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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, June 12, 2014

रूडी /गरमी मौसमो खबर सार

 घपरोळया , हंसोड्या , चुनगेर ,चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती      

(s =आधी अ  = अ , क , का , की ,  आदि )
अब आप गरमी मौसमौ ख़ास ख़ास खबर उधार लियुं खबरी से सूणो -
गढ़वाल का गांवुं मा गर्मी से त क्वी नि मोर पर रिजर्ववाइरों मा पाणि कमि से नळको पर पाणी कम आण से अधिकतर गांवुं मा जौंक सग्वड़ छन अर जौंमा सग्वड़ नी च मा रोज कहा सुनी  हूणी च।  जौंमा सग्वड़ नी च वो सग्वड़ वाळु अलु प्याज से चिरड़ेक रात नळ तुड़ण पर लग्यां छन। 
जख तलक ग्रामीण गढ़वाल कु सवाल च   गाउँ मा दिन मा बिजली उपलब्ध च अर स्याम चार बजे से सुबेर चार बजे तक बिजली गुल रौंद।  मुख्यमंत्री हरीश रावत कु बुलण च कि अच्छा दिन लाणो  जुमेवारी भाजपा की च कॉंग्रेस की नी च। 
कोटद्वार देहरादून मा बिजली उपलब्ध नि हूण से हथपंखौं की मांग बढ़ी गे अर ब्लैक मा चीनी हथ पंखा बिकणा छन।  उत्तराखंड का पब्लिक डिस्ट्रीब्युसन सिस्टम मंत्री प्रीतम सिंह जीन आश्वासन दे कि अगला गर्म्युं मा अवश्य ही चीनी हथ पंखा हरेक राशनक दुकान्यूं मा उपलब्ध ह्वे जाल। 
डिजास्टर याने आपदा मंत्री  यशपाल आर्य बि गर्मी से परेशान छन अर बरसाती आपदा की प्रतीक्षा मा आतुर छन।  यशपाल आर्य तैं पूरा भरोषा च कि ये साल की आपदा मा बि आपदा प्रबंधन थर्ड क्लास ही राल अर यांसे हरीश रावत की कुर्सी जाली ही तो आर्य जीक नंबर आणो पूरा अवसर छन। 
NGO मक्खी बचाओ संस्थान भोळ देहरादून घंटाघर पर धरना दीण वाळ च कि मक्खियों तैं हिंसात्मक तरीका से नि मारे जाव। 
गंगा बचाओ NGO कु अच्काल अरुणाचल मा अड्डा जमायुं च तो गढ़वाल मा शान्ति च। 
चूँकि ये साल चार धाम यात्रा सीजन ठंडो च त गढ़वाल चार धाम का पंडा सपरिवार भारत का अन्य धामुँ यात्रा पर जयां छन। 
गूमखाळम काफ़ळु डिमांड च किन्तु काफळ गाडण वाळु कमी हूण से आवक कम च तो काफ़ळ मंहगा बिकणा छन। 
बियर  मांग भौत बढ़ी गे किंतु कंटरी दारु अर खीरा दारु की मांग कम नि ह्वे। प्रवास्युं दिव्ता पूजै वास्ता घौर आण से फॉरेन लिकर ही ना कंटरी लिकर  का दाम दुगण ह्वे गे किन्तु भलो या च कि मांग कम नि ह्वे। 
कोटद्वार -ऋषिकेश का लाला खुश छन कि प्रवास्युं घरबौड़ाई से राशन की खपत बढ़ गे। 
गाँव वाळ बि खुस छन कि पप्रवास्युं आण से लिकर सप्लाई बढ़ गे।




Copyright@  Bhishma Kukreti  12/6/2014   
    

*कथा , स्थान व नाम काल्पनिक हैं।   

Garhwali Humor in Garhwali Language, Himalayan Satire in Garhwali Language , Uttarakhandi Wit in Garhwali Language , North Indian Spoof in Garhwali Language , Regional Language Lampoon in Garhwali Language , Ridicule in Garhwali Language  , Mockery in Garhwali Language, Send-up in Garhwali Language, Disdain in Garhwali Language,Hilarity in Garhwali Language, Cheerfulness in Garhwali Language
[गढ़वाली हास्य -व्यंग्य, सौज सौज मा मजाक  से, हौंस,चबोड़,चखन्यौ, सौज सौज मा गंभीर चर्चा ,छ्वीं;- जसपुर निवासी  द्वारा  जाती असहिष्णुता सम्बंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; ढांगू वालेद्वारा   पृथक वादी  मानसिकता सम्बन्धी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;गंगासलाण  वाले द्वारा   भ्रष्टाचार, अनाचार, अत्याचार पर गढ़वाली हास्य व्यंग्य; लैंसडाउन तहसील वाले द्वारा   धर्म सम्बन्धी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;पौड़ी गढ़वाल वाले द्वारा  वर्ग संघर्ष सम्बंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; उत्तराखंडी  द्वारा  पर्यावरण संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;मध्य हिमालयी लेखक द्वारा  विकास संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य;उत्तरभारतीय लेखक द्वारा  पलायन सम्बंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; मुंबई प्रवासी लेखक द्वारा  सांस्कृतिक विषयों पर गढ़वाली हास्य व्यंग्य; महाराष्ट्रीय प्रवासी लेखकद्वारा  सरकारी प्रशासन संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य; भारतीय लेखक द्वारा  राजनीति विषयक गढ़वाली हास्य व्यंग्य; सांस्कृतिक मुल्य ह्रास पर व्यंग्य , गरीबी समस्या पर व्यंग्य, आम आदमी की परेशानी विषय के व्यंग्य, जातीय  भेदभाव विषयक गढ़वाली हास्य व्यंग्य; एशियाई लेखक द्वारा सामाजिक  बिडम्बनाओं, पर्यावरण विषयों   पर  गढ़वाली हास्य व्यंग्य, राजनीति में परिवार वाद -वंशवाद   पर गढ़वाली हास्य व्यंग्य; ग्रामीण सिंचाई   विषयक  गढ़वाली हास्य व्यंग्य, विज्ञान की अवहेलना संबंधी गढ़वाली हास्य व्यंग्य  ; ढोंगी धर्म निरपरेक्ष राजनेताओं पर आक्षेप , व्यंग्य , अन्धविश्वास  पर चोट करते गढ़वाली हास्य व्यंग्य, राजनेताओं द्वारा अभद्र गाली पर हास्य -व्यंग्य    श्रृंखला जारी