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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Tuesday, October 8, 2013

कुपोषण का प्रति सहानुभूति -सांत्वना का छै बूँद आंसू

चबोड़्या -चखन्यौर्या -भीष्म कुकरेती 
कुपोषण ( जोर जोर से किरांद/ रूणु ) च )-  ये ब्वे !  अब मीन नि बचण ! अब सरा भारत  से  म्यार सुफड़ा हूण वाळ च।  अच्छा भारत मा ना सै पण गुजरात मा मेरी चिता जरुर जगण वाळ च।
एक आवाज -हैं ! ये कुपोषण जु तू हमेशा अट्टाहासी हंसी हँसदो छौ अर आज ह्यळि गाडि गाडिक मृत्यु -सूचक रुण रूणु छे ? 
कुपोषण (और जोर से किरांद)- हां भारत मा म्यार  दिन बस खतम हूण इ वाळ च! मेरि डंडलि (अर्थी ) सजण इ वाळ च।  अब मीन नि बचण !  हे ब्वै ! जथुग खाण छौ मीन सि ख़याल अब मेरि निखणि हूणि वाळ च।   औ ! मेकुण  झ्यार (भयंकर बीमारी ) ऐ ग्यायि , ह्ज्या जन बीमारी ऐ ग्याइ ! 
वै आवाज - हे भै मालन्युट्रिरेसन ! तू तो हमेशा यमराज जन निडर , निश्चिंत , रागस जन निर्द्वंद रौंद थौ अर आज इन रूणु छे जन बुल्यां  ज्युंरा त्यार समणी बैठ्युं ह्वावो !
 कुपोषण (बदहवासी मा हौर जोर से कष्टदायक रुण )- हां  मौत समणि दिख्यांदि त  यमराज बि रुण बिसे जांद। 
हैंकि आवाज - अरे  तलक तू बतैल ना , हम तैं कनकै पता चलण कि ह्वाइ क्या च ?
मालन्युट्रिरेसन (बौऴयांद /पागलपन मा उठा पोड़ी करद -करद ) - हाँ जै पर बितदी वी जाणदु कि क्या ह्वाइ !
बच्चों पालन पोषण मा असावधानी (प्यार से कुपोषण तैं एक जगा मा बिठांदु ) -ये म्यार प्रिय से प्रिय भाणजो !  ह्वेक बता कि क्या ह्वाइ। म्यार हूंद त्वै तैं किलै लग बल  तेरि मौत अति नजीक च ?
कुपोषण - बच्चों पालन पोषण मा असावधानी मामा ! आज गुजरात  कंट्रोलर ऑफ ऑडिट जनरल याने कैग की रिपोर्ट आयि बल गुजरात मा हर तिसुर बच्चा कुपोषण कु शिकार च।
 बच्चों पालन पोषण मा असावधानी (ढाढस का भाव मा )- प्रिय भणजु ! पैल त भारत मा सरकारी रिपोर्ट से सरकार  निंद कबि नि बिजद। अर गलती से मिस्टेक ह्वे बि जावो अर सरकारी तन्त्र चेति बि जावो त मि छौं ना ! अरे जब तलक ब्वै बाब अपण बच्चों स्वास्थ्य का प्रति असावधान रालो तब तलक त्वै पर  भारत मा  क्वी लात नि मार सकुद।  अब उठ अर भैर जा खेल अर चट से  हजार -द्वी हजार बच्चों तैं मारिक आ।
मालन्युट्रिरेसन ( जोर जोर से  रुंद रुंद ) -पण कैग रिपोर्ट से लोग  अपण बच्चों पोषक तत्वों प्रति सजग ह्वै ग्यायि त फिर म्यार क्या ह्वालु ?
भारतीय सामजिक विन्यास (कुपोषण कु पीठ मलासदु ) हे म्यार घिरळु ! ये म्यार भतिजु ! जब तलक मि छौं त भारत मा समाज मा बालिकाओं प्रति भेद भाव अवश्य ज़िंदा रालु त क्या च तू लाखों बच्चियों तैं एक साल ना त पांच साल की आयु मा भी मारि सकद कि ना ?
कुपोषण (फिर जोर से रूंद )- काका ! अर जु कखि भारतीय अपण बेट्युं तैं महत्व   दीण हरु कौर द्याल तो ?
गलत विश्वास  (कुपोषण क आंसु पुंजद - पुंजद ) ये ल्वाळ कुपोषण  ! जब तलक भारतीय म्यार कारण सांस्कृतिक विरासत पर चिपकणै आदत नि छ्वाड़ल या स्वास्थ्य संबंधी अंधविश्वास नि छ्वाड़ल तब तलक क्वी बि त्यार बाल बि बांका नि कौर सकुद।   
