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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Thursday, May 24, 2012

प्रवासियों ! यह कहानी आपको रुला डालेगी ! अवश्य पढ़ें

पवित्र गौन्त्या पौणु
 
प्रवासी यहुदियुं यिड्डिश भाषौ एक नामी कथा
कथाकार- शोलोम एलिकेम (राबिनोविच )
 
                    अनुवाद - भीष्म कुकरेती
 
 
( यिड्डिश जेरुसलम से भैर जयां प्रवासी यहुदियुं क भाषा च. या भाषा जर्मनी अर हौरी भाषों
से मीलिक बौणि. यिड्डिश भाषा मा लिख्युं साहित्य को इतिहास सिरफ़ तीन सौ साल पुराणो च .
पण ईं भाषा मा प्रवासी यहुदियुं न भौती बढिया साहित्य गड़ी/रच .
यिड्डिश कथौ मा रूसी साहित्य कि छाप जरूर राई पण ऊंको कथों मा यह्यूदी संस्कृति,
यहुदियुं जेरुसलम कि खुद- याद, यहुदियुं प्रवास मा संघर्ष पूरो मिल्द अर याँ से यिड्डिश कथा अलग इ पछेणे
जान्दन अर ऊंको अस्तित्व इ अलग च.
.शोलोम एलिकेम (राबिनोविच -१८५९-१९१६ ई. ) को नाम आधुनिक कथाकारों मा भौत इ आदर को नाम च.
शोलोम एलिकेम की कथों मा प्रवासी यहिद्यूं संघर्ष, दुःख की बात होंद अर ट्रेजिडी मा हौंस बि होंद.
पवित्र गौन्त्या मा बि प्रवासी यहिद्यूं क जेरुसलम की 'खुद ' याद  की ट्रेजिडी च अर दगड मा हंस्योड्या ब्युंत /स्टाइल बि च.)
         पवित्र गौन्त्या पौणु (दि पासोवर गेस्ट )
 
 
" भोळ इख गौन्त्या पौण रेब योनेह आणु च. तीन अपण जिन्दगी मा कबि बि इन पौणु नि देखी होलु !"
" वो पौणु कन छन ?"
"पूरब को मनिख"
"यांको मतबल ?"
"मतबल एक पवित्र यहूदी , एक बड़ो नामी गिरामी मनिख. बस एकी बात च बल वो हमारि बोली यिड्डिश भाषौ मा नि बोल्दन."
"त वूं कें भाषा मा बचळयान्दन ?"
"हिब्रू भाषा मा ."
" क्या वु जेरुसलम का छन?"
" मी नि जाणदो बल वु कखक छन पण कुछ अजीब इ छन"
मेरो बुबा जी अर मंदिरौ पुजारी जी मा या छ्वीं लगणा छया.गौन्त्या पौणो बारा मा मी उत्सुक ह्व़े गेऊं.
मी सुचणो छौ बल कनो होलु वो यहूदी जो यिड्डिश (प्रवासी यहुद्यूं गडी भासा ) भाषा नि जाणदो अर कुछ अजाण भाषा मा बचळयांदो. मेरो हिसाब से त
यहूदी भासा माने यिड्डिश बोली..
मीन मन्दिरौ धर्मशाला मा वै विचेतर मनिखौ दर्शन करीन. कुछ अजीब सी सूरत, वैकी फर की टोपी पैरीं छे अर वैन कमर पर
लाल, नीलो , अर पीलो रंग क धारीदार टर्किश डुडड़ो पैर्युं छौ.
हम सब बच्चा वै ऊपरी मनिखौ चारो तरफ खड़ा ह्व़े गेवां. अर वै मनिख तै इन घुरणा छया जन बुल्यां वो कै हैंकी दुनिया बिटेन ऐ होऊ.
मन्दिरौ पुजारिन रुसेक बोली ," तुम बच्चों तैं कै ऊपरी मनिखौ मुख ऐथर इन नि रिंगण चएंद. "
उख लोग आणा छया अर वै ऊपरी मनिख तै सिवा लगाणा छया. भुरिण दाड़ी वळु लोकुं सिवा बर्जणा छया.अर फिर सिवा क जबाब मा बुलणा छया," शालोम , शालोम"
वै ऊपरी मनिखौ ," शालोम , शालोम" बुलणो ढंग अर हम प्रवास्यूं ," शालोम , शालोम" बुलणो ढंग मा जमीन असमानों भेद छौ.
