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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Monday, April 9, 2012

तबौ खबरूं मजा अर आजौ खबरूं बस्याण ( हौंस -इ-हौंस मा )

हौंस -इ-हौंस मा
               तबौ खबरूं मजा अर आजौ खबरूं बस्याण
 
                      चबोड्या- भीष्म कुकरेती
 
अहा जब मी पढ़दो थौ त खबरूं /समाचारूं मजा इ कुछ हौर होंद था. आज ताजी खबर बि बासी तिबासी लगदी .
अर वै बगतौ सात दिन पैलाकी खबर गरमा गरम , ताजी लगदी छै. तब रेडिओ बीस गौं मा एक मौ क इख होंद थौ अर रेडियु तबी बजदो थौ
जब वीं मौक मुखिया को ट्रकौ बैटरी क इंतजाम कर्युं ह्वाओ.
ट्रांजिस्टर तैबरी तलक फैशन मा नि ऐ थौ.
तब रयुमर(Rumar) बि अछेकी खबर लगदि छे.. अब खबरूं अर्थ इ होंद बस रयुमर (Rumar).
सरा अडगैञ /क्षेत्र मा हमारि स्कोल इ खबरूं सोत थौ. इकी दिल्ली क एक अंग्रेजी अर एक हिंदी अखबार आन्द था. बकै जादातर
गां या त राष्ट्रीय खबरूं तै बेकार कि खबर माणदा छया या कर्मभूमि या सत्यपथ पर इ भर्वस करदा था. आज ट खबर ताज़ी होंदी नीन
टी.वी. वळा , नेट वळा सेकंड सेकंड कि खबर या र्यूमर देणा रौंदन.
हमर सिलोगी स्कुल मा पांच छै दिन पैलाक क अखबार तकरीबन बारा या एक बजी आन्द थौ .पोस्ट मास्टर जीक पढ़णो हिसाब से
इ अखबार आन्द थौ. पोस्ट मास्टर जी जथगा जल्दी अखबार बांची दीन्दा छया अखबार बि उथगा जल्दी स्कुल तक पौंछदो थौ. जैदिन
पोस्ट मास्टर जी कें जीमण मा या अपण हौळ लगाणौ जयां ह्वावन त वैदीन स्कुल तैं अपणो अखबार नि मिल्दो छौ.पोस्ट मास्टर जी सकूलौ
मैनेजमेंट कमेटी उपाध्यक्ष बि छया अर खलबळो जंग्या पैरिक मीटिंग मा आंदा छया.
                  हमर प्रिंसिपल   अनुशासन का मामला मा बड़ा कडक छया. पण खबरूं मामला बिचारा मुलैम छया. असल मा ऊंक पढाई लिखाई
लखनौ मा ह्व़े. त खबर पढ़णो biमारी दगड़ मा लैन अर या बीमारी मास्टरूं पर बि सौरी गे. प्रिंसिपल साब जनि अखबार आंदो थौ अपणी
अंग्रेजी क्लास छोडि चली जांदा छया अर पढंदेरूं तैं गाँ मा घटीं ख़ास खबरु से अंग्रेजी मा नया वाक्य लिखणो दे जांदा छया.
पढंदेर बि खबरूं तै पसंद करदा छया त अंग्रेजी मा लिखणा कोशिश करदा छया बल ," आज बि कैरा काका क काळी दुधाळ कलोड़न दूध नि दे त कैरा
काका न क्रोध मा काकी तै कलोड़ क कुटांसीन कसिक बाँध अर कंडाळि झुप्पान खूब झपोड़ी दे. कनी कौरिक काकी न कुटांसी
त्वाड अर अपण काकिम कुटद्वर भाजी गे. " अब चूँकि खबर असली होंद छे अर मूल सोच गढवाळी मा होंद छौ त क्वी बि छ्वारा अंगरेजी मा सै अनुबाद नि कौर सकदा छया.
