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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, June 22, 2010

रूटळणा अर क्वटलणा (Rutlana and Kvatlana : Garhwali Biscuits )

Kumoni Cuisines, Uttarakhand Cuisines, Garhwali Cuisines, Himalayan cuisines
रूटळणा अर क्वटलणा (Rutlana and Kvatlana : Garhwali Biscuits )
Bhishma Kukreti
जब आटो तैं दूध, गुड़ अर घी मा ओले जावू , द्वी चार घंटों तक उनी धरे जावू अर फिर छ्वटि छ्वटि गुन्द्की तैं उब्ल्दा तेल मा पकये जावू त वीं चीज तै रूटळणा या क्वटळणा बुल्दन ,. असल मा या चीज गढवाळी बिस्किट छन .
ग्युं क आटो से बणयाँ बिस्किट तैं रुटळणा अर ओगळ (कोटो ) आटो से बणयाँ बिस्किटु तै क्वटळणा बुल्दन . यी बिस्किट एकाद मैना तक खराब नि होंदन
मुंबई मा रौण वळी श्रीमती जसोदा देवी कुकरेती (खमण गाँव ) बथांदन बल कबि गंगा सलाण गढवाळ मा इन कुछ बणदो छौ . दूध , घी, अर मिठु मिलैक द्वी चार घण्टा उल्युं आटो तैं छोड़े जान्द ; अर फिर वै उल्युं आटो की छवटि छवटि गुन्द्की से छ्वटा छवटा ढगळी बि बणदा छ्या जू दरदरो होंदन
Curtsey : Smt Jasoda Kukreti, Jogeshwari, Mumbai
Curtsey : Dr Nand Kishor Dhoundiyal kotdwara Garhwal, UK
Copyright @ Bhishma Kukreti, Mumbai, Indian, 2010