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उत्तराखंडी ई-पत्रिका

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Wednesday, May 11, 2016

उत्तराखंड में तो फौग चल रआ है

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                   उत्तराखंड में तो फौग चल रआ है 

 चबोड़ , चखन्यौ , चचराट :::   भीष्म कुकरेती   
-
मीन भुंदरा बौ कुण फोन कार। 
मि -हेलो ! हैलो ! कुछ तो बोल 
भुंदरा बौ -बिंडि नि हिला तै फोन तैं।  बोल क्यां     ?
मि -चलती क्या खंडाला ?
भुंदरा बौ - अपणी फूफू तै खंडाला -घंडाला लीजा ज्वा अच्काल मुंबई आईं छन। 
मि -ये बौ तू कब ऐलि मुंबई ?
भुंदरा बौ -फंड फूंक तैं मुंबई तै।  हमकुण त अपणु गाँव डिजनी लैंड च। 
मि - अच्छा क्या चलणु च तख ?
भुंदरा बौ -अच्काल तो सरा उत्तराखंड मा फौग चल रिया है। 
मि -फौग अर बैशाख -जेठ मा ?
भुंदरा बौ -किलै ना ? 
मि - फौग त सौणा मैना चलदो अर कबि कबि तो पहाड़ी फौग मा अपणी खुट नि दिखेंदन।  इथगा धूमिल दृष्टि ह्वे जांद पहाड़ी कुयड़ याने फौग से। 
भुंदरा बौ - अरे वी त बुलणु छौं कि उत्तराखंड मा फौग चल रआ है। 
मि -ऊँ ऊँ क्या बुल .. 
भुंदरा बौ -अरे कुछ दिन पैली सरा उत्तराखंड मा अभागी बणांक नि लग छै ?
मि -मीन टीवी मा द्याख।  एक साल सिलोगी डांड पर बणांक लग छे त  इथगा  धुंआ ह्वे छौ कि दिन मा इ  मि अपण हाथ नि देखि सकणु छौ। 
भुंदरा बौ - तो बीस पचीस दिन बणांकौ फौग सरा उत्तराखंड मा घुमणु राइ।  उ त मोदी जिठा जी का भाग्य अच्छु छौ जु बरखा ह्वे अर बणांकौ फौग हटि गे।     
मि -हाँ फारेस्ट फायर फौग बड़ो खतरनाक हूंद हाँ।  फिर हौर  क्या हाल छन ?
भुंदरा बौ -अरे ब्वाल नी उत्तराखंड मा फौग इ चल रआ है।  
मि -ह्यां  बणांग की आग खतम  फौग बि ख़तम।  
भुंदरा बौ -कनो उत्तराखंड मा बमतलबौ राष्ट्रपति शासन से कम फौग पैदा ह्वे क्या ?  सब्यूं की नजर कार्यपालिका से  हटिक  नैनीताल हाई कोर्ट  दिल्ली सुप्रीम कोर्ट पर लगीं रैन कि असमजस का धुंवा हट जावो। 
मि -हाँ ब्याळि तक असमजस का फौग उत्तराखंड मा तो छौ।  चलो अब बिचारो हरीश दा  2017 कु चुनाव तक चैन से मुख्यमंत्री की कुर्सी तुड़ना राला !   
भुंदरा बौ -जब कलजुगी वात्सायन तिवाड़ी जी की पुराणि चेली इंदिरा हृदयेश मुख्यमंत्री ख्वाब दिखण लग जा तो अस्थिरता को फौग उत्तराखंड मा बण्यु ही रालो कि ना ?
मि -हाँ पर यु फौग उथगा खतरनाक नि रालो।  और सुणा तख  क्या चलणु च ?
भुंदरा बौ - बस उत्तराखंड मा फौग इ चलणु च। 
मि -अब क्यांको फौग ?
भुंदरा बौ -कनो पर्यटन व्यापार मा फौग नी चलणु च।  कुछ पता नी चलणु च कि उत्तराखंड पर्यटन का भविष्य क्या रालो।  भाजपा वळु रांड ह्वे अर यूंन फ़ोकट मा राजनैतिक अस्थिरता पैदा कर दे। 
मि -हाँ पोलटिकल अनस्टेबिलिटी पर्यटन का वास्ता हमेशा ही घातक हूंद।  हिमाचल  पर्यटन अधिक विकसित ह्वे तो कारण या छौ बल उख  पोलिटिकल स्टेबिलिटी ही राइ। 
भुंदरा बौ - वी तो बुलणु छौ मि।  इख भाजपा का कार्यकर्ताओं का मन मा फौग याने घंघतोळ च कि यदि यी बागी  कॉंग्रेसी भाजपा मा शामिल ह्वाला तो डेडिकेटेड कैडर कु क्या कुहाल होलु ? ऊना कॉंग्रेसी कार्यकर्ताओं मा त फौग ही फौग च कि जब हम अपणो घौर हि नि समाळ सकणा छंवां तो हम क्या ख़ाक प्रदेश समाळ सकला ? सब जगा फौग ही फौग च फैल्युं।  मानसिक कुयडु ! 
मि -छोड़ न ये बौ।  किस किस को रोये , किस किस को हंसें , आराम बड़ी चीज है मुंह ढक के सोएं। 
भुंदरा बौ -स्वार्थी नागरिक कहींका ! अरे  किस किस को रोये , किस किस को हंसें , आराम बड़ी चीज है मुंह ढक के सोयें ' मानसिकता ही तो इस देश का बेड़ा गर्क कर रही है।  स्वार्थी नागरिक ! अगर कुछ गलत हूणु च त नागरिक हस्तक्षेप आवश्यक च। 
अर गुस्सा मा भुंदरा बौन फोन काटी दे। 


12/5/2016 ,Copyright@ Bhishma Kukreti , Mumbai India 
*लेख की   घटनाएँ ,  स्थान व नाम काल्पनिक हैं । लेख में  कथाएँ चरित्र , स्थान केवल व्यंग्य रचने  हेतु उपयोग किये गए हैं।
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