उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Thursday, February 12, 2015

"लालू जी ! मान गए उस्ताद "- नितीश कुमार

Best  Harmless Garhwali Humor  , Garhwali Comedy Skits , Satire, Wit, Sarcasm , Garhwali Skits , Garhwali Vyangya , Garhwali Hasya 

                  "लालू जी ! मान  गए उस्ताद "- नितीश कुमार 
                             चबोड़्या - भीष्म कुकरेती 
फ़रवरी 2015 , पैलो हफ्ता से बिहार की रजनीति माँ ख्यळ -बळ हूण लग गे।  नीतीश कुमारन अपण नायब (नायब , केयरटेकर ) मुख्यमंत्री जतिन राम मांझी कुण ब्वाल बल अब त्यार रोल खतम ह्वे गे अर म्यार रोल शुरू ह्वालु त जतिन राम मांझी अकड़ गे अर बुलण लग बल नहीं अब त मीन इ मुख्यमंत्री रौण अर जु करणाइ स्यु कर ले। 
           नितीश कुमारक समझ मा कुछ नि आयि कि यी क्या ! जै तैं मि तीस साल बिटेन सीदु  सादु मांझी जातक मनिख समजदो छौ स्यु अब मै तैं इ आँख दिखाण मिसे गे ?
 पर जु राजनीति का अखाड़ा का जणगरु  छन वु तैं जतिन राम मांझी से तो यही आसा छे कि जब समय आलु तो जतिन रामन कुर्सी नि छुड़न।  एक दैं कुर्सी मील ना कि फिर उ कुर्सी नि छोड़ी सकुद। 
इतिहास किलै दुहरे जांद ? किलैकि क्वी इतिहास से सबक नि लींद अर सुचद कि पुराणा लोग बेवकूफ छया अर मि यि दुनिया कु पैलो हुस्यरु नौनु छौं। 
महाभारत बांचो जरा।  धृतराष्ट्र बड़ो छौ तो गद्दी कु हकदार वी छौ पर अंधा हुणो कारण बिचारु तैं राजगद्दी से दूर रखे गे अर छुट  भाई पाण्डु तैं कुरुराज बणये गे।  फिर जब पांडु तैं अभियोग मा या कुछ हौर कारणों से राज छुड़न पोड़ तो गद्दी धृतराष्ट्र तैं मील।  बस इखमि पाण्डु से भंयकर गलती ह्वे गे।  महाभारत की असली जड़ च कि पांडुन राजगद्दी अपण भाई तैं सौंप दे।  एक दैं गद्दी कै तैं मिल जावो ना फिर वु वीं गद्दी तैं असली वारिस तैं दीणो तयार नि हूंद। 
नेपाल का इतिहास मा बि नायबुं कारण कति दैं गृह युद्ध की नौबत आई। 
गढ़वाल इतिहास मा बि नायब ह्वेन पर वु राजकुमार कि ब्वे छई तो गृह युद्ध की नौबत नि आई पर कटोचगर्दी , कठैतगर्दी आदि तो मची हि च। 
लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु बाद कुछ खुर्रांट कॉंग्रेस्युंन गुड़िया बोलिक इंदिरा गांधी तैं प्रधान मंत्री बणाइ पर फिर पैथर इंदिरा गांधीन उंका क्या हाल करिन यु सबि जाणदन कि सिंडिकेट ग्रुप तैं भैर हूण  पोड़. कुर्सी जैम रालि वा वैकि च।
 इलाहाबाद कोर्टक फैसला बाद इंदिरा गांधीन नायब प्रधानमंत्री बणानो जगा इमरजेंसी ही लगै दे छौ।  राजनीति का हिसाब से वा सही छे।  
अब द्याखो ना विचारी उमा भारती तैं मध्य प्रदेश की गद्दी छुड़न प्वाड़ तो वींक  क्या कुहाल ह्वेन ? बिचारी आज मध्य प्रदेश निकाला  भुगतणी च।  शिवराज चौहान उमा भारती तैं मध्य प्रदेशक बॉर्डर पर बि नि आण दींदु। 
गुजरात मा केशु भाई पटेल की जगा नरेंद्र मोदी आई तो बिचारा केशु भाई आज ज़िंदा ही डाइनोसोर की हालत मा च. उत्तराखंड का इतिहास इ द्याख ल्यावो कोशियारी की मुख्यमंत्री की कुर्सी गए तो आज तक कोशियारी वीं कुर्सीक पास तक नि पॉंच साकु। 
आज का राजनीतिज्ञों मादे किलै लालू यादव अर मुलायम सिंह की तारीफ़ हूंदी ? किलैकि इ नायब /केयरटेकर पर विश्वास नि करदन। मुलायम सिंगन अपण भायुं तैं मुख्यमंत्री की कुर्सी नि दे अपितु अपण नौनु तैं मुख्यमंत्री बणाइ।  लालू यादव तै जब जेल ह्वे तो वैन अपणी पत्नी राबड़ी देवी तैं मुख्यमंत्री बणै दे।  अर आज तबि लालू रेलीवेंट च।  नितीश कुमारन कुर्सी छोड़िक गलती कार अर एक नया महाभारत की शुरुवात कार। 




10 /2 / 15 Copyright @  Bhishma Kukreti , Mumbai India 
   *लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
Best of Garhwali Humor in Garhwali Language ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language ; Best of  Uttarakhandi Wit in Garhwali Language ; Best of  North Indian Spoof in Garhwali Language ; Best of  Regional Language Lampoon in Garhwali Language ; Best of  Ridicule in Garhwali Language  ; Best of  Mockery in Garhwali Language  ; Best of  Send-up in Garhwali Language  ; Best of  Disdain in Garhwali Language ; Best of  Hilarity in Garhwali Language  ; Best of  Cheerfulness in Garhwali Language  ;  Best of Garhwali Humor in Garhwali Language from Pauri Garhwal  ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language from Rudraprayag Garhwal  ; Best of Uttarakhandi Wit in Garhwali Language from Chamoli Garhwal  ; Best of North Indian Spoof in Garhwali Language from Tehri Garhwal  ; Best of Regional Language Lampoon in Garhwali Language from Uttarkashi Garhwal  ; Best of Ridicule in Garhwali Language from Bhabhar Garhwal  ; Best of Mockery  in Garhwali Language from Lansdowne Garhwal  ; Best of Hilarity in Garhwali Language from Kotdwara Garhwal  ; Best of Cheerfulness in Garhwali Language from Haridwar  ;

Garhwali Vyangya , Garhwali Hasya,  Garhwali skits; Garhwali short skits, Garhwali Comedy Skits, Humorous Skits in Garhwali, Wit Garhwali Skits