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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Monday, March 30, 2015

आज रैबार आलु क्या ? (उन्नादेसी नाटक )

(   स्वांग प्रशिक्षण लेख श्रृंखला , उन्नादेसी नाटकुं विश्लेषण ) 
              प्रस्तुति - भीष्म कुकरेती 
चरित्र -
बीरू -बेन 
जय -गस 
गूंगो -बहरू वेटर 
[एक बेसमेंट मा द्वी बेड कु रूम।  एक द्वार रुस्वड़ अर बाथरूम का तरफ।  हैंक द्वार मुख्य पैसेज का तरफ खुलद ]
[बीरू बैं बेड मा पड़्यूं च। अखबार पड़नु च , जय बैं पलंग मा बैठ्युं च , जुतक तश्मा मुस्किल से ठीक करणु च।  द्वी जीन्स अर जीनकी शर्ट मा छन। दुयुंक  दिखेंदि। 
[चुप्पी ]
[जय तस्मा बंधद, खड़ हूंद , जम्हाई लींद , बैं तरफक द्वार तरफ धीरे धीरे बढ़द।  रुकद च , तौळ   दिखद , अर खुट हिलांद।
[बीरू अखबार तौळ करद अर जय तै दिखद। जय अपण तस्मा खुलद अर जुत उतारद। जय भितर दिखद अर माचिस गांडद। माचिसडब्बा हिलांद अर मुंड हिलांद। दुयुंक आँख मिल्दन। बीरू अखबार खड़खड़ांद अर पड़ण लग जांद। जय जुत पैरद अर बड़ी मुस्किल से तस्मा बंधद । जय द्वारक तरफ जांद। माचिस खीसाउंद धरद। तौळ झुकुद अर जुट पैरद। तस्मा बंधद।  बैं तरफ जैक चल जांद। 
[बीरू  अखबार पलंग मा फेंकदु अर वैक जीना दिखुद। अखबार उठांद अर कमर का बल अखबार पढ़ण लग जांद। ]
[चुप्पी ]
[द्वी दैं लेवटरी चेन खैंचणो  आवाज आंद पर फ्लस हूणै आवाज नि आंद ]
[जय प्रवेश करद।  दरवज पर खड़ु हूंद। मुंड कन्यान्द ]
[बीरू अखबार तौळ पलंग मा फेंकदु। 
बीरू [अख्बार उठान्द ] यांक क्या च ? जय !सूण !
(पेपर से मतबल )
एक अस्सी सालौ बुड्या रस्ता क्रॉस करणु छौ। पर पता च भौत ट्रैफिक छौ। वै तै नि दिख्याइ कि बीच बीच मा छीर छीरिक कनै पार करण। अर वु एक खड़ ट्रकक तौळ छिरक  गे। 
जय-वु क्या च बीरू ?
बीरू -वु  ट्रकक तौळ छिरक गे। खड़ु ट्रक । 
जय-नही ?
बीरू -ट्रक स्टार्ट ह्वे वै तै घसीटिक ली गे। 
जय- बुल्द  जा भै !
बीरू -अरे इखमा यू इ छ्प्युं च। 
जय-हूँ 
बीरू -त्वोकुण उल्टी करणो काम मिल गे। है ना / 
जय-अरे पर कैन ब्वाल वैकुण कि इन कौर ?
बीरू -एक अस्सी सालक बुड्या ट्रकक तौळ छिरक !
जय-विश्वास नि हूंद।
बीरू -अरे इख्मा साफ साफ़  अक्षरों मा लिख्युं च। 
जय-अजीब !
[चुप्पी। जय मुंड हिलांद अर भैर जांद।  बीरू फिर कमर का बल लेट जांद अर अखबार पढ़न मा मसगूल ह्वे जांद। भितर चेन खिंचंणै आवाज आदि पर फ्लश की आवाज नि आदि। ] 
बीरू [ अखबार की न्यूज से सीटी बजांद ]
[जयक  दुबर प्रवेश ]
जय-मि कुछ पुछण वाळ छौ।
बीरू -तू उख क्या करणु छे ?
जय-बस , मि -
बीरू -चायक  क्या च ?
जय-बस बणान्दु इ छौं। 
बीरू -ठीक , जा अर बणा। 
जय - हाँ बणौल  [कुर्सी मा ध्यान से बैठद, सुंदर क्रॉकरी धरद ] धारीदार कप प्लेट। सफ़ेद धारी च।
बीरू (पढ़णु रौंद )
भौत सुंदर च।  बोल सक्यांद     .... 
[बीरू पेज पलटदु ]
कुछ कुछ गोळ कप , तू त  जाणदि इ छे । गोळ किनारा। बाकी सब काळु छन खाली दैं तरफ बीच  मा । प्लेट बि काळी छन खाली जखम कप धरे जांद वु सफेद च। 
बीरू [पढ्नु च ]
देख , प्लेट बि ऊनि छन। अर जू बीच मा प्लेट छन वुं पर काळी धारी च। मि तै प्लेट भौत पसंद छन। 
बीरू [पढ़द -पढ़द ]-प्लेट क्यांकुण चयेंद ? जब तीन खाणक खाणु इ नी च। 
जय-म्यार बिस्कुट लयाँ छन।
बीरू -हूँ , त जल्दी खै ले। 
जय-मि हमेशा बिस्कुट या कुछ हौर अवश्य लांदु। त्वे तै पता च कुछ बिस्कुट आदि बगैर मि चाय नि पींदु।
बीरू -त जा चाय बणा।  फिर समय हूणु च ।
जय [ सिगरेटक पैकेट दिखुद, पैकेट खाली च] - सिगरेट च ? मेरी खतम ह्वे गेन धौं !
[वु पैकेट हवा मा चुलांदु , फिर झुकिक पकड़द ]
मि तै नि लगद अबै दैं काम लंबु होलु। 
[असावधानी से खाली पैकेट बेड तौळ चुलांदु ]
हाँ ! मि पुछण वाळ छौ। 
बीरू[अखबार फिंकद ] -क्वा क्वा !
जय-क्या च वु  ?
बीरू -एक आठ सालक बच्चान बिल्ली मार दे। 
जय-हूँ।  बुलणा  रौंदन।
बीरू -सही घटना च। 
जय-वैन कनकैक मार ?
बीरू -वु वैन नि छौ वा वीन छे। 
जय-वीन कनकैक मार ?
बीरू -वींन  -
[पेपर उठैक  दिखुद ]
इखमा नि लिख्युं च। 
जय-किलै नी च ?
बीरू -एक मिनट। लिख्युं च कि वींक ग्यारा सालक भाइन यीं घटना तैं स्टोर रूम से द्याख। 
जय-फिर।
बीरू -बेतुकी बात। 
[विराम ]
जय-मि शर्त लगै सकुद , वैन मारि होली।
बीरू -कु ?
