यावो कि टाइम पास पॉलिटिक्स का पासा फिंक्याणा छन।  अंतर्कलह तैं मीडिया समिण लाण टाइम पास करणो एक तरीका च। 
जनता दल (शायद अधिक सेक्युलर ) कर्नाटक बि टाइम पास करणी च।  कर्नाटक मा यूंक नेता पत्रकार सम्मलेन करणा छन अर बखणा छन कि यद्यपि हम तैं लोकसभा मा एकी सीट मील किन्तु हमर वोट शेयर बढ़ च।  जनता दल (शायद अधिक सेक्युलर ) का यु बखान टाइम पास करण मा क्षेत्रीय दल बि कम नि हूंदन कु एक उदाहरण च। 
तेलंगाना की टीआरएस  पार्टी तैं सोचणो टाइम इ नि मिलणु च कि लोकसभा मा एनडीए का विरोध करे जाव कि सहयोग करे जाव। 
सीमांध्रा का वाईएसआर कॉंग्रेस कु किरण रेड़ी अचेत हुयुं च अर अचित्यां मा बरडाणु च कि मि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी तैं मिलणो टैम मंगणु छौं पर नरेंद्र मोदी मिलणो टाइम नि दीणा छन।  चूँकि वाईएसआर कॉंग्रेस कु टैम खराब चलणु च त भौत सा नेता अपण टाइम बर्बाद नि करण चाणा छन अर टीडीपी याने चंद्रा बाबू का ड्वार पर नौबत बजाणा छन अर चंद्रा बाबू नायडू का बड़ा मंगणा (प्रशंसा गीत गाण ) छन। टाइम टाइम की बात च। 
बिहार मा तो अजीब स्थिति च टाइम पास करणो बान लालू यादवन जनता दल (शायद असली एकमात्र सेक्युलर ) सरकार तैं समर्थन दियुं च अर टाइम की जग्वाळ मा छन कि कब नीतीश कुमार को नामोनिशान मिटाये जाव। उन लालू यादवन टाइम पास करणो बान अपण पार्टीका लोगुं तैं बि बुलाई याने 'चुनाव माँ हार पर  आत्म चिंतन' की सेक्युलर बैठक बुलाई अर आत्म चिंतन का बाद पाई कि यदि नीतीश कुमार की पार्टी चुनाव मा भाग नि लेंदी तो सब सेक्युलर वोट यादव फेमिली पार्टी तैं मिलण वाळ छया। 
जनता दल (शायद असली एकमात्र सेक्युलर ) कु शरद यादव की समझ मा नि आणु च कि यदि नीतीश कुमार ऊं तैं राजयसभा मा नि भ्याजल तो वो बेकार मा भट्ट कनकै भूजल याने कनकै टाइम पास कारल ? 
नीतीश कुमार टाइम पास नि करणा छन वो बिहार  मुख्यमंत्री जतिन राम मांझी  कंधा मा बैठिक राज चलाणा छन।  माझी बि सुचणा छन कि बिन मांगे मुख्यमंत्री पद मिल ग्याई तो जथगा टाइम मिल्युं च वांको आनंद लिए जावु। 
उत्तर प्रदेश मा बहिन  मायावती टाइम करणों बान दलितुं पर बलात्कार की घटना स्थलुं टाइमली टूर करणो सुचणी च अर बहिन मायावती का लोगुं बुलण च बल जब बि बहिन मायवती जी तैं टाइम पास करणो क्वी काम नि मीलल तो वा बदायूं जन जगा पर टाइम पास करणो बान धरना पर अवश्य बैठलि। 
समाजवादी पार्टी का सबि कार्यकर्ता "  गर्ल रेप हंटिंग " का खेल से टाइम पास करण चाणा छन अर अखिलेश यादव टाइम पास करणो ध्येय से अधिकार्युं मॉस ट्रांसफर याने एकमुश्त तबादला का खेल मा व्यस्त ह्वे गेन। 
कॉंग्रेस मा परेशानी या च कि पिछ्ला दस सालों से सबि नेता सरकारी खर्च पर टाइम पास करदा छा अर अब यूँ नेताओं तैं बगैर सरकारी खर्चा का टाइम पास करण पोड़ल तो कैक बि समझ मा नि आणु च कि टाइम पास कनकै करे जाव।  पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद तो अपण कुत्ता बिल्लियों फ़ौज का दगड़ टाइम पास करी ल्याल पर ऊंकी चिंता या च कि अब कुत्ता -बिल्लियों फ़ौज का वास्ता सरकारी निवास नि मिलण। 
बहुत सा कॉंग्रेसी एमएलए टाइमली बात करण चाणा छा कि राहुल गांधी नेता ना जोकर अधिक दिखेंद किन्तु समय  नजाकत देखिक कॉंग्रेसन यूँ विधायकों तैं पार्टी से भैर करी दे। 
कॉंग्रेस का नेता जन कि शशि थरूरन टाइम पास करणो बान बयान दे दे कि नरेंद्र मोदीकी शैली प्रगतिवादी च तो टाइम पास करणो बान मणि शंकर अय्यरन थरूर तैं उज्जड़ बोलि दे अर यूँ दुयुंक बयानबाजी से कॉंग्रेसी नेता टाइम पास करणा छन। सबसे बड़ो टाइम पासु सुब्रमणियम स्वामिन बोलि दे कि थरूरन स्वार्थबस नरेंद्र मोदीक बड़ै कार तो पत्रकारुं बि टाइम पास ह्वे गे। 
उन कॉंग्रेस बि फुल्ल टाइम पास करणो बान केंद्रीय अर राज्य स्तर का गांधी परिवार का चमचा अधिकारीयों की जगा नया नया कद्दावर चमचा बिठाणो तयारी मा च। गांधी परिवार का चमचाऊं मा फेर बदल तैं कॉंग्रेस 'संगठन मा फेरबदल' का नाम दींदी। 
लाल कृष्ण आडवाणी , डा मुरली मनोहर जोशी आदि बुड्या नेता परेशान छन कि नरेंद्र मोदी ऊंक टाइम पास करणो बान क्वी राजकीय खिल्वणि किलै नि पकडाणु च। 
बीजेपी का गैर मंत्री सांसद परेशान छन कि नरेंद्र मोदी ऊँ तैं टाइम पास करणो बान पुस्तकालय मा किताब पढ़णो सलाह दीणो छन। सबि गैर मंत्री भाजपाई सांसदुं  मानण च कि किताब को ही जि शौक हूंद तो राजनीति माँ आंदा ?


