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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Friday, August 29, 2014

नेता कु पशुचरित्र भाग - 1

चबोड़्या , चखन्यौर्या - भीष्म कुकरेती 

s = अधा अ

ब्याळि मि अपण नातिक स्कूल ग्यों तो द्याख कि मास्टर जीन एक ऐनिमल किंगडम याने जानवरूं साम्राज्य कु बोर्ड टंग्युं छौ और मुख्य बोर्ड पर शीर्षक लिख्युं छौ नेताचारितम् याने नेताओं के मुख्य गुण और जानवरों के गुण !
मास्टरजी पढ़ाना छया -
नेता बणनो वास्ता मनुष्य तैं जानवरूं कु चरित्र अंगीकार करण आवश्यक हूंद। 
गैंडा जन खलड़ी  - नेता की खाल गैंडा जन  म्वाट खलड़ो हूण जरूरी च कि जनता कथगा बि रोये -पीटे नेताजी की सेहत पर फरक नि पड़न चयेंद।  उ नेता नी च जु जनता का दुःख से दुखी ह्वे जावु।
बेशरम लोमड़ी /स्याळ - चालाकी मा नेताओं तैं स्याळ से बि अग्वाड़ी हूण चयेंद। दुसरौ याने म्वारुं  जमायुं शहद कु छत्ता पर अपण अधिकार करण मा कबि बि नि शर्माण चयेंद। 
बिरळि - शांत अर ठंडो मिजाज सिखण हो त बिरळ से सिखण चयेंद , कथगा बि अभियोग लग जावन तो भी नरसिम्हा राव या मनमोहन सिंह जीक तरां शांत रौण चयेंद। 
बिरळि अपण बच्चों तैं सात घौर दिखांदी - नेताओं तैं बि अपण द्वी नम्बरो कमाई कबि बि एक जगा मा या एक फॉरेन बैंक मा नि रखण चयेंद अपितु बेनामी चल अथवा अचल सम्पति तैं बराबर बदलण चयेंद।  हालांकि इन सुणन मा आयि बल अच्काल बल सहारा चिट फंड ,  श्रद्धा चिट फंड जन कम्पनी नेताओं बेनामी धन तैं इना ऊना घुमाणा रौंदन। 
कळजिंड/ कोयल - कोयल अपण अंडा कवाक घोल मा धरदी याने अपण बोझ दुसरौ पीठ मा या काँध मा डळण सिखण   हो तो कोयल से या नारायण दत्त तिवाड़ी से सिखण चयेंद। 
कर्रें - जब बि नेता विरोधी पार्टी का हूंद व या वा कर्रें तरां कर्र -कर्र करद। 
कुत्ता - नेता तैं अपण कुर्सी का आस पास कै हैंक नेता तैं द्याख ना कि खदुळ कुत्ता का तरां भुकण शुरू कर दीण चयेंद। 
कळु /तोता - चुनाव का टैम पर अच्छे दिन आएंगे की एकी रट अर चुनाव जितणो बाद रटण चयेंद अच्छे दिन लाणो वास्ता दस साल बि कम पोड़ल।  
कळु /तोता - कळु तैं सूंघीक पता चल जांद कि कख फल पक्याँ छन ऊनि नेता तैं बि पता चलण चयेंद कि कख मलाई या चंदा मिलणु च। 
गरुड़ - कुर्सी पर दूर से नजर पड़नै गुण गरुड़ से सिखण आवश्यक च। 
चिंचुड़ - याने जनता कु खून चुस्वा 
सरसु याने खटमल - शोषण करणै बड़ी सक्यात 
गू खवा सुंगर - सुंगर टट्टी खाण से परेज नि करदु अर नेता शौचालय साफ़ करणो ठेका से घूस लीणम परेज नि करद। 
बांदर -नकलची ! दुसरों नारा तैं अपण नारा बतैक भाषण दीण। 


बकै दुसर दिन भाग 2 मा ....... 

Copyright@  Bhishma Kukreti  28  /8/ 2014       
*लेख में  घटनाएँ , स्थान व नाम काल्पनिक हैं । 


  
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