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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, June 19, 2014

नरेंद्र मोदी अर मंहगाई की आपसम छ्वीं -बथ

घपरोळया , हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती      
                     
(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )

नरेंद्र मोदी (अफिक , मुस्करांद -मुस्करांद )- थोड़ा सा गुजरात मॉडल , थोड़ा सा विदेश नीति , थोड़ा सा कड़क प्रसासन अर यांमा मिलाये जाए अर फिर NGO पर लगाम, वांमा विरोध्युं कचुम्बर मिलाये जाए , फिर मिलाये जाए मंत्र्युं पर कसके  लगाम , वो अच्छे दिन हैं , वो ही अच्छे दिन हैं।  वाह रे नरेंद्र मोदी ! वेरी गुड सचमुच मां अच्छा दिन ऐ गेन ! 
अरे यी अच्छे दिन का मध्य  अंध्यर लेक कु आयि ?
मंहगाई - पहचान कौन ?
नरेंद्र मोदी -ज्वी बि छे , जरूर तू विरोधी दल या कै विदेशी फंडेड NGO की चाल छे। 
मंहगाई -मनमोहन सिंह तैं बि याइ गलतफहमी छे कि मि भाजपा अर विदेशी षड्यंत्र की देन छौं। 
नरेंद्र मोदी - क्या तू पाकिस्तानी करतूत छे ?
मंहगाई -पाकिस्तानी करतूत तो सीमा पर दिखेंदी।  इख पीएमओ मा पाकिस्तानी काळो  कुकर्मों क्या काम -काज ?
नरेंद्र मोदी -क्या तू दिल्ली मा बिजली संकट छे ?
मंहगाई -बजिली संकट का निवारण तो ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल करणु होलु। 
नरेंद्र मोदी -यां पर तू अदिखळ किलै छै?
मंहगाई -मि विरोधी दल का वास्ता अमूर्त मा मूर्त अर सरकारी राजनीतिक दल का वास्ता मूर्त मा अमूर्त छौं याने आज कॉंग्रेस , कम्युनिस्ट , TMC वाळ मि तैं देखि सकणा छन किन्तु भाजपा का नेताओं का आँख मै तैं नि देख सकदन। 
नरेंद्र मोदी -नरेंद्र मोदी आज कु सुपर मैन च वै तैं सब दिखेंद।  अवश्य ही तू कॉंग्रेस का भिज्युं क्वी भूत छे।
मंहगाई (अट्टाहास ) -हा हा ! राहुल गांधी बि इनि सुचद छौ कि मि भाजपा कु भिज्युं महारागस छौं। 
नरेंद्र मोदी -सूण ! त्यार खुट मा पड़दु तु बतै दि कि तू कु छे. कामक ह्वेल तो मि त्वै तैं कै प्रदेश कु राजयपाल तो बणाइ इ द्योलु।
मंहगाई (और जोर कु अट्टहास ) -मि मंहगाई छौं। 
नरेंद्र मोदी (अर्धचेतन अवस्था मा , जोर से चिल्लैक ) -ये नर्भागण , बिसैली नागण मि तेरी खोज मा छौ। 
मंहगाई (मुस्करांद ) -मीन ब्वाल नी च कि मि सरकारी दल का वास्ता मूर्त मा अमूर्त छौं।  इलै भाजपा का नेता खुज्याण पर बि मै तै नि देख सकदन।  
नरेंद्र मोदी -हाँ जब तलक चुनावुं रिजल्ट नि ऐ छा तब तलक त मि तैं तू हर समय दिख्यांदी छे किन्तु जनि मीन शपथ ले मि तैं लगद कि तू ईं दुनिया मा छैंइ नि छे। 
मंहगाई -पर तू तो मेरी खोज मा इ छे कि ना ?
नरेंद्र मोदी -हाँ उ मीडिया मा रोज आणु च कि मंहगाई बढ़णि च , अखबार अपण पैलो पन्ना काळु करणा छन कि मैंगै कु बज्जर पड़ी गे।
मंहगाई -तो ?
नरेंद्र मोदी -यां ते से गुजारिस च कि झट तू तौळ आ । पता च मीन प्रोमिस करि छौ कि अच्छे दिन आने वाले हैं।