हम सौब बच्चा ऊपरी मनिखौ ," शालोम , शालोम" बुलणो ढंग पर खित खित हंसण मिसे गेवां. . याँ पर पुजारिन हम बच्चों तै हथन सैन कार
कि इन हंसण ठीक नी च.
अब मन्दिर की बैठकौ परांत अजाण पौण म्यार बुबा जी क दगड चलण मिस्याई/बिस्याई अर जनि मै पता चौल बल गौन्त्या पौण हमर घौर जाणो च त म्यार पुठुन्द नौ पूळ पराळ जाण बिसे/मिसे गेन. मै पर घमंड चढी गे बल म्यार दगड्या जळणा ह्वाला. अपण दगड्यों तै ख़ुशी अर घमंड मा जीव भैर गाडिक चिरडाई की द्याखो महत्वपूर्ण मेमान हमर ड़्यार जाणो च. रस्ता मा सौब चुप चाप इ चलणा रैन .ड्यारम ऐक बुबा जीन गौन्त्या पौणो परिचय ब्व़े से कराई. म्यरा ब्व़े बुबा जीन गौन्त्या पौणो आदिर/ स्वागत करी. स्वागतो जबाब मा गौन्त्या पौण बुल्दो ग्याई, " शालोम" "शालोम" . यां पर मी तै अपण दगड्यों हंसण याद ऐ गे. मीन अपण मुख मेज तौळ लुकै जां से मि कखी खितखित नि हौंस जौं. मि गौंत्या मेमानो जिना बार बार दिखणु छौ. मि तै मेमानौ /पौणौ पैनावा पसंद आणु छौ. मी तै वैको लाल, पीलो अर नीलो रंग को तुर्की तिगड़ा (कमर पर बंधीं रस्सी ), भूरिण दाड़ी क बीच लाल लाल गल्वड़, झाडीनुमा भौं क तौळ बिगरैली काळी आंखी भौत पसंद ऐन.म्यार बुबा जी भीत इ पुळयाणा (खुश) छ्या अर पौणौ दगड आनन्दित होणा छया.मेरी ब्व़े पौण तै आम मनिख से भौत जादा आदर दीणि छे. बुबा जी छोड़िक गौन्त्या पौणौ दगड क्वी कुछ नि बचळयाणु (बातचीत) छौ. बुबा जीन पौण तै मेजक एक छ्वाड़ो गद्दीदार कुर्सी मा बिठाळ.
ब्वे मेमानौ खुणि खाणको इंतजाम मा व्यस्त छे अर दगड मा नौकरानी बि ब्वेक साथ दीणि छे. बुबा जी गौन्त्या पौणअ दगड हिब्र्यु भाषा मा बचळयाणा. मी तै गर्व च कि मी हिब्र्यु बिन्ग्दो छौ. बुबा जी अर गौन्त्या पौण मा किदुइश बुलणो बगत आई त इन छ्वीं लगीन-
म्यार बुबा जी ---"नू?" (क्या आप किडूइश बुलिला?")
पौण---- नू-नू (भलो च आपी ब्वालो")
बुबा जी ----नू- ओ? (आप किलै ना?)
पौण ---- ओ-नू (मी किलै?)
बुबा जी ---- आई.ओ! (पैल आप)
पौण - ओ-आई (पैल आप)
बुबा जी - ई.ओ-आई (मी प्रार्थना करदो कि पैल आप)
पौण - आई-ओ-इ ( मी आपसे प्रार्थना करदो )
बुबा जी - --आई-ई-ओ-नू ?(आप मना किलै करणा छं वां?")
पौण -- ओई-ओ-इ-नू- नू! (आप जोर करदां त ठीक च !)
अर पौण न म्यार बुबा जीक हथ बिटेन वाइन को कप ले, अर एक कुड्डिश मंत्र पौढ़ . पण कनफणि सि कुड्डिस पूजा मंत्र थौ धौं ! हम प्रवास्युं न इख इन कुड्डिश मंत्र कबि ना त सुणि थौ अर मै नि लगदो हम कबि इन कुड्डिश मंत्र अगने सुणला . पैल त यू मंत्र हिब्र्यु भाषा मा थौ , फिर या आवाज वैकी दाड़ी से ना इन लगणो थौ जन बुल्यां मंत्रु अवाज कमर को डुडड़ो से आणि ह्वाऊ धौं ! म्यार दगड्या इखम होंदा त उंको खित खित हंसण से तमासो लगी जाण थौ.
