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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, January 24, 2013

कोठि बणाणै त देहरादूनम इ ठीक रालि !

गढ़वाली हास्य व्यंग्य
हौंसि हौंस मा, चबोड़ इ चबोड़ मा
                                 कोठि बणाणै त देहरादूनम इ ठीक रालि !
                                      चबोड्या: भीष्म कुकरेती
(s=-माने आधा अ )
म्यार बुबा जीक स्याणि-गाणि छे बल रिटायरमेंट का दिन अपण ड़्यार म कटे जैन अर वूंन इख जवानिम मकान लीणो कोशिस नि करि . बुडेंद दै पता चौल बल नौनुं तै नौकरी त उत्तर प्रदेशम मिलण से रायि अर नौकरि मामलाम भारातम बम्बै छोड़िक क्वी बढ़िया जगा नि च त वूंन इख मकान खरीदेन . वूंकि इच्छा छे कि जिन्दगीक आख़िरी साल अपण गौं कटे जावन पण इन नि ह्वे।

मेरि बि इच्छा च बल रिटायरमेंट की जिन्दगी गौं मा काटे जावो .
मीन ड्यारम अपण बडा (बुबा जीक चचेरा भै ) क नौनौ कुण फोन करी ," भैजि मि चाणो छौं बल मि बुडेंद दै ड्यारम रौं ."
भैजिन ब्वाल," हां जब जवानी छे त तीन जवानि बम्बै तै दे अब बुढापा की परेशानी, लाचारि गौं तै दे "
"नै नै भैजि इन बात नी च मि चांदो बल बुढ़ापाम सुखि जिंदगी काटे जावो ." मीन बोलि
भैजिन उत्तर दे," त ऐ जा . क्यांकि परेशानी च ?"

मीन परेशानी बथै," बल भैजि ! अब जरा भितरी भितरि नयाणों , भितरि झाड़ा करणै आदत पोड़ी गे . फिर जु पुराणों कूड़ उफारिक चिणणो बात ह्वेलि त हम सौब काका बाडों का बीस भाइ बंद छंवां . कै कै तै समजाये जावो।त मि चांदो कि दुसर मौडर्न कूड़ चिणे जावो ."

भैजिन बथाये," हां बात त तेरि बि सै च . पण ठीक गौं मा हमारि इन जमीन नी च कि मकान लगि जावो .त त्वे तै इख जमीन खरीदण पोड़लि।अर चूँकि जमीन की जर्वत त्वै तै च त कैन बि अपण बंजर जमीन त्वै तै सात आठ लाख से तीळ नि बिचण ।"

मीन बोलि," पण भैजि ! जमीन त देहरादून से मैंगी ..?"
भैजिक जबाब छौ," मकानै जमीन सबि जगा , सबि जमानोम मैंगी हि होंदी।"
मीन पूछ ," त मकान लगाणम कथगा लागत ऐ जालो ?"
भैजिन बथै," कम से कम देहरादून से तीन गुणा लागत त समजि लेदि . अब सब कुछ त चढ़ायों माल च . फिर भैराक ओड -भैराक मजदूर .."

मीन बोलि," भैजि इन मा त कोठि देहरादूनम ठीक रालि!"
"हाँ तू सै बुलणी छे . मीन बि देहरादुनम जगा लियाल अर मकान लगैक रिटायरमेंट उखि काटे जालो . इख ना त मेडिकल सुविधा ना सुख . इन कौर तु देहरादून इ जमीन लेलि अर उखि कोठि बणा ." भैजिन राय दे
मीन बोलि," भैजि जब शहरम रौण त इख बम्बै से बढिया क्वा जगा च ?"
' मेरि बि राय याइ च कि त्वेकुण बम्बै इ ठीक च ." भैजिन राय दे
अर मीन रिटायरमेंट का वास्ता बम्बै से पचास साठ कीलोमीटर दूर एक गौं मा फ़्लैट खरीदी आल। स्याणी -गाणि कौरिक कुछ नि होंद .

CopyrightBhishma Kukreti 25/01/2013