मंहगाई -ठीक च तू डीजल , पेट्रोल की कीमत कम कर दे मि बढ़ण बंद करी देलु। 
नरेंद्र मोदी -मजाक , मसकरी बगत नी च।  डीजल -पेट्रोल की कीमत भैर देस वाळ निश्चित करदन।  अर फिर सि ईराक मा गृह युद्ध छिड़ गे तो पेट्रोल -डीजल का दाम असमान पौंचि गेन।
मंहगाई -तो डीजल -पेट्रोल पर सबसिडी दे दी। 
नरेंद्र मोदी -द लगा बल सुंगरुँ दगड़ मांगळ ! पेट्रोल अर डीजल मा सबसिडी दीणो कुण पैसा इ नि बच्यां छन।
मंहगाई -कनो ?
नरेंद्र मोदी -सि अपण चंद्रा बाबून अरबों रुपयों सब्सिडी दे आल , जयललितान मेरी आस मा भौत सा सबसिडी दे आलिन।  इनि हौर राज्य सरकार सबसिडी दींद नि अघाणा छन अर फिर भौत सा केंद्रीय सबसिडी अबि हमन दीणन।  इनमा पेट्रोल -डीजल पर सबसिडी बढ़ौल तो भारत बीच बजार मा ऐ जाल। 
मंहगाई -तो किसानुं तैं फसल मूल्य कम कर दे। 
नरेंद्र मोदी (रुणफती ह्वेक )  -क्या बकबास करणी छे।  मि त किसानु फसल मूल्य वृद्धि की योजना लेकि बैठ्युं छौं।
मंहगाई -तो सैकड़ों उद्योगपति जु सरकारी बैंको पैसा लोन का नाम पर हजम करिक बैठ्याँ छन ऊंसे  खरबो रुप्या मील जाल।  सुणण मा आई कि उद्योगपति एक लाख करोड़ से अधिक रुपया लोन का नाम पर खै गेन। 
नरेंद्र मोदी -ह्यां पर  यदि हम यूँ उद्योगपतियों पर कानूनी कार्यवाही करदा तो सैकड़ों साल लग जाल अर फिर उद्यम बढ़ाणो बान यूँ उद्यमियुं तैं खुस रखण बि जरूरी च।
मंहगाई -तो कुछ टैक्स कम करि दे। 
नरेंद्र मोदी -उनि बि फिस्कल डेफिसिट इथगा जादा च कि अब विश्व का बैंकर्स हम तैं लोन दीण से डरणा  छन। अब टैक्स कम करण मतबल आर्थिक स्थिति को सत्यानास !
मंहगाई -तो सरकारी गोदामुँक अनाज बांटी दे।  त्वी बि त अपण चुनावी भाषणु मा बुल्दु  छौ कि गोदामुँ मा अनाज सड़नु च किन्तु यूपीए सरकार अनाज बांटणी नी च। 
नरेंद्र मोदी -ह्यां मि त अनाज राज्यों कुण अबि भिजणो तयार छौं पर राज्य उठाणो तयार नि छन।
मंहगाई -किलै ?
नरेंद्र मोदी -राज्यों पास इथगा स्टोरिंग कैपेसिटी नी च कि वो एडिश्नल अनाज मंगै साकन।  फिर काण्ड लगीं छन।
मंहगाई -क्या ?
नरेंद्र मोदी -राज्य अनाज मँगाई बि ल्याल तो हमर माल गाडी इथगा माल इथगा जल्दी नि पौंछे सकदन। 
मंहगाई -तो सटोरिया अर जमाखोरों पर लगाम कसो। 
नरेंद्र मोदी -यु  काम तो राज्य सरकारों कु च अर राज्य सरकार का राजनीतिज्ञों तैं यी सटोरिया अर जमाखोर चंदा दींदन तो यूँ जमाखोरों पर हम क्वी कड़ी करवाई नि कर सकदां।
मंहगाई -तो अब क्या मन्शा च ?
नरेंद्र मोदी -कुछ ना ! बस रोज हमारा मंत्री टीवी मा बयान द्याला कि मंहगाई को रोकने के लिए कड़े से कड़े कदम उठाये जा रहे हैं।
मंहगाई -अर अफु तू क्या करिलि ?
नरेंद्र मोदी -मी इंद्र देव की पूजा करलु कि ये साल अच्छो खासा मानसून दे दे प्रभु।




Copyright@  Bhishma Kukreti  18/6/2014   
    

*कथा , स्थान व नाम काल्पनिक हैं। 


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