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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, January 20, 2013

राहुल गांधी से बड़ो चबोड्या (मजाकिया) कु होलु ?

गढ़वाली हास्य व्यंग्य
हौंसि हौंस मा, चबोड़ इ चबोड़ मा
                        राहुल गांधी से बड़ो चबोड्या (मजाकिया) कु होलु ?
                                        चबोड्या: भीष्म कुकरेती
(s=-माने आधा अ )
"बाबा ! बाबा ! एक खुश खबरी च ?" नौनौन बोलि
बुबान पुळेक पूछ ," कनो आज कै धुर्या-असुण्या-छक्टू तैं पुलिस स्टेसन बटें छुड़ानम त्वे तै जादा कमीसन मील ?'
"नै नै ! उल्टां आज पुलिस वाळुन म्यार कमीसन बिटेन पुलिस फ़ोर्स वेलफेयर का नाम पर आधा पैसा काटि देन ." नौनौ जबाब छौ
" त हे निर्भागि ! इखमा पुऴयाणै बात क्या च ? क्या राशन कार्ड ऑफिसम रोजाना से जादा बंगलादेस्युं राशन कार्ड गुळादंगी से बणैक त्वै तै जादा दलाली मील ?" बुबान पूछ

" नै उल्टां आज राशन कार्ड ऑफिसम बड़ो साबुं आण से म्यार कमिसनम भौत जादा इ कटौति ह्वे ." नौनान उत्तर दे
"अबे नालायक त इखमा तीन रुण छौ कि खुस्याण (खुस होना) छौ ? क्या आज कोर्टम कै जघन्य बलात्कारी तै छुड़ाणो बान तेरि झूटि गवै से क्वी बलात्कारी न्यायोचित रूप से छुटि गे ? अर त्वै तै खूब कमिसन मील ?" बुबाक सवाल छौ
नौनौ समझाई " नै नै ! बलात्कार्युं न त कमीसन बढ़ाण से मना कौर दे पण बिचौलिया भ्रष्ट अधिकार्युंन बलात्कार केसम अपण घूसों रेट बढै देन त आज नफाम बड़ो नुकसान इ जि ह्वे"

बुबान रुसेक बोलि ," अबे थ्वरद्यना ! नफाम नुकसान ह्वे अर तु हैपियाणु (खुस होना ) छे ? क्या आज कै भ्रष्ट नेता तै तीन न्यायालय से छुड़ाणों ऐवजम खूब कमाइ ह्वे या क्वी आळि-जाळी , भ्रष्ट अधिकारी तेरि मकारि भरीं गवाही से बेदाग़ छुट अर तेरि साल भरो कमाइ ह्वे ?'
"नै नै ! अचकाल हम मक्कार गवाहों कमिसन त भ्रष्ट नेताऊँ अर भ्रष्ट अधिकार्युं असोसिएसन (संगठन ) तय करदो . यूं दुयुंक संगठनुं बुलण च बल चूंकि अब थोक का भावम नेता अर अधिकारी भ्रस्टाचारो केसम फंसणा छन गवाहों कुण थोकम ग्राहक आणा छन। त इलै भ्रष्ट नेता -अधिकार्युं संगठनन हमारो कमिसन आधा कौरि दे ." नौनौ जबाब छौ
बुबान डुंकरताळि मार ," ओ उतकों घस्सा ! उल्लू का पट्ठा ! कमिसन रेट आधा ह्वै अर त्वै पर प्लेजर्याण (खुसी ) फ़ैलणि च ? इखम प्लेजरो क्या बात ? क्या तीन कै खुंकार डकैत या स्मगलर-डौन को संपर्क कै मंत्री से करायी जो तू खुसी मा इथगा कुतकणि छे ?"
" तुम बि ना ! तुम तै पता च ना कि अचकाल नेता चोरों , डकैतों , स्मगलरो अर डौनों से सीधा संपर्क करदन अर ये मामलाम हम बिचौलियों क्वी भागीदारी नि होंदी ." नौन्याळौ प्रतिउत्तर छौ
बुबान रुणफति ह्वेक प्रश्न कार ," ह्यां त फिर किलै पुऴयाणु छे?, किलै तु इथगा जादा प्रसन्न होणु छे ?
बेटाको उत्तर छौ ," अब मि या तो कॉंग्रेसी प्रदेश मुख्यमंत्री बणुल या कॉंग्रेसी प्रधान मंत्री !
" मै लगद बल त्वे पर सन्निपातो रोग लगि गे।" बुबान आतंकित ह्वेक बोलि
" न्है न्है ! ब्याळि कौंग्रेस क उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधीन बोले कि अब आम कार्यकर्ता बि मुख्यमंत्री बणी सकुद ." नौनो उलार -उत्साह दिखण लैक छौ