जय-भाइन।
बीरू -म्यार विचार से तू सै बुलणु छे। 
[विराम ]
[जोर से पेपर फिंकुद ]
साल क्या च ? एक अग्यारा सालक नौनु बिल्ली मारदु अर अभयोग अपण आठ बरसैकि भुलि पर लगै दींद। भौत ह्वे गे -
[गुस्सा मा अर अखबार मुड़ुद ] [ जय उठद ] 
जय-वैन कति बजि सम्पर्क करण ?
बीरू [पढ़द ]
वैन कति बजि सम्पर्क करण ?
बीरू -क्या ह्वे गे ते ? कबि बि सम्पर्क ह्वे सकुद।  कबि बि।   
जय [ बेड का पास जांद ]-हूँ।  मि कुछ पुछण वाळ छौ।
बीरू -क्या ?
जय-तीन बि ध्यान दे कि टैंक भरण मा समय लगणु च ?
बीरू -कु टैंक ?
जय-लैवाटरी  मा।  
बीरू -ना , अच्छा ?
जय-भौत ही।
बीरू -तो ?
जय-त्यार हिसाब से क्या कारण ह्वाल ?
बीरू -कुछना।  
जय-कुछना ?
बीरू -बालकॉक खराब ह्वे गे होलु। 
जय-क्या खराब ह्वे ?
बीरू -बालकॉक। 
जय-हैं ? सच्ची ?
बीरू -मि त यी बोल सकुद। 
जय-बुल्द जा।  मी पर फरक नि पड़द। 
[जय घुमुद। बेड जपकांद अर गद्दा दबांद ]
आज अच्छी निंद नि आयि। त्वे तैं ऐ च ? पलंग आरामदायक नी च। कम्बुळ बि बस बुन्नो मातर च, एक हैंक हूण चयेंद । [वु दीवाल पर एक पिक्चर दिखुद ] हैं ? यी क्या च ? [ध्यान से दिखुद ] 'प्रथम ग्यारह क्रिकेटर्स ' । बीरू !. तीन देख च ?
बीरू ]पढ़द ] -क्या ?
जय-'प्रथम ग्यारह क्रिकेटर्स '
बीरू -क्या 
जय-प्रथम ग्यारहों की फोटो च।
बीरू -क्यांक प्रथम ग्यारा ?
जय [फोटोक अध्ययन करद ]-इखमा इतगी लिख्युं च।
बीरू -जय ! चायक क्या ह्वे /
जय-कुछ पुराणी लगणी च। 
[जय इना ऊना घुमद।  भैर दिखणो ऐक्टिंग करद ]
मि त कबि नि रौं इन अँध्यरि जगा मा। एक खिड़की हूंदी तो भैर दिखदा। अर फिर पता चलद कि भैर बिटेन इक कन दिखेंद।  
बीरू -खिड़की क्यांकुण चयेंद ?
जय-अरे कुछ तो दिखे जाव। आराम से समय कट जांद। 
तु  इख तब आंद जब अंध्यर इ रौंद। तू ये कमरा मा आदि जै तै तीन कबी नि देख छौ। तू मतलब हम दिन भर सियां रौंदा, अपर काम करदां अर फिर एक रात , रात इ मा कखि हौर जगा चल जांदवां। 
[विराम ]
अरे जरा भैरक रौनक सानक द्याखो ! पर ये काम मा रौनक सौनक दिखणो इ नि मील। 
बीरू -छुट्टी त मिल्दी छन कि ना ?
जय-बस पंदरा दिनुं कुण।
बीरू [अख़बार तौळ करद ] -क्या बात करदु तू हाँ। क्वी सूणल त ब्वालाल कि हम रोज रात दिन खटेणा रौंदा। काम कथगा रौंद।  बस हफ्ता मा एकाद दिन बस? क्यांक रुणु छे तू ?
जय-हाँ , पर हर समय खट खट की जग्वाळ मा रौण पड़द। हम ये घर से भैर नि जै सकदा कि क्वी रैबार ऐ जावो तो ?
बीरू -पता च , तेरी परेशानी क्या च ?
जय-क्या ?
बीरू -तेरी क्वी रूचि मतलब हॉबी नी च। 
जय-रूचि छैं च। 
बीरू -म्यार इ ले देख लेदि। पता च ना ?
जय-क्या ?
बीरू -मि लकड़ी काम मा व्यस्त रौंद।  मि लकड़ीक नाव बणै सकुद।  मि कबि खाली नि रौंद।  हर समय व्यस्त।  मि जाणदु छौं समय कनु सदुपयोग करण। तबि त जब बि रैबार याने कामक आदेश रौंद मि हमेशा तरोताजा तयार रौंद। 
जय-त्वै तै कबि ऊब नि हूंदी ?
[चुप्पी ] 
[बीरू पढ़णु रौंद। जय अपण पॉकेट जपकांदु ]
तीम सिगरेट च ? मेरी खतम ह्वे गेन । 
[फ्लश हूंद ]
[जय बेड मा बैठद ]
ना , म्यार मतबल च। क्रॉकरी सुंदर च। भौत सुंदर। पर मि यीं जगा बारा मा बोल सकुद च कि पैल वाळ से खराब च। याद च ना यांसे पैल जख हम रौंद छा ? कुछ त छौ उख एक टेलीफोन। ना , नि बोल जाण ? ईमानदारी से बोलुं ? अजकाल उ हमर सुविधाक ख्याल नी रखणु च। 
बीरू -चट्टर पट्टर  बंद करणो क्या लेली ?
जय-इन जगा पर ज्यादा रैगे ना , त गठिया हूणों डौर रौंद।
बीरू -हमन इख ज्यादा दिन नि रौण।  चाय कु क्या ह्वे ? बस एक मिनट मा हम काम पर लग जौंला। 
[जय अपण बेडक साइड से एक छुटु बैग उठांद अर चाय क बैग [टी बैग्स ) निकाळदु। ठीक से दिखुद अर मथि दिखुद। 
जय - मि पुछण वाळ छौ कि -  
बीरू -अब क्या भंगुल जाम ?
जय-तीन आज सुबेर बीच रस्ता माकार किलै रोकि  ?
बीरू[अखबार तौळ करद ] -मीन स्वाच तु सियीं छे। 
जय-हाँ।सियुं छौ।  जनि तीन रोक मि बिजि ग्यों। तीन रोकि , है ना ?
[विराम ]
बीच रस्ता मा।  अबि बि अंध्यर छौ। याद च ना ?   मीन भैर द्याख।  धुप अंध्यरु छौ। मीन समज तू उंगणि होलि पर तू सीधो बैठ्युं छौ जन बुल्यां कैक प्रतीक्षा करणि होलि । 
बीरू -मि कैक जग्वाळ नि करणु छौ। 
जय-मीन त फिर से इ जाण छौ। उ क्या रै होलु ? किलै रोकि ?
