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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Sunday, January 20, 2013

कौंग्रेसम चिंतन अर हौर्युं चिंता

गढ़वाली हास्य व्यंग्य
हौंसि हौंस मा, चबोड़ इ चबोड़ मा
                        कौंग्रेसम चिंतन अर हौर्युं चिंता
                             चबोड्या: भीष्म कुकरेती
(s=-माने आधा अ )
जब बि क्वी राजनैतिक पार्टी चिंतन शिविर (होटलूँम) लगांदी कुछ हौर्युं तैं चिंता ह्वे जान्दि . अब द्याखो ना उख जयपुरम कॉंग्रेसौ चिंतन शिविर क्या लग बल भौतुं चिंता बढी गे .

इन बुल्याणु च बल कौंग्रेस नया नया दगड्या (अलाइन्स ) खुज्याणि च त भाजापा चिंतित च बल कखि ये कौंग्रेसी चिंतन शिविरम कौंग्रेस नितीश कुमार तै चंगुलम फंसाणो जाळ बुणि द्याला त बिहारम भाजापा को भट्टा बैठि जालो। एकाक चिंतन हैंकाक चिंता। उन बल यां से लालू प्रसाद बि चिंतित छन बल कखि नितीश कुमार अर कौंग्रेसक एक गौळ पाणि ह्वे ग्यायि त लालू जीक भैस कैका पुंगड़ों चारा -पीन्डो खाला? एकाक सुळजाट हैंकाकु अळजाट

भाजापा तै यांकि बि चिंता च बल कर्नाटकम उल्टो तरीका या सीधो तरीका से कौंग्रेस भूतपूर्व प्रधान मंत्री देव गौड़ा दगड़ तमाखु पीण मिसे जावो अर दगड़म यदुरप्पा तै सीबीआइ डौर दिखाण बिसे जालि त अगनैक चुनावोंम कर्नाटकम भाजापाक कुगति क्वि नि रोक सकदो। एकाकुण अमृत हैंकाकुण बिष!

कौंग्रेसक चिंतन शिविर से शिव सेना बि चिंतित च बल भितरी -भितर मनसा (राज ठाकरे ) अर कौंग्रेसम पैणु चलि गे याने पैक्ट ह्वे गे त ये आण वळ चुनावम जितण मुस्किल ह्वे जालो। एकाक मुक्ति हैंकाकुण कुटांसी (जो गायों के पैरों में बाँधी जाती है या घोड़ो के पैरों में भी बाँधी जाती है ).

डीएमके तै चिंता च बल कखि सोनिया गांधी जय ललिता तै चाय पीणों भट्यालि त टू जी घोटालोम फंस्यां डीमके का सदस्योंक क्या होलु?एकाक चिंतन हैंकाक चिता .

ममता बैणि चिंतित च कखि कौंग्रेस गरीबुं भलै योजना ल्है गे त वीन कै पर भुकुण ? दूसरों पर भुकणो राजनीति मा भुकणो बान दुसर तै गल्ति करण जरूरी होंद। दुसर गल्ती नि कारो त कै पर भुकण ?
राहुल गांधी भाषण से अपण विजय बहुगुणा जन नेता खुश छन। राहुल गांधीन बोलि बल हम तै कॉंग्रेसी कार्यकर्ताओं सुध लीण जरूरी च अर विजय बहुगुणा सरीखा कौंग्रेस्युं कार्यकर्ता त परिवारों सदस्य ही होंदन अब विजय बहुगुणा सरीखा नेता अपण नौन्याळ अर रिश्तेदारों तै खुलेआम राहुल नीति का तहत चुनावी अर पार्टी संगठन का टिकेट दिलाला . एकाक चिंता हैंकाक चिंता-हरण।

गरीब चिंतित छन बल कौंग्रेस जब बि गरीबो जादा इ चिंता करदी मंहगाई हौर बि उच्ची ह्वे जांदी -ढाँटि ह्वे जान्दि . उन सुणनम आयि बल मंहगाई चिंतित नी च। मंहगाईन पीटीआइक संवाददाता मा ब्वाल बल जब डीजल का दाम बढ़ी गेन त वींन (मंहगाई ) उकाळि-उभारी कुणि इ चढ़ण।

ठेकेदार अर बिचोलिया चिंतित नि छन किलैकि गरीबी उनमूलनो योजनाओं ठेका त मातबरों अर बिचौलियों तै इ मिल्दन ना कि गरीबों तै . ना ही मातबर चिंतित छन किलैकि कौंग्रेसी राज ह्वाओ या भाजापाइ राज ह्वावों -द पुअर विल बी पुअरर ऐंड रिच विल बी रिचर।

कौंग्रेस का चिंतन शिविरम सोनिया गान्धिन चिंता जताई बल भ्रस्टाचार देस का बान भलो नी च . पण भ्रस्टाचार चिंतित नी च किलैकि भ्रस्टाचार जाणदो च जब कौंग्रेस भ्रष्टाचारम फंस्युं वीर भद्र सिंग तै हिमाचल प्रदेसो मुख्यमंत्री बणान्दि त भ्रष्टाचार खतम करणै बात इ बेईमानी च। जै से कुछ नि होंदु वो उपदेस दींदु।
हाँ चिंतन जरूर चिंतित च बल अब चिंतन का नाम पर स्वांग (नाटक ) किलै खिले जांदन ?

CopyrightBhishma Kukreti 19/01/2013