इखुली नौनु होण से मेरो ब्यवहार ठीक थौ . मीन अपण बुबाजी से सवाल पूछिन. अर फिर हमन दगडया दगड़ी हगदाह पूजा मंत्र पौढ़. मी तै बड़ो भलो लग कि गौन्त्या आदरणीय पौण सिरफ़ हमारो थौ अर कै हैंको नि थौ.
हमर पुराणा एक यहूदी संत न एक बात लेखी छौ बल खांद दै चुप रौण चएंद अर खांद दें बचळयांण बुरी बात च. पण वै यहूदी संत तै पता नि रै होलू बल यहूदी खांद दें नि बचळयावन त कब बचळयावन? खासकर जब समौ नि होऊ अर भौत सि बथा खाण से पैलि, खांद दें अर खाणा खाणो परांत बथाण जरोरी ह्वावन त तब? नौकरानी न हम सब्युं तै पाणी दे अर हमन हथ ध्वेन अर बेनेडिक्सन मंत्र द्वरै. ब्वेन माछो साग अर हौरी खाणक टेबल मा धार. म्यार बुबा जीन अपण बौंळ बिटेन अर पौणो दगड हिब्र्यु मा छ्वीं लगाण मिसे गेन. छ्वीं भौत लम्बी लगिन.
बुबा जीन छ्वींक पवाण लगाई जन हरेक (प्रवासी) यहूदी हैंको यहूदी तै पुछद,"
"तुमर नाम क्या च ?"
"अयक बेकार गाशल दामास हैनोक वासाम जान साफफ टाटजाट्ज "
इथगा बड़ो नौ सुणि क म्यार बुबा जीक हथ हवा मा इ जख्यक तखी रै गेन.
मीन खांस अर अपण मुख मेज तौळ ली ग्योंऊ .
ब्वेन मेखुण ब्वाल," फेवल ! त्वे तै ध्यान लगैक खाण चयेंद कखी मछकंद (माछु काण्ड ) त्यार गौळ पर फंसी गे त ?" अर दगड मा पौण जिना खौंळेक सि दिखणि राई. इन कनफणि सि नाम ब्व़े क बिंगण (समजण) मा नि आई.
बुबा जीन हम सब्युं तै बिंगांद ब्वाल," अयक बेकर याने अलेफ -बेस , हमारो वर्णमाला च अर नाम धरद या बथाण दै यू वर्णमाला क प्रयोग एक जरुरी रिवाज च."
पौण न नौकरानी समेत हम तैं प्रेम से दिखद दुवराई, " अलेफ-बेस , अलेफ-बेस.." पौणो काळी आंख्युं मा हम सब्यूँ खुणि ममत्व अर दोस्ती भाव छ्या.
नाम जाणणो परांत बुबा जी न पूछ बल ग्यानी पौण कै जगा को च ? ( जगों नाम से मीन समज ) . बुबा जी ब्व़े तै यिद्दिश (प्रवासी यहूद्यूं भासा) मा बिंगाणा छया. नौकरानी अर मेरी ब्व़े खौंळयाणा छया. किलैकि, क्वी बि मनिख, द्वी हजार मील चलिक चालीस दिन चालीस रात्यूं मा सात समुन्दर , पाख पख्यड़, रेगिस्तान पार कौरिक थुका आन्द.
बुबा जीन अनुवाद कौरिक बताई बल उख इजराइल स्वर्ग च, लौंग हुन्दन , भौत सा मसाला हुन्दन , जड़ी बूटी हुन्दन , बनि बनि फल जन सेव, आडु, नारंगी, लिम्बू अर तिमुल, बेडु होन्दन. उख सोना चांदी जडित मकान हुन्दन, अर इनी थाळी गिलास बि सोना चांदी क हुन्दन, उख भौत बनिक जर जेवरात हुन्दन.
ब्वें न पूछ," ह्यां ! जब उख इथगा चीज बस्तर होन्दन त इख किलै नि लांदन अर वां से खूब कमाई बि होली. जरा पौण तै पूछो त सै!"
बुबा जीन हिब्र्यु बोली मा ग्यानी गौन्त्या पौण तै ब्वेक पुछ्याँ सवाल पूछिन.
पौण न हिब्रू मा जबाब दे अर बुबा जीन अनुबाद कौरिक बथाइ," जब तुम उख जाओ त जु चयाणु च स्यू इस्तेमाल कारो पण उख बिटेन कुछ बि नि लै सकदवां."
ब्वेन पूछ," किलै?"