Copyright@  Bhishma Kukreti  8/6/2014   
    

*कथा , स्थान व नाम काल्पनिक हैं।   

Garhwali Humor in Garhwali Language, Himalayan Satire in Garhwali Language , Uttarakhandi Wit in Garhwali Language , North Indian Spoof in Garhwali Language , Regional Language Lampoon in Garhwali Language , Ridicule in Garhwali Language  , Mockery in Garhwali Language, Send-up in Garhwali Language, Disdain in Garhwali Language,Hilarity in Garhwali Language, Cheerfulness in Garhwali Language
[गढ़वाली हास्य -व्यंग्य, सौज सौज मा मजाक  से, हौंस,चबोड़,चखन्यौ, सौज सौज मा गंभीर चर्चा ,छ्वीं;- जसपुर निवासी  द्वारा  जाती असहिष्णुता सम्बंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; ढांगू वालेद्वारा   पृथक वादी  मानसिकता सम्बन्धी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;गंगासलाण  वाले द्वारा   भ्रष्टाचार, अनाचार, अत्याचार पर गढ़वाली हास्य व्यंग्य; लैंसडाउन तहसील वाले द्वारा   धर्म सम्बन्धी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;पौड़ी गढ़वाल वाले द्वारा  वर्ग संघर्ष सम्बंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; उत्तराखंडी  द्वारा  पर्यावरण संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;मध्य हिमालयी लेखक द्वारा  विकास संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;उत्तरभारतीय लेखक द्वारा  पलायन सम्बंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; मुंबई प्रवासी लेखक द्वारा  सांस्कृतिक विषयों पर गढ़वाली हास्य व्यंग्य; महाराष्ट्रीय प्रवासी लेखकद्वारा  सरकारी प्रशासन संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; भारतीय लेखक द्वारा  राजनीति विषयक गढ़वाली हास्य व्यंग्य; सांस्कृतिक मुल्य ह्रास पर व्यंग्य , गरीबी समस्या पर व्यंग्य, आम आदमी की परेशानी विषय के व्यंग्य, जातीय  भेदभाव विषयक गढ़वाली हास्य व्यंग्य; एशियाई लेखक द्वारा सामाजिक  बिडम्बनाओं, पर्यावरण विषयों   पर  गढ़वाली हास्य व्यंग्य, राजनीति में परिवार वाद -वंशवाद   पर गढ़वाली हास्य व्यंग्य; ग्रामीण सिंचाई   विषयक  गढ़वाली हास्य व्यंग्य, विज्ञान की अवहेलना संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य  ; ढोंगी धर्म निरपरेक्ष राजनेताओं पर आक्षेप , व्यंग्य , अन्धविश्वास  पर चोट करते गढ़वाली हास्य व्यंग्य, राजनेताओं द्वारा अभद्र गाली पर हास्य -व्यंग्य    श्रृंखला जारी