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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, June 22, 2010

चुसण - चबाण वाळइ वनस्पति

Cuisines of Garhwal, Cuisines of Kumaun, Dishes of Uttarakhand
चुसण - चबाण वाळइ वनस्पति
Bhishma Kukre
कत्ति दें भूक तीस मिटाणो बान या आनंद क बान कें वनस्पति तैं चुसण पोडद या चबाण पोड़द
१- कोदो क डंकुल़ी (Stem) : कोदो ड़ण्कूल़ी मिट्ठी अर सवादी होंद . कोदो डाण्कूल़ी चबाण/चुसण से भूक अर तीस द्वी खत्म होंदन
२- अलम्वड़ : अलम्वड़ क डंकुल़ी खट्टी होंद अर रसदार हुन्द त आतुर्दी मा अल्म्वड चबाई क भूक जरा सि खत्म ह्व़े जांद
३- तूंग क पत्ता : तूंग क पत्ता चबाण मा निस्वादी अर टरटरु होंद ट भौत तीस लगीं होऊ त तूंग क पत्ता चबाई क कुछ देर क बान तीस खत्म करे जांद
४- बुरांश क फूल : बुरांश क फूल तैं चुसे जांद जू मिट्ठू होंद . अर बुरांश फूल को तौळओ भाग तैं चबाई बि जांद जू जरा टरटरू सि होंद
५-बसिंगू क फूल : बसिंगो फूल चुसण मा मिट्ठो हुन्द अर आनन्द दायक हुन्द , भूक तीस द्वी खत्म हुन्द त मजा बि आन्द

Copyright @ Bhishma Kukreti, Mumbai, India, 2010