बुबा जीन अनुबाद कौरिक समजाई," जु तुम उख बिटेन क्वी चीज भैर ल्हैल्या त या तुम तै डाळ मा फांसी दिए जाली या पथर्यौ कौरिक मारे जाल"
पौण न भौत सि कथा सुणैन अर जन जन वो कथा सुणान्दा गेन हम सौब उथगा इ जादा रोमांचित हुंदा गेवां :
" वु देश यहुदद्यूं क च जु उख रौंदन. यूँ यहुद्यूं तै सेफार्दिम बुल्दन. अर ऊंको राजा बि छ जो यहुदी च. यहूदी रज्जा बड़ो पुण्यात्मा रज्जा च. फर की टोपी पैरण वळ रज्जा को नाम च - जोसेफ-बेन- जोसेफ. जोसेफ बेन-जोसेफ सेफार्दिम को सबसे बड़ो धर्मगुरु च. वो छै घ्वाड़ों चमकदार रथ मा भैर जांद अर जब वो यहूदी मन्दिर मा पौन्छ्दो त लेवाईट लोग धर्म गुरु क स्वागत गीतुं से करदन "
मेरो बुबा जीन पूछ," क्या मन्दिर मा गाण वळा लेवाईट बि रौंदन?" पौण न जो जबाब दे वां से बुबा जी पुळे गेन. (लेखकीय- लेवाईट इजराइल मा धर्म अर राज करण वाळु एक ज़ात होन्द्)
"तू जाणदि छे? " मेरो बुबा जीन मेरी ब्व़े तै बथाई," पौण बुलणु च बल, ऊंक देस मा इन च बल जख मन्दिरूं मा धर्म गुरु ,लेवाईट अर ऑर्गन बाजा होन्दन "
" अच्छा! अर वेदि ?" मेरी ब्वें न पूछ
मेरो बुबा जीन जबाब मा ब्वाल,' पौण बुलणु च बल हाँ हाँ ऊंक मंदिरूं मा बि जेरुसेलामो तरां वेदि अर बलि वेदि होंद."
मेरो बुबा जी अर मेरी ब्व़े न दुयूं न पता नि किलै कनफणि सि लम्बी साँस ले धौं ! हाँ यो जरूर च बल हम तैं गर्ब हूण चयेंद, पुळयाण चयेंद/खुश हूण चएंद बल हमम इन धरती च जख हमारो यहूदी राजा च, हमारो इ धर्म गुरु च, जख लेवाईट जाति क लोग छन, जख मंदिरूं मा वेदी च, बली वेदी च, ओरगन बाजा होंद. मेरो दिमाग मा मिठो मिठो, बढिया- बढिया ख़याल आण बिसेन .अर मी अपणी पुरखों की पवित्र यहूदी धरती क खयालूं मा डूबी गेयुं .पवित्र यहूदी धरती जख कूड पाइन-वुड का छन अर कूड़ों छत , मुंडळ चांदी का जन चमकीला छन, जख फर्नीचर सोना क छन, जख हीरा अर मोती रस्तों मा पड्याँ रौंदन! अर कास मि ऊख यहुद्यूं पवित्र धरती मा जै सकदो ! जु मि उख जै सकदो त कनि कौरिक बि लुकै छुपैक अपण ब्वे कुण पवित्र धरती से हीरा क मुरखल, अर कथगा इ मोत्यूं खगुळी, हंसुळी गुलबंद लान्दो. मीन अपण ब्वे क ज़िना द्याख अर जैन्क मुरखल पैर्या छ्या. मि तै अपण पुरखों पवित्र धरती क खुद लगण लगी गे. मि तै अपण यहुद्यूं पवित्र धरती जाणै बडी इच्छा हुण बिस्याई . मीन स्वाच बल मि चुपके से बगैर कै तै बतयाँ चुपके से पौणो दगड अपण असली धरती म जौलू . मि अपण जिकुड़ी क गाणि-स्याणि /तीब्र इच्छा सिरफ़ पौण तै बतौलु जां से क्वी कुछ नि जाणो . मि पौण से प्रार्थना करलू बल चाए कुछ दिनों को इ सै मि तैं यहुद्यूं क पवित्र धरती क दर्शन कारणों ली जाओ. मि तै पूरो भरवस छ बल पौण मि तै यहुद्यूं पवित्र धरती दिखालु. पौण बड़ो मयळु च, वैको व्यवहार नौकरानि दगड बी भलो च अर जरूर पौण मि तै इजराइल हमारो असली देस लिजालो.
ये मेरी ब्वे! पौण न मेरी मन क बात पौढी दे.
पौण न बोली," प्यारे बच्चे ! धीरज धौर . पासोबर पूजा क बाद ही यांको प्रबंध करला."
मि सरा रात सुपन्याणो रौंऊ.