बीरू [अखबार उठैक ] -हम जल्दी ऐ गे छया। 
जय-जल्दी ?[उठद ] क्या मतलब ? हम तै कॉल मील छे कि हम तै तुरंत रवाना हूण चयेंद। हम रवाना हुवाँ। हम बिलकुल सै जगा पर पौंछि  गे छा। फिर हम जल्दी किलै छया ?
बीरू [धीरे से ] -कॉल कैन ले छौ ? मीन कि तीन ?
जय-तीन।
बीरू -हम जल्दी छया। 
जय-जल्दी क्यांक ?
[विराम ]
मतलब कै तै हमर भितर जाण से पैल भैर आण छौ ?
[वु बेडशीट्स पर नजर मारद ]
मि तै लगणु च बेडशीट्स साफ़ नि लगणा छन। मि तै गंद आणी च। जब मि सुबेर औं त भौत थक्युं छौ। त ध्यान नि दे। मि तै बेडशीट शेयर करण पसंद नी च। मतलब हमेशा साफ़ बेडशीट रौंद छा पर आज सुबेर , मतलब , आज। 
बीरू -तू  कनकै बुल्दि कि बेडशीट साफ़ नि छे ? तू सरा दिन ऊं मा सियुं छौ। 
जय-मतलब ?
बीरू -तू  कनकै बुल्दि कि बेडशीट साफ़ नि छे ? तू सरा दिन ऊं मा सियुं छौ।है ना ?
जय-मतलब मेरी दुर्गन्ध ? [बेड मा बैठद ] . ह्वे सकद च मेरी गंध ही हो। पर इन बताण कठिन च कि मेरी गंद क्वा च अर -
बीरू -क्वआ 
जय-बोल बीरू।
बीरू -क्वआ 
जय-बीरू।
बीरू -क्या ?
जय-हम कै शहर मा छंवां ? मि बिसरि इ ग्यों।
बीरू -ब्वाल च ना । बरीमिंघम।  
जय-चल ठीक च। 
[कमरा ठीक से दिखुद ]
यु मध्य  मा च। ब्रिटेन का दुसर बड़ो शहर। मीन कबि अंदाज नि लगै छौ। 
भोळ शनिबार च ना ?
बीरू -तो ?
जय- फुटबॉल  प्रीमियर लीग का मजा ल्योला।
बीरू -हम टैम नी च। हम तै काम खतम करिक सीधा जाण। 
जय-अरे पैल बि भौत दे तहरीफ़ का वास्ता एकाद दिन ज्यादा ठहर छंवां कि ना ? आराम अर तरोताजा हूणों बान ?
बीरू -स्यूडुल  टाइट च।  ऊंन स्युडुल  टाइट कर्युं च। 
[जय खिचखिच करिक हंसद ]
जय-मीन एक दैं यूनाइटेड बि टाइ मैच मा हार छौ। पता च विरोधी टीम क्वा छे ?   हाफ टाइम तक बराबर छया। मि कबि नि बिसुरल  तै मैच तै। पेनाल्टी से भाग बदल। पर विवादिस्ट पेनाल्टी कॉर्नर। तू बि त छौ उख।
बीरू -मि नि छौ। 
जय-हाँ तू छौ। याद नी च वु विवादिस्ट पेनाल्टी?
बीरू -ना। 
जय-रेफरीन बि नि द्याख कि खिलाड़िक खुट पर लग छौ कि लद्वड़ पर अर नकली नाटक छौ कि क्या छौ लात की बात छे । रेफरी बि अचकाल।
बीरू -रेफरी की गलती नी च। 
जय-आज बि यूनाइटेड इख होलु। यूनाइटेड, यूनाइटेड उन मैच नि खिल्दी जन रेफरीन सोच।
बीरू -बंद कर यी छ्वीं। 
[विराम ]
जय-वा  बिर्मिंघम मा जरूर ह्वेलि।
बीरू -क्वा जरूर ह्वेलि?
जय-यूनाइटेड।
बीरू -वा भैर खिलणी छे। 
जय-पता च दूसर टीम क्वा छे ? द स्पर्स ।  टाउटेनहैम  हॉटस्पर।
बीरू -क्या  यांक संबंध ?
जय-हमन कबि टाउटेनहैम मा काम नि कार।
बीरू -तीते कनकै पता च ?
जय-निथर मि तै टाउटेनहैम त याद हूंद।
बीरू -मि तै नि हंसा। 
जय-अच्छा उ कब संपर्क करण वाळ च ?
बीरू -वु भैर खिलणा छन। 
जय-कु ?
बीरू -द स्पर्स 
जय- त वु खिलणा होला /
बीरू -मूर्खतापूर्ण बत्त। 
जय-यदि स्पर्स इख नी च तो यूनाइटेड होली।
बीरू ९अख्बार पर नजर )-पर यूनाइटेड तो भैर खिलणि च। 
[विराम ]
[एक लिफाफा दरवज से भितर खिसकाए जांद। जय खड़ु रौंद अर लिफाफा तै घुरणु रौंद । ]
जय-बीरू 
बीरू -अरे उ भैर छन खिलणा।  
जय-बीरू तौळ देख।
बीरू -क्या ?
जय-देख।
बीरू [ नजर र घुमैक लिफाफु  दिखद। खड़ु हूंद। ] क्या च ?
जय-पता नी च।
बीरू -कखन आयि ?
जय-दरवज़  तौळ।
बीरू -क्या च इख्मा ?
जय-पता नी। 
[द्वी घुरदन ]
बीरू -खोल। 
[धीरे धीरे जय जांद अर झुकिक उठांद ]
क्या च ?
जय-लिफाफा। 
बीरू -भितर  कुछ च ?
जय-ना।
बीरू -मुहरबंद  च ?
जय-हाँ।
बीरू -खोल। 
जय-क्या ?
बीरू -ये तै खोल। 
जय[ लिफाफा खुल्दु अर भितर दिखुद ]
क्या च भितर ?
]जय लिफाफा खालि करिक  दिखांद - माचिस की १२ तिल्ली   छे। ]
जय -माचिस की तिल्ली  । 
बीरू -माचिस ?
जय-हाँ ?
बीरू -दिखा !
[जय लिफाफा बीरू तै दींदु।  बीरू ध्यान से दिखुद ]
खाली।  एक बि शब्द नी लिख्युं च। 
जय-अजीब च।  है ना ?
बीरू -दरवज से आयि ना ?
जय-हाँ उखि बिटेन ऐ होलु।
बीरू -ठीक च।  जा। 
जय-कख जा ?
बीरू -द्वार खोल अर यदि क्वी छ तो वै तैं पकड़। 
जय-मी ?
बीरू - हाँ। 
[जय बीरू तै घुरद।  माचिस पॉकेट मा डाळद। बेडम जांद , सिरवणि तौळन  रिवाल्वर निकाळदु ,    द्वार खुलुद , इना ऊना दिखुद। द्वार बंद करद। ]
जय - क्वी नी च। 
बीरू -क्या द्याख ?
