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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Wednesday, June 2, 2010

कुछ भुज्जी जो अब गढ़वाल मा नि बणदन या भौत ही कम बणदन

Garhwali Cuisines, Garhwali Recipies, Garhwali Vyanjan, गढ़वाली व्यंजन
कुछ भुज्जी जो अब गढ़वाल मा नि बणदन या भौत ही कम बणदन
भीष्म कुकरेती
गढ़वाल कुमाओं हिमाचल प्रदेश मा अकाळ जरुर पड़दो छौ पण भुखमरी नि होंदी छे किलैकी बौण (जंगळ )
होण से खाणक मिली जान्दो छौ . कुछ भुजी इन छे जू भुखमरी को टैम पर जादा खाए जान्द छे
जन कि:
ग्वीराळ का फूलों का टूसा (Buds without petals) , तिमला का पतों का टूसा
यूँ टूसों तैं काटिक हरी भुजी जन बणये जान्द . कभी कभी टूसों तैं मुग्राड़ी (मकई को आटा ) दगड़ मिलैक झोळ बि बणये जान्द छौ

Copyright Bhishma Kukreti, Mumbai, bckukreti@gmail.com, India 2010