बुबान समझाई ," हो हो ! राहुल गांधी त बुलदो इ रालो पण मुरली देवड़ा , ज्योतिकराय सिंधिया , दिग्विजय सिंग , शीला दीक्षित, प्रणव राय मुखर्जी, जीतेंद्र प्रसाद, विजय बहुगुणा ,अशोक राव चौहाण पुत्र श्री शंकर राव चौहाण, पृथ्वी राव चौहाण पुत्र श्री आनन्द राव चौहाण जन मानसिकता हूंदा नेता क बेटा छोड़िक कोंग्रेसम कै हेंको नेता तै पनपण द्याला ? नही ! न्है! कौंग्रेसम एकि मानसिकता च कि मंत्रीक रिश्तेदार ही नेता ह्वे सकद अर इनमा राहुल गांधीन मजाक इ मजाक मा बोलि होलु कि कार्यकर्ताओं की सूणों। केन्द्रम कौंग्रेस पार्टीक सरकार ही परिवारवादों पोषक पार्टीयूं एनसी पी (पंवार ); डीऐमके , लालू यादव , मुलायम सिंग यादव की मदद से चलणि ह्वाओ वीं कौंग्रेस पार्टी को उपाध्यक्ष ब्वालो कि पार्टी कार्यकर्ताओं कि सुणवाइ ह्वावो त वो एक मजाकिया जुमला या चबोड़ ही माने जालो "
" नै नै ! राहुल गांधीन बोले कि कौंग्रेस तै कौंग्रेस कार्यकर्ताओं से दस प्रधान मंत्री लैक उम्मीदवार चयाणा छन ." नौनो उलार -उत्साहम कमि नि छे

बुबान संगीन ह्वेक समजाई ," अबे गधे ! ज्वा पार्टी सन सैंतालीस बिटेन नेहरु-गांधी खानदान की बैसाखियों छोड़िक मुर्दा पार्टी ह्वाओ उखमा पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व की बात करण ही बेईमानी च।यीं कौंग्रेस पार्टीम आम कार्यकर्ता तै अगवाड़ी लाणो बात करण माने जनता दगड़ चबोड़ - चखन्यौ -मजाक -मसखरी -हंसी -प्रहसन करण ही च ."
नौनान घंगतोळ म बोलि ," तो ब्याळि जो भि राहुल गान्धिन ब्वाल वो सौब मजाक-मसखरी-चबोड़ - चखन्यौ -हंसी -प्रहसन -जोक्स छौ ?"
बुबान निर्णय सुणाइ ," हाँ परिवारवाद , कुनबावाद , रिश्तेदारीवाद, से जनम्युं पार्टी को उपाध्यक्ष जब आम कार्यकर्ताओं की बात कौरल त वा बात मजाक-मसखरी-चबोड़ - चखन्यौ -हंसी -प्रहसन -जोक्स माने जालि ."
नौनु अबि बि घंगतोळम छौ," पण राहुल गान्धिन केन्द्रीय वाद खतम करणै बात करि ."

बाबन रस्ता दिखाइ ," अबे लाटो जै पार्टीक (इंदिरा कौंग्रेस ) जनम -लगनम एकाधिकार वाद ह्वाओ, जैं पार्टीक धनेशम नेहरू-गांधी खानदानवाद ह्वाओ , जैं पार्टीक द्वितीयेशम परिवारवाद ह्वावो ; जैं पार्टिक त्रितियमेशम संगठन की अवहेलना या संगठन की ऐसी तैसी हो , जैं पार्टीक चथुर्मेशम अधिनायकवाद ह्वावो;जैं पार्टिक पंचमेशम चमचावाद ह्वावो; जैं पार्टिक छटो घौरम व्यक्तिपूजा ह्वावो , जैं पार्टिक सप्तमेशम केन्द्रीय सत्तावाद ह्वावो तो वीं पार्टीमा विकेंद्रीयकरण की बात करणों मतबल च मजाक-मसखरी-चबोड़ - चखन्यौ -हंसी -प्रहसन -जोक्स करण ."
नौनाक बिंगणम बात आइ अर वैन ब्वाल ," यांक मतबल च आज भारतम राहुल गांधी से बड़ो मजाकिया , मसखर्या, प्रहसनकर्ता , हंसोड्या , चबोड्या, चखन्योर्या क्वी नी च ?"
बुबाक निर्णय छौ ," हाँ आज त राहुल गांधी से बड़ो मजाकिया , मसखर्या, प्रहसनकर्ता , हंसोड्या , चबोड्या, चखन्योर्या क्वी नी च"

Copyright@ Bhishma Kukreti 21/01/2013