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Monday, December 1, 2014

मुझे भी इनकार है क्योंकि U यू टर्न की बहार है !

Best  Harmless Garhwali Humor  , Satire, Wit, Sarcasm on Opportunistic U Turn :   


                              मुझे  भी इनकार है क्योंकि U यू टर्न की बहार है ! 
                                  कट-कटकार , ककड्यट्या , चुलखचुर्या   : भीष्म कुकरेती 

  
मि ( फोन पर )- ये परधानी काकी क्या बुलणि छे ? त्वे से ये आसा नि छे ?
परधानी काकी - मी बि लाचार छौं। 
मि - ह्यां पर तीन तीन मैना पैलि  बोलि  छौ , विश्वास  दिलै छौ , लौड़ -गौड़ु सौं बि घौट छौ। 
परधानी काकी - हाँ तो क्या ह्वे ! लोकसभा का चुनाव मा तक सबि लौड़ -गौड़ु सौगंध खांदन।  मीन बि परधानौ चुनाव मा सौं खै दे तो कौन से पहाड़ हिल गे। 
मि -काकी ! पहा .... 
परधानी काकी - देख भीषम ! यदि तू में से म्यार स्वास्थ्य का बारा मा  बात करणी छे तो ठीक , बाल बच्चों की छ्वीं लगाणि छे तो ठीक च , किन्तु यदि तू अपण राशन कार्डौ प्रार्थना पर बात करणु छे तो मेकुण परधानी काकी जी बोल !
मि -पर काकी चुनावो टैम पर तो तीन बोल छौ कि हे भीषम मि तेरी दुसर ब्वै छौं तो अब ?
परधानी काकी - तब मि एक प्रत्यासी छौ , तब मै तैं तेरी जरूरत छे अब मि जितीं परधानी छौं। 
मि -हाँ पर चुनाव जितणो बाद रिस्ता नाता खतम थुडा ह्वे जांदन ?
परधानी काकी -बाघ घ्वीड़ -काखड़ु से दोस्ती करण मिसे जाल तो भूखन नि मर जाल ?
मि -मतबल चुनाव से पैल मि त्यार भतिजु, त्यार लौड़ समान अर चुनाव बाद मि घ्वीड़ अर तू बाग़ ?
परधानी काकी -ना ना ! तू मच्छी अर मि मगरमच्छ !
मि -ह्यां पर काकी ! सॉरी ! परधानी काकी जी चुनाव से पैल तीन बोलि छौ कि म्यार काम पुरो कौरि  देलि 
परधानी काकी -मि तैं बि अब पता चौल कि चुनावौ बगत पर बहुत कुछ बुले जांद पर चुनाव जितणो बाद भौत कुछ क्या सबि वादा बिसरे ना सब बचन बिसरण लैक  हि हूंदन।
मि -ह्यां पण काकी ! क्षमा परधानी काकी जी म्यार राशन कार्ड बणाण क्वी बड़ो वादा नी च। 
परधानी काकी -बड़ो वादा नी च पर त्यार राशन कार्ड बणाण कानूनन गलत च।  एक आदिमक राशन कार्ड मुंबई मा बि अर गाँव मा बि नि ह्वे सकद।
मि -पर यदि म्यार कार्ड गाँव मा ह्वे बि जाल तो त्वे तैं क्या परेशानी च ?
परधानी काकी -पैल नि छे पर अब च।
मि -अब क्या परेशानी च ?
परधानी काकी -देख अगला पंचैती चुनाव मा मि ग्राम प्रधानो चुनाव मा अपण ब्वारी तैं खड़ करण चाणु छौं।
मि -अपण ब्वारी तैं खड़ कर या जंवै तैं खड़ कर म्यार बुबाको क्या जाणु च ? मि तैं त गांवक राशन कार्ड चयेणु च। 
परधानी काकी -मि तैं डौर च कि त्यार राशन कार्ड बण गे तो तीन अगला चुनाव मा या तो अफु खड़ ह्वे जाण या अपण घरवळि तैं परधानी चुनाव मा खड़ करि दीण।
मि -ओहो काकी ! मि रौंद मुंबई अर चुनाव लड़णो मि गाँव थुडा  ऐ सकुद ?
परधानी काकी -अबै दैं मि तैं चुनाव जिताणो बान ठेठ बम्बई से इख गौं ऐ अर अपण परपंचुं से तीन मि तैं चुनाव जितै बि दे तो तू अपण परपंचुं से चुनाव हरै बि सकद। मीन त्यार राशन कार्ड ये जमन मा त नि बणाण। 
मि -काकी यु तो वादाखिलाफी च। 
परधानी काकी -वादाखिलाफी ना!  भविष्य की रक्षा को मंत्र च।
मि -मतलब तीन म्यार राशन कार्ड नि बणाण ?
परधानी काकी -नहीं , बिलकुल ना , कत्तै ना।
मि -एक बात बतादी कि तू इथगा बड़ो U टर्न किलै लीणी छे ?
परधानी काकी -अपण भविष्य की राजनीति की रक्षा का खातिर मि इथगा बड़ो U टर्न लीणु छौं।
मि -पर क्या यु U टर्न सही च ?
परधानी काकी -अरे जब रेल एफडीआई , इन्सुअरेंस एफडीआई आदि पर कॉंग्रेस U टर्न ले सकद , धारा 370 पर भाजपा 180 डिग्री को U टर्न ले सकद तो क्या मि ग्राम प्रधानी U टर्न नि ले सकदु ? अचकाल U टर्न को जमाना च, U टर्न को फैसन च , वादाखिलाफी युग च तो मि बि U टर्न ले ल्योलु तो कौन सा गुनाह  ह्वे जाल  ?

Copyright Bhishma Kukreti 1/12 /2014   

   *लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।


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