जय-कुछ ना।
बीरू -तेजी से ऐ ह्वाल अर तेजी से -
[जय माचिस भैर निकाळद।]
जय - काम आल।   
बीरू -हाँ। 
जय-हैं ना ?
बीरू -तीमा इ हर समय कमी पड़नी च। 
जय-हर  समय।
बीरू -तयार काम आल। 
जय-हाँ।
बीरू - है न ?
जय-हाँ मि उन्तै जळै सकुद। त यूं तै बि। 
बीरू -क्या सकुद ?
जय-हाँ।
बीरू -किलै ?
जय-हम म एक बि नी च।
बीरू -माचिसक बान तू इ भीक मंगदि। कथगा छन ?
जय-करीब बारा तक।
बीरू -तौं तै हरचै ना । 
[जय माचिस तैं कंदुड़म खचकचांदु  ]
तौं तै बर्बाद नि करी । जा आग लगा । 
जय-हूँ ?
बीरू - जा आग लगा ।
जय-क्या  जळा? 
बीरू -कितली पर आग लगा। 
जय-मतलब गैस.
बीरू -कैक मतलब ?
जय-त्यार।
बीरू -कैन ब्वाल म्यार मतलब गैस च?
जय-त्यार मतलब गैस नी च ?
बीरू -अरे यांक मतलब -
जय-हाँ पर कितलि पर आग कनै लग सकद ?
बीरू -अलंकार च।  कितलि पर आग लगा अलंकार च। 
जय-मीन नि सूण।
बीरू -आम कहावत जन अलंकार च।  
जय-मि तै लगणु च कुछ गलत बुलणु छे।
बीरू -क्या मतलब ?
जय-कैपणी बोल च 'कितली चढ़ीं च ' ।
बीरू -कु बुल्दु ?
[एक दुसर तै हांफिक दिखदन ]
मीन कैमाँगन कबि नि सूण कि कितली चढ़ा। 
जय-मीन अपण मामन सूण छौ।
बीरू -अपण मा तै मिल्यां कथगा साल ह्वे गेन धौं ?
जय-पता नि -
बीरू -फिर ब्वेक बात क्या करणु छे ?
जय-मि वाहियात बात नि बुलणु छौं। मि ध्यान दिलाणो कोशिस करणु छौं।
बीरू -सीनियर पार्टनर को च ?
जय-तू ?
बीरू -मि त्यार  ख़याल रखुद। त्वे तै दगुड़ निभाण आण चयेंद। 
जय-हाँ , पर मीन कबि नि सूण
बीरू -क्वी बि गैस जळाणो बान प्रकाश नि हिलांद। 
जय-प्रकाश ?
बीरू [जयक गौळ पकड़िक ] -कितली , मूर्ख। 
जय-ठीक च , ठीक च। 
[विराम ]
बीरू -अच्छा, अच्छा ।  पर तू दिखण चांदि ?
जय-मि दिखण चांदु कि उ जळद बि छन कि ना ?
बीरू -क्या ?
जय-माचिस ?
[ वु माचिस तिल्युं से अपण माचिसक डब्बा से जळाणो कोशिस करद ]
ना , नी। 
[माचिसक बक्सा बेड तौळ चुलै दींद ]
[बीरू घुरणु रौंद ]
[जय अपण खुट अळग उठांद ]
मि ये से जळाणो कोशिस करूँ ?
[वु तिल्ली बूटक तौळ पर रगड़दु, तिल्ली जळ जांद ]
    देख ली या च। 
बीरू [हताशा ] -कितलि चढ़ा। 
[बीरू अपण बेडक तरफ जांद अर फिर पता चलद कि क्या बोलि ग्यायि , वु अदा मुड़दु। एक दुसर तै दिखदन। जय बैं द्वार से भैर जांद। बीरू अखबार पलंग मा पटकद।  वैमा बैठ जांद। मुंड पर हाथ लगीं छन। ]
जय [प्रवेश ]-जाण वळ च।
बीरू -क्या ?
जय-स्टोव। 
[पलंग मा बैठद ]
आज कु ह्वालु ?
[चुप्पी ]
मीन एक सवाल पुछण छौ। 
बीरू [ अपण खुट पलंग मा धरद ] -चुप रै भै।  
जय-नै नै ,मीन एक सवाल पुछण छौ।
[उठद अर बीरुक पलंग मा बैठ जांद ]
बीरू -तू म्यार पलंग मा किलै ? आखिर क्या बात च तू हमेशा सवाल इ करणु रौंद।  क्या बात च ?
जय-कुछ ना।
बीरू -तू इथगा सवाल कबि नि करद छौ ? बात क्या च ?
जय-अजीब लगणु च।
बीरू -चुप रौ। तीम एक काम च।  वैतै कर अर बस। 
जय-वी त अजीब लगणु च।
बीरू -क्या ?
जय- काम।
बीरू -क्या काम ?
जय [चिरड़ेक] -मीन समज त्वै तैं पता होलु। 
[बीरू वै तै दिखुद ]
मि तै लग तू जाणदि छे ? म्यार मतलब ? त्वै तै कुछ अंथाज ? मतलब आज कैक ? 
बीरू -अरे क्या कैक ?
[एक दुसर तै दिखदन ]
जय [लम्बी  भौण ]-आज कैक ?
बीरू -तबियत खराब च ?
जय-ठीक च।
बीरू -जा अर चाय बणा। 
जय-हाँ , जरूर। 
[जय भैर जांद।  बीरू तकिया तौळ रिवाल्वर चेक करद , गोळी चेक करद ] [ जय प्रवेश करद ]
गैस खतम। 
बीरू -किलै ?
जय-बिल नि भर।
बीरू -मीम पैसा नीन। 
जय-मीम बि ना।
बीरू -प्रतीक्षा कर। 
जय-कैकि ?
बीरू -रघु की। 
जय-वैन नि आण।  हाँ रैबार ऐ सकुद च। वु हमेशा नि आंद।
बीरू -वैक बगैर बि काम करण पोड़ल। है न ?
जय-बिलमि।
बीरू -वैक बाद चाय पी ले। बात क्या च ?
जय-वां से पैल चयेंद। 
[बीरू उज्यळ मा रिवॉल्वर चेक करणु रौंद ] 
बीरू -खैर तयार रौ। 
जय-हूँ।  पर जरा म्यार पैसों बारा मा बि त। तू जाणदि इ छे। 
[वु बेड से चाय बैग  उठांद अर पैकेट मा डाळि  दींद ]
वु जब आल तो वैमा पैसा तो ह्वाल। हूणि चयेंदन। वैक जा च तो वै तै दिखण चयेणु छौ कि एक कप चायक लैक गैस तो हो। 
बीरू -वैक जगाक मतलब क्या च ?
जय-वैकि नी च ?