मीन सुपिन मा द्याख बल, मरुस्थल, रगड़, बळु , छाम (ताड़) का लदफक डाळ, मन्दिर, एक मन्दिर को बड़ो धर्म गुरु अर रौन्तील्या पहाड़,पाख पख्यड़.मी पख्यड़ (पहाड़ी ) मा चढ़णो छौं.वीं पवित्र धरती कि डाळियूँ पर हीरा -जवारात्यूँ फुळड़ा लग्यां छन. म्यरा दगड्या हीरा -जवारात्यूँ क डाळियूँ मा चड्या छन अर डाळो फ़ौट्यूँ /शाखाओं तै हलाणा छन. हीरा जवारात दणमण दणमण कौरिक भीम /भ्युं पड़णा छ्या.में जमीन मा इ रैक हीरा जवारात टिपणु छौं अर सरासरी अपण खीसा पुटुक घळणु छौं.खौंळयाणै बात या छे बल मि जनि जनि हीरा जवारत खीसा पुटुक घळदु ग्यों तनि तनि मेरो खीसा पुटुक हौरी बि जगा बढ़दि गे. मि अपण खीसा भरदो ग्यों , भरदो ग्यों. अर फिर सुपिन मा मीन अपण खीसाउन्दन चीजुं तै भैर गाड त वो हीरा जवारात नि छया बल्कण मा पवित्र धरती का फल जन कि सेव, आड़ू, दळिम, खजूर, बेडु-तिमला, ओलिव, अखोड़ जन फल छ्या. मी दुखी ह्व़े गेऊं. अर मीन ऊं सौब फलूं तैं इना उना चुलै दे.
फिर मि सुपिन मा क्या दिखदु बल मि यहुद्यूं क पवित्र धरती क मन्दिर मा छौं. मीन पुजारी क मंत्र सुणिन, लेविट को गाणा सुणिन, ओरगन बजद सूण. मि मन्दिर भितर जाण चाणो छौ. मेरी नौकरानी रिन्केल न म्यार हथ पकड्या छन अर वा मि तै मन्दिर भितर नि जाणि दीणि च. मीन भौत मिन्नत कौर पण वा नि मानी . फिर मि दुखी ह्व़े गेऊं. मि बिज्दो छौं अर मेरो बुबा-ब्व़े दुखी छन. मेरी ब्व़े का कंदुड़न्द मुर्खल नि छ्या, मेरो बुबा जी अध्नंगा छया. सबि रुणा छ्या. मेरो छ्व्टो मगज मा कुछ बि बिंगण /समज मा नि आणों छौ.
असलियत मा हमर पौण गायब छौ अर हमर ड्यारौ सौब मंहगा भांड -कूंड, सोना चांदी क भांड-कूंड जन कि चांदी चमचा, चांदी चक्कू, ब्वेक जर जेवरात सौब गायब छ्या इख तलक कि नौकरानी रिंकल बि गायब छे.
मेरी जिकुडि मा छाळा पोड़ी गेन। दुख यांको नि छौ बल ड़्यारक चांदी क कप, चांदी क तस्तरी , चांदी क चमचा, चांदी क करछुल, गायब छन. दुख यांको बि नि छौ बल ब्वेका गैणा (जेवरात ) गायब छन अर ना इ दुख यांको छौ बल नौकरानी रिकल गायब च. दुख यांको छौ बल पवित्र धरती गायब छे, वा धरती गायब छे जख रस्तों मा हीरा , मोती , जवरात होन्दन, दुख यांको छौ कि वा धरती गायब छे जख मंदिरूं मा धर्म गुरु होन्दन, जख मंदिरूं मा लाइवेट होन्दन, मंदिरूं मा ओरगन बजये जांद, मन्दिर कि वेदी गायब हुणो दुख छौ, मन्दिर की बली वेदी गायब हुणो दुख छौ, असली दुख यांको छौ बल क्वी मी मांगन पवित्र धरती की सुन्दर से सुन्दर चीज ली गे, मी मांगन ली गे, मी मांगन ली गे.
मीन अपण मुख दीवाल ज़िना कौर अर सुरक सुरक किराण बिसे गेऊं
Reference:
Sholom Aleichem, 1923 , THE PASSOVER GUEST , Great Short Stories of the World
( १०७५ पेज की यह पुस्तक मैंने सडक से खरीदी थी व कई पन्ने फटे हाल में हैं कुछ पन्ने गायब या खस्ता हालत में हैं इसलिए सम्पादकों का नाम उपलब्ध नही है.)