अब ठीक ह्व़े गे अब पढंदेरूं मूल सोच या त हिंदी मा होंद या अंग्रेजी मा त अब अनुबाद करण सरल ह्व़े गे. हमर टैम पर मूल सोच गढवाळी मा होंद छे
त हम तैं गढवाळी मा सुच्यां वाक्युं अंगरेजी क्या हिंदी मा अनुवाद करण बि कठण होंद छौ.
                   अब रिवाज छौ कि खबर पढणो बान मास्टर लोग एकैक कौरिक प्रिंसिपलौ कमरा मा जांदा छया . प्रिंसिपलौ कमरा इ औफ़िस छौ अर पुस्तकालय बि छौ.
चपड़सी क्लासौ द्वार पर आंख्युं आख्युं से सैन कौरिक मास्टर जी कुण अखबार पढणो प्रिंसिपल साबौ न्यूत दे जान्दो छौ .
भूगोल टीचर अखबार पढ़णो जांद दै 'पेरू क ग्रास लैंड' पर लिखणो हुकुम दीन्दो छौ त छटी क्लासौ स्कुल्या हिंदी मा लेखी देंदी छा,' पेरू क घासौ डांडु मा उळिण्ड
डड्यळ त हुंद इ च दगड मा तिमुल , तुसारू , गीन्ठी, सकिनु, बि होंद." अब जु हमन द्याख ओ इ भूगोल मा लिखण छौ. अर जब मास्टर जी खबर पौढीक आंदा
छा त सब्यूँ खबर डंडा से लीन्दा छा किलैकि पेरू क घासौ डांडु मा तिमुल , तुसारू , गीन्ठी, सकिनु होंदी नि छौ. डंडा की खबर से इ हम तै खबर होंदी छे कि
पेरू क घासौ मैदान कुछ हौरी किस्मौ होन्दन.
                   इतिहासु मास्टर जी बि खबर पढ़णो जांद दै बोली जांद छया जन कि ,' आज राणा सांगा अर बाबर कि लड़ाई पर लेख लिखो."
अब हम त छै मा छया त पांच तलक इतिहास क्वी खास नि होंद थौ त हमन वी लिखण छौ जो हमन देखी छौ . हमन द्वी भायुं बंटवरो मा लड़ाई दिखीं छे, कै आदिमक अर वैकी घरवळि
लडै या बल्दुं लडै दिखीं छे त हमन पैलि वै हिसाबन इ भारतौ इतिहास लेखी दे
बीरू न अपण ब्व़े बुबाक झगड़ा दिख्युं छौ त लेखी दे ," बाबरन राणा सांगा क नथुल खैंची त राणा सांगा न बाबरक नकडंडी बुकै दे, बाबरन राणा सांगा क बाळ उपाड़ीन अर मुरखल खैंचद दें
बाबरक हथुं मा राणा सांगा क कंदुड़ो पिन्ना इ ऐ गे. राणा सांगा न बाबरक द्वी जंघड़ो बीच मुंडन ढसाक मारी दे त बाबर तै दस दिन तलक अन्ध्यर भितर ग्वड़े ह्व़े."
मीन खाडू लडै जन हुंद तनि बाबरक अर राणा संगाक लडै बारा मा लेखी दे कि कन बाबर राणा सांगाक मुंड भिड़णा रैन.
वै दिन मास्टर जीन सब्युंक तै चुनगी दे .
                पैथारां हम किताब से नकल करण सीखि गेवां .
                   फिर हम धीरी धीरे अनुभवी छात्रों से सीखिक ये समौ मा गौं मा हुंयाँ नौली नौली घटनाओं बारा मा विश्लेषण करण बि सीखि गेवां.
                  पढंदेरूं कुणि अखबार पढ़णो बगत इंटरवल मा छौ पण वै बगत पर पढंदेर चा-पकोड़ी खाणो बजार भाजी जांदा छया अर केवल वो इ अखबार पढ़दा छया
जौं मा चा -पकोड़ी क पैसा नी होंदा छया.
copyright@ Bhishma Kukreti