बीरू -ह्वै सकद च वैन किराया पर लियीं हो। वैक जगा नि लगदी। 
जय-नै नै।  वैकि जगा च। पूरु  घर वैकि च। गैस बि नि लै सकुद। 
[पलंग मा बैठद ]
जरूर वैक जगा च। जरा और जगा जादी।  अर ईख ! पता छौ अर दगड़म चाबी। टीपॉट च , एक बि आदिम दिखे च ? [विराम ] क्वी आवाज ना। कबि स्वाच च ? कबि हम तै क्वी शिकायत बि ह्वे कि अनावश्यक हल्ला -गुल्ला ? त्वै तै क्वी मील बि च ? बस एक आदिम छोड़िक ? कबि ध्यान दे च ? मि तै लगद कि दीवाल बि साउंड प्रूफ छन। [अपण बेडक अळगक दिवाल चेक करद ] पता नि चलणु च।  बस जग्वाळ कारो बस। अदा समय त दिख्यांद इ नी च। मतलब रघु।   
बीरू -किलै आण वैन ? व्यस्त आदिम च। 
जय-वैक दगड़ बात करण बड़ो मुस्किल च। बीरू , पता च ना ?
बीरू -चुप रौ भै। 
जय-बहुत सी बात पुछण छे वैसे , पर पता नि किलै धौं। 
[विराम ]
मि ज्वा आखिरी मा दिखे छे वींक बारा मा सुचणु छौं। 
बीरू -कु ?
जय-अरे वा लड़की।
[बीरू अखबार पकड़द। ]
ततीन  कथगा दै तै अखबार बाँच?
[बीरू गुस्सा मा अखबार फिंकुद अर उठद ]
बीरू -क्या मतलब ?
जय-मि सुचणु छौ कथगा दैं तू -
बीरू -तू क्या करणी ,छे  मेरी काट ?
जय-ना , मि त -
बीरू -कान पर थप्पड़ खाण हाँ यदि -!
जय-इना देख।
बीरू -मीन नि दिखणाइ। अरे कथगा दै। 
जय-म्यार मतलब यु नि छौ।
बीरू -बस त्यार त !
[बीरू पलंग मा बैठद ]
जय-मि बस वीं लड़कीक बारामा सुचणु छौ। 
[जय पलंग मा बैठद ]
वा दिखण मा कुछ ख़ास नि छे। पर फिर बि फोकट का झंझट ह्वे गे। इन टंटा -झंझट कबि नि ह्वे। इन लगद , उ मरद -जनान्युं का दगड नि चांदन। वींन  नि फैलाई ? मि त्वै तै पुछणु छौं। 
अच्छा जब हम चल जौंला तो साफ़ सफै कु करद ? ह्वे सकद च सफाइ हूंदी नि होलि। अर यदि यी कबि साफ़ इ नि कारल तो ? 
बीरू -बेवकूफ।  हमी थुड़ा छंवां कम्पनी मा?  भौत सा विभाग छन। 
जय-सफाई वाळ आदि ?
बीरू -भोंदु !
जय-अरे न वीं छोरिक विषय मा सोचिक -
[बेडूं बीचक दिवालम कड़कड़ की आवाज आंद। अपर अपर रिवाल्वर निकाळदन। मथि बिटेन  एक फ़ूड सर्विंग ट्रॉली आंदी ।  पुल्ली से बॉक्स  बन्ध्युं च। जय बॉक्स पुटुक दिखुद। कागज गाडद। 
बीरू -क्या च ?
जय-त्वी देख लेदि।
बीरू -पौढ़। 
जय-  द्वी तंदूरी मटन, चिप्स ।, साबूदाना क मिठै। दो चाय बिना शककर की।
बीरू -मि तै दिखण दे। (पेपर लींद )
जय[अफिक ]-दो चाय बिना शक्कर  की।
बीरू -ऊँ 
जय-यांक क्या मतलब होलु ?
बीरू -हूँ -
[बॉक्स मथि चल जांद ] 
[बीरू रिवॉल्वर धरद ]
जय- अवसर भलु च।  यी जल्दी माँ छन। है ना ?
[बीरू दुबर पढ़द।  जय कंधा उचकांद ]
मजाक ऊजाक !
बीरू -नै नै मजाक ऊजाक नी  च। मथि होटल रै होलु।  जगौं मालिक बि जल्दी जल्दी बदलेण्या रौंदन । 
जय-मथि होटल ?
बीरू -हाँ। 
जय-मतलब होटलक किचन इख छौ?
बीरू -हाँ।  फटाफट मालिक बदलेणा रौंदन। अर जब बेचिक जांदन तो ऊंंक आदिम ध्यान नि दींदन। 
जय-मतलब जु इख पैल छया ऊंन ध्यान नि दे अर छोड़िक चल गेन ?
बीरू -अवश्य। 
जय-तो अब क्वा च /
बीरू -मतलब अब क्वा च ?
जय-यदि उ गेन त क्वी त ऐ होला ?
बीरू -हूँ , यु निर्भर करद कि -
[बड़ो बॉक्स आवाज का साथ धप से भीम आंद।  बीरूक  रिवाल्वर पर हाथ जांद। ]
[जय जांद अर बॉक्स से पेपर निकाळदु। ]  
जय [पेपर पढ़दु ]- सूप , फबस अर प्याज अर पेस्ट्री। 
[बीरू  लींद अर पढ़द ]
[बीरू उन चेक करद जना बिटेन बॉक्स ऐ , पैथर पैथर जय बि च।  बीरू रिवाल्वर बिस्तर मा धर दींदु ]
बीरू - हम तै बि मथि कुछ भिजण चयेंद। 
जय-हूँ ?
बीरू -हम तै बि मथि कुछ भिजण चयेंद।
जय-हाँ , हाँ , सैत , तू सही बुलणु छे। 
[द्वी अब शांत सि छन। ]
बीरू -जल्दी कौर वै बैग मा क्या च ?
जय-ख़ास कुछ ना। 
[जय दुंळ का पास जांद अर आवाज दींदु ]
बीरू -ना ना।  तन नि कौर। 
[जय अपर बक्सा चेक करद ]
जय-बिस्कुट , चॉकलेट बार , दूध थोड़ा सा।
बीरू -बस ?
जय-चाय क पैकेट 
बीरू -बढ़िया। 
जय-हम चाय नि भेज सकदा।  बस इथगा इ बचीं च।
बीरू -गैस बि नी च बगैर गैसक कुछ बि ना।  कर सकद क्या ?
जय-ह्वे सकद च यी गरम पाणी इ  भेज द्याला ।
बीरू -और क्या च ?
जय-इस्केल केक।
बीरू -केक ?
जय- एक।
बीरू - तीन कबि नि बताइ कि केक -
जय-नि बताई ?
बीरू -एक इ किलै ? मेकुण किलै ना ?
जय-मीन समज तू क्या खैली।
बीरू -खैर ! केक मथि नि भिजे सक्यांद। 
जय-किलै ना ?
