उत्तराखंडी ई-पत्रिका की गतिविधियाँ ई-मेल पर

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

उत्तराखंडी ई-पत्रिका

Friday, July 28, 2017

बाकी त ठीक छन बस गब्दु बेटी बिहारी डिलेबरौ दगड़ भाजि गे

(Best  of  Garhwali  Humor , Wits Jokes , गढ़वाली हास्य , व्यंग्य )
-
  चबोड़ , चखन्यौ , ककड़ाट  :::   भीष्म कुकरेती    

मि -हैलो! हैलो ! भुंदरा बौ ?
भुंदरा बौ -हाँ बोल। 
मि -ये बौ क्या हाल छन ? गाँव मा ठीक ठाक छन ?
भुंदरा बौ - तुम बम्बै वाळु कुण त सब ठीकि  छन इख। 
मि - गांवम ठीक ठाक ? .. 
भुंदरा बौ - हाँ सि कुछ दिन पैल प्रधान कक्या ससुर जीन ड्याराडूणम जमीन खरीद याल। 
मि -पर वै काकाम त हींग खरीदणो पैसा नि छौ त  .... 
भुंदरा बौ - अरे एक दै आदिम प्रधान बौण ना कि चर्री तरफ बिटेन रुप्या झड़ण मिसे जांदन। 
मि - बकै ठीक छन ?
भुंदरा बौ -हाँ सि सात  दिन पैल जगदीश कौंक कूड़ बि भीम पोड़ी गे।  दिल्ली बिटेन जगदीशक फोन ऐ छौ बल चार छै मैनाम टैम लगल त आलु। 
मि -कुछ ज्यादा नुक्सान त नि ह्वे ?
भुंदरा बौ -नै नै जादा कुछ ना।  आठेक मूस , जण तीनेक गुरा मर्यां मिलेन अर .... 
मि -अर ?
भुंदरा बौ - कुछ बिंडी ना जगदीशौ कूड़  गोबिंदौ  कूड़ौ एक धौड़ बि दगड़म लीगे । बस।  
मि-हे मेरी ब्वे ! बकै ठीक ?
भुंदरा बौ -हाँ बकै ठीकी छन।  बस उ सतुरी कौंकि गौड़ी जंगळ बिटेन चार मैना बाद बाद वापस ऐ गे।  बिचारि सतुरी !
मि -क्या ?
भुंदरा बौ -अरे उ क्या च पैल क्वी गोर बुड्या ह्वे जांद छौ त गाँव वळ नजीमावादौ गलादारौं तै बेचि दींद छा।  हमर  ज्यान छुटि जांद छे तो उंकी जीमण ह्वे जांद छे। 
मि -अब  क्या ह्वे ?
भुंदरा बौ -अरे , ऊँ गुरकटा गौरक्षकों म्वाड़ नि मोरि गे ? सि अब नजीमाबादौ कसाइयों  तैं गढ़वाळ जिना आणि नि दीणा छन।  
मि -त ?
भुंदरा बौ - त क्या अब हम बांज -बुड्या गौड्यूँ तैं जंगळ ठेल दींदा कि उख बाग़ ले खाइ ल्यावो ऊँ बेकार का जानवरों तै पर सतुरी क गौड़ी से बाग़ बि डर गे सैत।  चार मैना बाद वा बुड्या गौड़ी पिलपिली बौणि बौड़ी  ऐ गे।  अब बिचारि सतुरी तै बांज गौड़ी पळण इ पोड़ल।  
मि - औ ! बकै ठीक ना ?
भुंदरा बौ - हाँ बकै सब ठीकी छन।  उ किशनान यम ये , बीयड कौर छौ कि मास्टर बौणल।  मास्टरी मील नी , तीन साल से खाली छौ तो वैन बि गदनम खाली घटम दारु बणाणो काम शुरू कौर याल।  सबि बुलणा छन बल किसना मास्टरी से त जादा इ कमाल।  
मि -ये ! बकै सब ठीक ?
भुंदरा बौ - हाँ वु चार दिन पैलि गब्दु बेटी बिहारी डिलेबरौ  दगड़ तिबर  भागी गे पर बकै सब ठीक ठाक छन गाँव मा 



 -
Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India , 13 /7/ 2017 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल हौंस , हौंसारथ , खिकताट , व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
-
 Best of Garhwali Humor Literature in Garhwali Language , Jokes  ; Best of Himalayan Satire in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  Uttarakhand Wit in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  North Indian Spoof in Garhwali Language Literature ; Best of  Regional Language Lampoon in Garhwali Language  Literature , Jokes  ; Best of  Ridicule in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  Mockery in Garhwali Language Literature  , Jokes    ; Best of  Send-up in Garhwali Language Literature  ; Best of  Disdain in Garhwali Language Literature  , Jokes  ; Best of  Hilarity in Garhwali Language Literature , Jokes  ; Best of  Cheerfulness in Garhwali Language  Literature   ;  Best of Garhwali Humor in Garhwali Language Literature  from Pauri Garhwal , Jokes  ; Best of Himalayan Satire Literature in Garhwali Language from Rudraprayag Garhwal  ; Best of Uttarakhand Wit in Garhwali Language from Chamoli Garhwal  ; Best of North Indian Spoof in Garhwali Language from Tehri Garhwal  ; Best of Regional Language Lampoon in Garhwali Language from Uttarkashi Garhwal  ; Best of Ridicule in Garhwali Language from Bhabhar Garhwal   ;  Best of Mockery  in Garhwali Language from Lansdowne Garhwal  ; Best of Hilarity in Garhwali Language from Kotdwara Garhwal   ; Best of Cheerfulness in Garhwali Language from Haridwar    ;गढ़वाली हास्य -व्यंग्य ,  जसपुर से गढ़वाली हास्य व्यंग्य ; जसपुर से गढ़वाली हास्य व्यंग्य ; ढांगू से गढ़वाली हास्य व्यंग्य ; पौड़ी गढ़वाल से गढ़वाली हास्य व्यंग्य ; 
Garhwali Vyangya, Jokes  ; Garhwali Hasya , Jokes ;  Garhwali skits , Jokes  ; Garhwali short Skits, Jokes , Garhwali Comedy Skits , Jokes , Humorous Skits in Garhwali , Jokes, Wit Garhwali Skits , Jokes  


Thanking You