स्वास्थ्य संबंधी अंध विश्वास (सांत्वना दींद)  हाँ हे भुला ! म्यार रौंद रौंद त भारतीय गर्भवती स्त्रियों तैं पूरो भरपेट अर पौष्टिक भोजन दीण से त राइ।  जब तलक मेरी हकूमत भारत मा च तब तलक भारत मा सैकड़ों स्वास्थ्य संबंधी अंध विश्वास राल अर इन तेरो यानी कुपोषण को भी राज दगड़ मा चलणु रालु।
मालन्युट्रिरेसन (अपण छाती पीट पीटिक रूंद )- अर कखि भारतीयों मा चेतना ऐ ग्यायि तो ? फिर मि त कखि जोग नि रौलु ?
पुरुष मानसिकता (कुपोषण कु बिखर्यां बाळ ठीक करद -करद ) - ये म्यार लाटो ! म्यार अधिपत्य जब तलक रालो त त्यार बि राज रालु। देख जब तलक ब्वेऊंक/माऊंक बच्चों लालन पोषण पर अधिपत्य नि ह्वावो तो समजि ले कि त्यार क्वी कुछ नि बिगाड़ सकुद। 
कुपोषण (इन किरांद  आग मा जळणु ह्वावो ) -अर अब जब जनानी बि नौकरी करण लगि गेन त जनानी अपण बच्चों भोजन मा पोषक तत्वों पर  देला कि ना ?
सामाजिक मजबूरी (मालन्युट्रिरेसनक  धूंद -धूंद )- बेटा ! चिंता नि कौर।  जख ब्वे बाब द्वी नौकरी करदन उख बच्चों मा जंक फ़ूड , आलतू -फालतू खाणो आदत बढ़दी, कुटैमौ खाणा खाणै आदत बि बढ़दि। 
 मालन्युट्रिरेसन- (जोर की चिल्लाहट ) -पण जब पैसा ऐ जांद तो ….
अप्रभावकारी शिक्षा (कुपोषणक मुंड मलासद -मलासद ) - कुछ नि हूंण ।  ,  मन से डौर निकाळ फेंक।  म्यार रौंद रौंद ये भारत मा कुछ नि ह्वै सकद।
कुपोषण (फिर ऐड़ाट -भुभ्याट करद )-   अर भारतीय सरकार त गरीबी हटाण चाणि च। 
राजनैतिक गुळादंगी -पैंतराबाजी (मालन्युट्रिरेसन तैं दुधारी पिलांद )- ब्यटा ! जब तलक म्यार राज च तो भारत से गरीबी त नि हट सकद।  देख गुजरात की सरकार विरुद्ध कैग की रिपोर्ट आइ  तो कौंग्रेस -भाजपा मा  प्रत्यारोप का बम चलण शुरू ह्वे गेन  अर ये चकर मा मूल विषय याने कुपोषण जन संवेदनशील की बात कखि नि हूण।  कुपोषण ख़तम करणै  जगह भाजपा वाळुन  राहुल गांधी पर लांछन लगाण कि राहुल भारतीय परोंठा की जगा इटालियन पिजा खांद अर कॉंग्रेसियुंन  पर भगार लगाण कि भले ही मोदी भारत को  प्रधान मंत्री क ख्वाब दिखणु च पण अबि बि गुजराती फाफड़ा खांद अर मद्रासी इडली डोसा  नि खांद। भारतीय जनता पार्टी का नेता नीतीश कुमार पर भगार लगाला कि बिहार मा पांच साल से तौळक  80  % बच्चा कुपोषण  का शिकार छन।   फिर बिहार का जनता दल युनाइटेड का नेता बिहार मा कुपोषण का क्या हाल छन की बात छोड़िक   नरेन्द्र मोदी पर लांछन-भगार लगाला कि चूंकि नरेन्द्र मोदी धर्मनिरपेक्ष नी च तो मध्य प्रदेश मा 60 % बच्चा कुपोषण से अंडरवेट  (उम्र का लियाज से कम वजन ) छन।  कौंग्रेस राष्ट्रीय स्वयं संघ पर लांछन लगालि बल चूँकि भारत मा हिन्दू वादी तागत बढ़णि च त  पंजाब, हरियाणा अर जम्मू -कश्मीर मा नौनी कम पैदा हूणा छन। बस एकाद दिन मा  कुपोषण की बहस नरेन्द्र मोदी सेक्युलर च कि ना अर राहुल गांधी मा नेतृत्व का गुण छन कि ना पर अटक जालि अर तू मजा से अपण राज्य फैलाव मा लगि जैलि। 
कुपोषण (हंसी खुसी पंड़ो नचण लग जांद ) - अरे हां जब तलक भारत मा राजनैतिक गुळादंगी -पैंतराबाजी राली म्यार क्वी कुछ नि बिगाड़ सकुद।  जै जै बोलो राजनैतिक गुळादंगी की -जय हो राजनैतिक पैंतराबाजी की ! 

भारतीय न्याय पद्धति - खामोश !  ! मि ज़िंदा छौं अर क्रियाशील बि छौं। 
( एकदम सन्नाटा )



Copyright@ Bhishma Kukreti  7  /10/2013 



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