बीरू -सब तै प्लेट मा धौर। 
[जय द्वार तक जांद , रुकिक ]
जय-मतलब , केक मि धौर सकुद?
बीरू -धौर सकुद ?
जय-ऊँ तै थुडा पता कि हमम केक च।  पता होलु ?
बीरू -या बात नी च। 
जय-मि नि रख  सकुद क्या ?
बीरू -नही।  तू नि रख सकिद। प्लेट ला। 
[जय भैर जांद।  बीरू बक्सा चेक करद। बीरू तै एक नमकीनौ पैकेट  मिलद। ]
[जय भितर आंद ]
इ कखन ऐन ?
जय -क्या ?
बीरू -इ कखन ऐन ?
जय-तीन कखन खुजेन ?
बीरू [कंधा पर धौल मारद ]  -तू गंदा खेल खेल रहे हो। 
जय-मि बियरक दगड़ इ खांद।
बीरू -अर बियर कखन आदि ?
जय-मि थुड़ा थुड़ा बचाणु रौं।
बीरू -ठीक च याद रखुल । सब चीज तै प्लेट मा धौर। 
[ वु प्लेट मा सब चीज धरदन।  बक्सा बगैर प्लेटक मथिन चल जांद ]
रुक , एक मिनट!
[खड़ी रौंदन ]
जय-मथिन चलि गे।
बीरू -यु सब तेरी गलती से ह्वे।  बड़ो खेल खिलण वळ बणद। 
जय-अब क्या करे जाव ?
बीरू -अब जब तक तौळ नि आंद  प्रतीक्षा। 
[बीरू प्लेट बिस्तर मा धरुद। रिवॉल्वरक होल्स्टर कंधा पर धरद। टाइ पैरण शुरू करद ]
त्वी बि तयार ह्वे जा। 
[ जय रिवॉल्वरक होल्स्टर पैरद।  टाइ पैरद। 
जय - बीरू यु क्या हूणु ?च 
बीरू -क्या मतबल ?
जय- इख कैफे कनै ह्वे सकद ?
बीरू -होटल कैफे छौ इख। 
जय-पर गैस स्टोव पर तीन  इ रिंग छन।
बीरू -तो ?
जय-तीन रिंग वळ स्टोवमा इथगा लोगुं बाण खाणा नि बण सकद।
बीरू -तबि सर्विस धीमी च। 
[फत्वी पैरद ]
जय-हाँ , पर जब हम नि होला तो क्या हूंद होलु ? मीनू तौळ आणु च पर कुछ बि मथि नी जाणु च।  सालों से इनि चलणु होलु। 
[बीरू कोट पर ब्रश करद ]
यी कुछ जादा नि कर सकदन। 
[बक्सा तौळ आंद।  जय ऊख दुंळ जना  जांद। एक कागज लांद। 
जय [पढ़द ]- मैक्रोनी पास्तित्सिो , ओमिता मैक्रोण्डा।  
बीरू -क्या च ?
जय-मैक्रोनी पास्तित्सिो , ओमिता मैक्रोण्डा। 
बीरू -यूनानी डिश च। 
जय-नही।
बीरू -सही च। 
जय-हाइ क्लास डिश च।
बीरू -जल्दी कौर। 
[जय बक्सा पुटुक प्लेट धरद ]
जय [दुंळ जिना आवाज ]-तीन मैक्वीटे , एक लायंस रेड लेवल , स्मिथ क्रिप्स , एक एक्सेल केक , फल अर मूंगफली।
बीरू -कैडबरी। 
जय [आवाज ]-कैडबरी
बीरू  [बोतल दींद ]-दूध की बोतल। 
जय[आवाज दींद ]- दूधक बोतल। एक्सप्रेस , [बोतल बक्सा पुटुक धरद ]
[बक्सा मथि जांद ]
ह्वे गे। 
बीरू -इन जोर से नि चिल्लाण छौ। 
जय-किलै ना ?
बीरू -अबि नि ह्वे। [बिस्तर माँ जांद ]
खैर ठीक इ रालु। एबरी इ सै। 
जय-अच्छा ?
बीरू -तू बि तयार हो।कबि बि ऐ सकद। 
[ जय फत्वी पैरद। बीरू बिस्तर मा लेटिक मथि छत देखुद ] 
जय-या जगा च।  जख चाय बि ना , बिस्कुट बि ना।
बीरू -यार जादा खाण से   आदिम अळगसि ह्वे जांद।  अपण काम मा टालबराइ नि चलदी। धीमी गति नि चलदी। 
जय-मि ? अर टालबराइ ? धीमा ?
बीरू -तीन अपर रिवॉल्वर चेक बि  कार ? गन बि गंदी च।  कबि चमकै त कर लिया कौर। 
[जय गन साफ़ करद।  बीरू पॉकेट ऐना गडद अर टाइ चेक करद। 
जय-रसोइया कख होलु ? शायद ऊंमा हौर गैस स्टोव होला। शयद किचन हैंक बि ह्वाल ?
बीरू -अवश्य ! निथर , मैक्रोनी पास्तित्सिो , ओमिता मैक्रोण्डा की बात नि हूंदी। हूंदी ?
जय-न , क्या ?
बीरू -मैक्रोनी पास्तित्सिो , ओमिता मैक्रोण्डा। जरा दिमाग लगायो कर। 
जय-हूँ रसोईया होला ?
[रिवाल्वर होल्स्टर  गडद । ]

[जैकेट पैरूद ]
वु सम्पर्क किलै नी करणु च? मि तै लगणु च पता नि कथगा साल ह्वे गेन धौं। [ गोळी  चेक करणो बान रिवाल्वर चेक करद ] हमन वै तै नीचा दिखणो मौक़ा कबि नि दे। हम विश्वसनीय छंवां। है ना ?
[जय रिवॉल्वर होलस्टर  पुटुक धरद ]
जथगा जल्दी यी जगा छुड़ला तथगा अच्छु । 
[अपर जैकेट साफ़ करद। ]
मि तै अधकपळी हुईं च 
[बक्सा आंद, बीरू कुदद ]
[जय नोट पकड़दु ]
जय नोट पढ़द -बोम्बो शूट , वाटरचेसनट , ऐंड चिकन। एक चार सिउ , बीनस्प्राउट।  
बीरू -बीनस्प्राउट
जय-हाँ।
बीरू -हैं , ये ब्वे !
जय-मि तै नी पता कि क्या करण। 
[बक्सा अंदर फिर से दिख्दु।  चायक पैकेट उठांद ]
ऊंन चाय वापस भेजी दे। 
बीरू -क्यांक बान वापस भेजी ह्वालु ?
जय-शायद चाय पीणो समय नि हो। 
[चुप्पी ] 
बीरू [चेक पैकेट बिस्तर मा फेंकिक ] -देख , हम ऊंमा बोलि दींदा। 
जय-क्या बोली दींदा ?
