उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Thursday, May 2, 2013

लेडी लक

गढ़वाली हास्य -व्यंग्य 
सौज सौज मा मजाक मसखरी 
हौंस,चबोड़,चखन्यौ   
सौज सौज मा गंभीर छ्वीं 
                                  लेडी लक 

                          चबोड़्या - चखन्यौर्या: भीष्म कुकरेती (s = आधी अ )
घरवळि बुलण बिस्यायि बल ," सुणो तुमर लक आज तलक  नि चौल त जावदि जरा पंडी जी मा जनम पत्री  दिखै लयावो। पंडी जी बथाला बल तुमर लेडी लक कनो बदलल "
मि - अब जब, अब तक कुछ नि ह्वे त अब क्या ह्वालो। कख छे तू बि बेकार कि बतौं मा।लेडी लक उक कुछ नि होंद।"
घरवळि- तुमर दगड त ज्युंरा बि क्या जीतल। भाग हूंद च।
मि -भाग ऊग कुछ नि हूंद 
घरवळि - हूंद च  अब द्याखो ना ओबेराय होटलों जनक ऐम ऐस ओबेराय को हाल देखि ल्यावदि। शिमला गे छया सरकारी कलर्क  बणणो पण बौणि गेन शिमला को  सिसिल होटलम  कलर्क अर फिर हूंद करदा 1933  मा एम् एस ओबेरायन कोलता को ग्रैंड होटल किराया पर ले अर फिर चली ओबेराय होटलुं चेन।        
मि -हूंद च कबि। कथगा इ लोग बणन कुछ चांदा छा अर बौणि कुछ हौरि जांदन।    
घरवळि - ह्यां पण तुमर दगड़ किलै नि जावो तुम अपण  टिपड़ा दिखैक लावो  
 मि -इन जी हूंद त ..
घरवळि - तुमर दगड़ लगण बोलो तो। उ पौढ़ नि रैनबक्सी कम्पनी इतिहास। कि सिंह ब्रदर्स जो द्वैवों वितरक  छ्या  एक इटालियन तै क्या मिलें कि भाग इ खुलि गेन   
मि - कबि कबि इन बि होंद 
घरवळि -  पण तुम तैं किलै ना क्वी इटालियन मील ?किलै तुम किक सम्पर्क माँ नि अयाँ?
मि -सब बुलणा बात छन  
घरवळि -  बुलणा बात क्या छन। तुम जाणदा छा ना अजीत वाडेकर तैं?  
मि -हां जब हम मर्फी डबल विकेट टूर्नामेंट और्गेनाइज करदा छा त वाडेकर जी मिलदा छा 
घरवळि -  तो याद च जब सन इकहतरम ऊं तैं वेस्ट इन्डीज जाण वळ क्रिकेट टीम  माँ जगा नि मिलणि छे तो क्या ह्वे छौ? 
मि -तब इन्डियन क्रिकेट सलेक्सन कमेटी का अध्यक्ष विजय मर्चेंट क वोट से वो टीम मा सलेक्ट ह्वे गेन।
घरवळि -  फिर ?
मि -फिर क्या नबाब पटौदी तैं टीम मा जगा नि मील तो अजित वाडेकर तै टीम कप्तान बणाण पोड़  
घरवळि -  फिर ?
मि -फिर अजीत वाडेकर की अगुवाई मा भारतं पैल दै वेस्ट इंडीज अर इंग्लैण्ड क्रिकेट सिरीज जीत।
घरवळि -त ह्वाइ ना सी अजित वाडेकर पर लेडी लक की मेहरबानी। कख टीम मा इ जगा निश्चित नि छे अर कख कप्तान बौणि गेन। 
मि -त इख्मा क्या ह्वाइ विजय मर्चेंट मुंबई का छया तो वाडेकर सलेक्सन को सलेक्सन एक आम बात छे 
घरवळि -आर याद च मुहम्मद  अजरुद्दीन को सलेक्सन ?
मि -हाँ इंग्लैण्ड की क्रिकेट टीम सन चौरासी पिचासीमा इख आयिं छे अर  चौथा टेस्ट  की बारी आई अर अंशुमान गायकवाड बीमार पोड़ी गे अर अजरुद्दीन तै जगा मीलि  
घरवळि -अर फिर अजरुद्दीनन पैथर नि द्याख 
मि -क्रिकेट क्या सबि खेलों मा इनि होंद कि बहुत सी दें एक खिलाड़ी घैल या बिमार होंद तो नयो खिलाड़ी तैं जगा मीलि जांदी 
घरवळि -अर मोहिन्दर सिंह धोनी तै कनकै जगा मील?
मि -या तो बड़ी रोमांचक खानी च 
घरवळि -नै लेडी लक की मेहरबानी च 
मि -त्वी बि ना सब चीजुं मा लेडी लक तै कुच्याणि छे। 
घरवळि -क्यों ? जु दिनेश कार्तिक चोटिल नि होंद तो क्या धोनी तैं टेस्टम जगा मिल्दि? 
मि -हूंद च इन तो 
घरवळि -अर जु वीरेन्द्र सहबाग तै टेस्ट टीम से भैर नि करदा तो क्या शिखर धवन तैं जगा मिल्दि?
मि -हूंद च एक खिलाड़ी जांदो तो नया खिलाड़ी इन्डियन टीम आंदो इ च 
घरवळि -तो फिर , शिवलकर,  त्यागी जना महान स्पिनर्स भारतीय टीम नि ऐन 
मि -कुज्याण भै ! पण एक बात च खेलों मा अचाणचक भौत सी बात होंदन तो वूं बातुं  तैं लेडी लक से जुड़न ठीक नी च     


Copyright @ Bhishma Kukreti  2/05/2013            
(लेख सर्वथा काल्पनिक  है )

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत बहुत धन्यवाद
Thanks for your comments