बीरू -कि हम नि कर सकदा।  हमम नी  च।  
जय-बहुत बढ़िया।
बीरू -पेन्सिल ल।  पेन्सिलन लेख दींदा। 
जय [अचानक जय तै स्पीकर अर सुणणो ट्यूब दिखेंद , दुंळ का बगल वळ दिवाल पर ]जय-क्या च यु ?
बीरू -क्या ?
जय-यु।
बीरू [मुययना करद]-यु ? स्पीकिंग ट्यूब। 
जय-हैं।  कथगा दिनों से रै होली  ?
बीरू -हूँ।  हम बेकार मा चिल्लाणा  छया। ये मा  बुलण छौ। 
जय-मीन कबि नि देखि।
बीरू -अब त। 
जय-अब क्या करण ?
बीरू -देख  ? स्या सीटी च। 
जय [खैंचद ]- अब क्या करण ?
बीरू -फूंक मार  अर क्या। 
जय-फूंक  ?
बीरू -तू इक फूक मारिल त ऊख सीटी बजली।  उ समिज जाल कि तुम बात करण चांदां। फूंक मार। 
[जय फूंक मारद ]
 [चुप्पी ]
[जय ट्यूब तै मुख पर लींदु ]-
जय- कुछ नी सुण्यानु च। 
बीरू -मीम दी। 
[ट्यूब लींदु अर मुख पुटुक लिजांद ]
आप तै तकलीफ दीणै वास्ता मुआफ़ी। बताण क्या च कि इख कुछ नी बच्युं च। हमन सब मथिन दि याल। इख कुछ बि खाणक नी बच्युं च। 
[ट्यूब तै कान का पास लांद ]
क्या ?
मुख पुटुक- क्या ?
कान का पास सुणुद -
 मुख पुटुक-ना , हमन सब भेजी आल।
कान का पास सुणुद -
ट्यूब ट्यूब मुख पुटुक-सॉरी
कान का पास सुणुद - जय से -
केक बासी छौ।
कान का पास सुणुद, जय से -
चॉकलेट पिघळ गे छौ। 
सुणद - जय से -
दूध खट्टो ह्वे गे छौ 
जय -बिस्कुट  ?
बीरू [सुणद ]- फफूंदी लग गे छे 
ट्यूब मुख पर लेकि - क्षमा सबका वास्ता। 
ट्यूब कान पर -क्या ?
ट्यूब मुख पर -क्या /
ट्यूब कान पर -हाँ हाँ। 
ट्यूब मुख पर -हाँ अवश्य , अवश्य , ठीक 
ट्यूब कान पर -[आवाज बंद ह्वे जांद।  वु ट्यूब रखद ]
बीरू [उत्तेजित ] -तीन सूण च ?
जय-क्या ?
बीरू -पता च क्या ब्वाल ?  कितली  ऑन कारो। कितली धौर नि ब्वाल।  गैस ऑन करणो नि ब्वाल बल्कि कितली औन करणो ब्वाल। 
जय-हम कितली औन कनकै कर सकदवां ?
बीरू -क्या मतबल ?
जय-गैस नी च।
बीरू (कपाळ हथ ] - अब क्या करे जाव ?
जय-कितली औन क्यांक बान करण ?
बीरू -चाय।  वै तै एक कप चाय चयेणी च। 
जय-वै तै एक कप चाय चयेणी च ! अर म्यार क्या ? रात भर मि चायक बान मरणु छौ।
बीरू -अब क्या करण ?
जय-अब हमन क्या पीण ?
[बीरू बेड मा बैठद ]
हमर क्या ?
मि तिसा बि छौं। भूखु बि छौं। अर वै तै चाय चयेणी च। 
[बीरू अपण मुंड छाती तलक लिजाँद ]
जय-मि त थ्वड़ा भौत सहन बि कर ल्योलु। पर त्यार क्या ह्वाल ? इन लगणु च तू कुछ कर सकद ?
[जय अपर बेड मा बैठद ]
हमम जु छौ स्यु भ्याज , पर फिर बि संतुष्ट नि ह्वे।  तीन उ सब मथि किलै भ्याज ? मीन इ किलै भ्याज ?
[विराम ]
कै तै पता वैमा मथि क्या च? ह्वे सकद च वैमा सलादक प्लेट भरीं ?हो  मथि कुछ त छैं च। वूं तै इख से जादा जरूरत बि नी च। पता च तौन सलाद नि मांग। वुंमा सलाद , उबळयां अंडा , मटन रोल , खीरा -मूली सब च। 
[विराम ]
शायद बियर बि च। बियरक दगड़ म्यार क्रिप्स खाणा होला।   क्या वु इखक खाणा कि प्रतीक्षा करणा छन ?
[विराम ]
क्या बात च ? तीमा उत्साह नी च ?
[ बीरू  बैठूद ]
बीरू[धीरे ] -समय आण वळ च। 
जय- मे से खाली पेट काम नि हूंद।
बीरू -चुप।  अब मि  तै त्वै कुण इन्सट्रक्सन दीण दे। 
जय-क्या ? पर हम त हमेशा दगड़ी करदा।  है ना ?
बीरू -अब मि  तै त्वै कुण इन्सट्रक्सन दीण दे।
[जय बेरुक बगल मा बैठद, इन्सट्रक्सन दुहरए  जांदन ]
बीरू -जब हमकुण आदेश  आली तो तू जैक द्वार पैथर खड़ु ह्वै जै। 
जय-द्वार पैथर खड़ु ह्वै जै।
बीरू -यदि दरवज पर खट खट हो तो तू जबाब नि दे। 
जय-यदि दरवज पर खट खट हो तो तू जबाब नि दे।
बीरू -पर खट खट नि हूण। 
जय-तो मीन जबाब नि दीण।
बीरू -जब आदिम भितर आल तो -
जय-जब आदिम भितर आल तो -
बीरू -त तब दरवज बंद कर दे। 
जय-त तब दरवज बंद कर दे।
बीरू -बगैर अपर उपस्थिति दर्शैक। 
जय-बगैर अपर उपस्थिति दर्शैक।
बीरू -वु तीतै द्याखल अर त्यार ध्वार आल।  
जय-वु तीतै द्याखल अर त्यार ध्वार आल।
बीरू -वैन तीतै नि दिखण। 
जय-हूँ ?
बीरू -वैन तीतै नि दिखण।
जय-वैन मि तै नि दिखण।
बीरू -पर वैन मि तै दिखण। 
जय-वैन त्वै  तै दिखण।
बीरू -वै तै पता नि हूण कि तू इख छे। 
जय-वै तै पता नि हूण कि तू इख छे।
जय -वै तै पता नि हूण कि मि  इख छौं ।
बीरू -मीन गन निकाळण।   
जय-तीन  गन निकाळण।  
बीरू -वु बीच मा रुकद। 
जय-वु बीच मा रुकद।
बीरू -यदि उ घूमो तो -
जय-यदि उ घूमो तो -
बीरू -तो तू छे। 
जय-तो मि छौं। 
[बीरू अपण सर पकड़द ]
तू कुछ बिसर गे। 
बीरू -हाँ।  क्या ?
जय-त्यार हिसाब से मीन गन भैर नि गाडि।
बीरू -तू पर गन निकाळ।  
जय-जब मि द्वार बंद कर द्योलु तब ।
बीरू -जब तू द्वार बंद कर देल्यु तब। 
जय-आज तक तीन इन भुल्मार कबि नि कार।
बीरू -जब उ त्वै तै अपर पैथर दिखुद -
जय-जब उ मि  तै अपर पैथर दिखुद -
बीरू -अर मि तै अगनै -
जय-अर त्वै तै अगनै -
बीरू -वै तै शंका हूंद। 
जय-अटपटा।
बीरू -वैक समज मा नि आंद कि क्या करण। 
जय-त वू क्या कारल
बीरू -वु मीतै द्याखल आर तीतै द्याखल।  
जय-हम कुछ नि बुलला।
बीरू -हम वैक तरफ दिखला। 
जय-वु कुछ नि ब्वालल।
बीरू -वु हम तै द्याखल। 
जय-हम वै तै दिखला।
बीरू -कैन कुछ नि बुलण। 
[ विराम ]
जय-यदि लड़की हो तो क्या करण ?
बीरू -बिलकुल वी जु ब्वाल च। 
जय-बिलकुल वी जु ब्वाल ?
बीरू -बिलकुल उनि। 
[विराम ]
जय-कुछ अलग नि करण।
बीरू -बिलकुल उनि करण। 
जय-ओऊ 
[ उठद , कंपद ]
मि जरा -
[बै द्वार से भैर जांद। बीरू उनि बैठ्युं रौंद। लेवट्री चेन खिंच्यांदि पर फ्लस नि हूंद। [
[चुप्पी ]
जय भैर आंद , अशांत , चिंतित, विचारुं मा मग्न । बेन तै दिखुद। अपर पलंग तक आंद। अशांत।  खड़ु हूंद। मुड़द , बीरू तै दिखुद। वैक पास जांद। 
जय [तनावयुक्त भौण मा ]- जब वै तै पता छौ कि गैस नी च त वैन माचिस किलै भेजिन ?
[चुप्पी , जय बीरुक पास खुटक तरफ आंद ]
बीरू -जब वै तै पता छौ कि गैस नी च त वैन माचिस किलै भेजिन ?
[मथिन दिखद ]
वैन किलै कार ?
बीरू - कैन ?
जय-माचिस कैन भेजिन ?
बीरू -क्या बुलणु छे ?
जय-मथि क्वा च ?
बीरू -एक का दुसर से क्या संबंध ?
[बीरू अखबार टटो ळदु ] 
जय-मीन सवाल कौर छौ।
बीरू -बस। 
जय [चिरड़ेक ]  -मीन पैल बि पूछ छौ। मीन पूछ छौ।  तीन ब्वाल जु इख बिटेन गेन।
बीरू -चुप रौ। 
जय-मीन बोलि छौ ना ?
बीरू -चुप। 
जय-मीन बोलि छौ ना कि या जगा कैक च ?
[बीरू वैक कंधा मा धौल मारद ]
मीन बोल छौ ना कि  जगा कैक च ?
[गुस्सा मा ] मि जाणन चाँद कि वु यु खेल किलै खिलणु च। क्या करणु च ? 
बीरू -खेल ?
जय- वु किलै करणु च ? हमन सब टेस्ट पास कब का पास कर ये छया। हमन अपर काम पूरी तरह से निभाई।  इन किलै करणु च ?फिर वु खेल किलै खिलणु च ?क्यांक बान इ खेल ?
[इथगा मा डब्बा तौळ आंद। जल्दी जल्दी जय कागज पकड़द। ]
[पढ़द ]- झींगा। 
जय [ट्यूब का पास जांद , सीटी निकल्दु अर बुल्दु ]
हम्म कुछ नी बच्युं च।  समझे ?
[बीरू सीटी लींद अर जय तै धकेल्दु। वै पर झापड़ मारद ,]
बीरू -चुप पागल कहींका। 
जय-पर तीन सूण। च
बीरू -मीन बोल याल। चुप रौ हाँ। 
[बीरू ट्यूब टंगद ]
[बीरू बिस्तर मा आंद , पेपर पढ़न लग जांद ]
[बक्सा मथि चल जांद। ]
[जय बि धीरे धीरे अपण बिस्तर मा जांद ]
[दुंळ अपर जगा मा बैठ जांद ]

बीरू[पेपर पढ़िक ] -सूण क्या लिख्युं च।  तीन कबि सूण च कि -
जय [निरुत्साह ]-बोल।
बीरू -सत्य घटना। 
जय-हूँ।
बीरू -अरे सच्ची च। 
जय-पता नी ?
बीरू -तू कल्पना कर सकिद क्या। 
जय-अविश्वसनीय।
बीरू -इन  घटना सुणिक  तीतै उलटी ह्वै जांद। है ना ?
जय-अविश्वसनीय।
[बीरू अपण सर हिलांद। पेपर रखद।  रिवाल्वर होल्स्टर मा रखद ]
[जय खड़ हूंद। बै दरवज क तरफ जांद ]
बीरू -कख जाणु छे ?
जय-पाणी पीणो कुण। 
[जय भैर जांद।  बीरू कपड़ा ठीक करद।  ट्यूब का पास जांद , ट्यूब कान पर लगांद , मुख पर लगांद , कान पर लगांद ]
कान पर -सुणद 
मुख से बुलद - बिलकुल , हाँ।
कान पर -सुणद 
मुख से बुलद - समज ग्यों। समज ग्यों। हाँ उ बि ऐ गे। सीधा इ आलु। रोजाना जन हि करण।  समिज ग्यों।
कान पर -सुणद 
मुख से बुलद - हाँ हाँ हम तयार छंवां।
कान पर -सुणद 
मुख से बुलद -सही
[बीरू ट्यूब रखद ]
जय !
[वु कंघी करद , रिवल्वर नि दिख्यावो का बान जैकेट ठीक करद।  लेवाटरी मा फ्लस की आवाज। बीरू दरवज  पास जांद। बैं ]
जय
[दरवज , दैं खुलद। बीरू रिवाल्वर दरवज पर तानदु]
[जय लड़खड़ाट मा। वैक जैकेट , फत्वी , टाइ , होल्स्टर , रिवाल्वर सब खुलीं छन , दिखेणी छन। 
जय रुकद , लड़खड़ान्द वैक हाथ साइड पर  छन। वु खड़ो हूंद अर बीरुक तरफ दिखुद। 
[लम्बो विराम ]
बीरू अर जय  दुसर तै घुरदन 
            - पर्दा -
यु नाटक केवल प्रशिक्षण का वास्ता च। 
सर्वाधिकार - मूललेखक 
रामनवमी , 29 /3 /15